कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम में डॉ. नागेश त्रिपाठी, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष, संगीत विभाग तथा डॉ. महानंद द्विवेदी, पूर्व प्राचार्य, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक चिंतक एवं समाजशास्त्री मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वहीं डॉ. वंदना त्रिपाठी, प्राध्यापक हिन्दी, डॉ. विनोद विश्वकर्मा, सह प्राध्यापक हिन्दी एवं डॉ. प्रदीप विश्वकर्मा, सहायक प्राध्यापक हिन्दी ने विशिष्ट वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए।
तुलसी का काव्य जनमानस का काव्य, वर्तमान समय में हर व्यक्ति को इसे पढ़ने की जरूरत : डॉ. नागेश त्रिपाठी

रिपोर्टर:Shashank Dwivedi | रीवा रियासत
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- शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा के हिन्दी क्लब ने आयोजित किया कार्यक्रम, वक्ताओं ने तुलसी के काव्य में लोकमंगल, मर्यादा और समन्वय को बताया महत्वपूर्ण







