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भोपाल में रीवा के हिस्ट्रीशीटर पर हमले का खुलासा: खनन वर्चस्व की जंग में तोड़े गए कुलदीप पटेल के हाथ-पैर, 500 CCTV से आरोपी गिरफ्तार

- भोपाल में हिस्ट्रीशीटर पर हमले का खुलासा
- अवैध खनन वर्चस्व बना हमले की वजह
- 500 CCTV खंगालकर SIT ने 2 आरोपी पकड़े
- रीवा के खनन ठेकेदार को बताया गया मास्टरमाइंड
Bhopal Attack Case Update – पुलिस के हाथ बड़ी सफलता
भोपाल में रीवा के निगरानीशुदा हिस्ट्रीशीटर कुलदीप सिंह पर हुए सनसनीखेज हमले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना के 8 दिन बाद एसआईटी ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला अवैध खनन में वर्चस्व को लेकर की गई सुनियोजित साजिश थी।
500 CCTV से खुला राज – ऐसे पकड़े गए आरोपी
आरोपी नकाब पहनकर और बिना नंबर की कारों से आए थे, जिससे पहचान मुश्किल हो गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। लगातार ट्रैकिंग के बाद एसआईटी आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस की दो टीमें बीते पांच दिनों से रीवा में डेरा डाले हुई थीं। पुख्ता सूचना के आधार पर अनिल कुशवाह और अखिलेश पांडे को गिरफ्तार किया गया।
Mining Turf War – क्यों बनाया गया कुलदीप को निशाना
जांच में सामने आया है कि रीवा में अवैध खनन को लेकर कुलदीप सिंह और सचिन कुशवाह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। कारोबार और इलाके में वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों के बीच पहले भी काउंटर केस दर्ज हो चुके हैं।
इसी रंजिश के चलते बदले की नीयत से 25 जनवरी 2026 को भोपाल के कोलार इलाके में कुलदीप को दो कारों से घेरकर हथौड़े, सब्बल और डंडों से बेरहमी से पीटा गया।
हथौड़े से हाथ-पैर तोड़े, कार में भी तोड़फोड़
हमलावरों ने कुलदीप को तब तक पीटा, जब तक वह बेसुध नहीं हो गया। उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए और कार में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। बीच-बचाव करने आए उसके रिश्तेदार अशुमति सिंह के साथ भी मारपीट की गई।
अस्पताल में इलाज जारी
घायल कुलदीप सिंह को भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने उसके बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कुलदीप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड
रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र निवासी कुलदीप सिंह एक निगरानीशुदा हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार सहित 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था।
कुलदीप पटेल: अपराध की पूरी टाइमलाइन
कुलदीप के आपराधिक सफर का घटनाक्रम
छोटी-मोटी वारदातों से अपराध की दुनिया में कदम और रीवा शहर में नेटवर्क विस्तार।
23 फ़रवरी 2012 को प्रतीक सिंह पर जानलेवा हमला। धारा 307 के तहत मामला दर्ज और राहुल सिंह से गहरी दुश्मनी की शुरुआत।
सिरमौर चौराहा पर राहुल सिंह के साथियों को मारने की कोशिश, लेकिन मासूम छात्र हर्ष सिंह की मौत। 9 साल के लम्बे ट्रायल के बाद इस केस में 30 जनवरी 2021 को कुलदीप को आजीवन कारावास की सजा हुई।
ट्रायल के दौरान पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया, जबलपुर में पकड़ा गया।
राहुल सिंह पर सतना के रेलवे स्टेशन में हमला, 5 साल की अतिरिक्त सजा।
हर्ष हत्याकांड में जमानत पर बाहर आया। आते ही चोरहटा में एक व्यक्ति की खदान हड़पने का नया केस दर्ज।
कोलार (भोपाल) में 6 युवकों ने कुलदीप को कार से उतारकर हथौड़े और रॉड से पीटा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
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❓ FAQs – भोपाल हमला केस अपडेट
भोपाल में रीवा के हिस्ट्रीशीटर कुलदीप पर हमला कब हुआ था?
यह हमला 25 जनवरी 2026 को भोपाल के कोलार इलाके में हुआ था, जब कुलदीप सिंह को कार से बाहर खींचकर हथौड़े, रॉड और डंडों से बेरहमी से पीटा गया।
इस हमले के पीछे क्या वजह सामने आई है?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला अवैध खनन के कारोबार में वर्चस्व को लेकर किया गया था। खनन क्षेत्र में नियंत्रण को लेकर चल रही पुरानी रंजिश इसका मुख्य कारण बताई जा रही है।
अब तक इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
घटना के करीब 8 दिन बाद पुलिस की एसआईटी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
पुलिस आरोपियों तक कैसे पहुंची?
आरोपी नकाब पहनकर और बिना नंबर की कारों से आए थे। इसके बावजूद पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
हिस्ट्रीशीटर कुलदीप सिंह पर कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं?
रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र निवासी कुलदीप सिंह एक निगरानीशुदा हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
घायल कुलदीप सिंह की हालत फिलहाल कैसी है?
हमले के बाद कुलदीप सिंह को भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उसका इलाज जारी है और पुलिस उसके बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
क्या इस केस में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
पुलिस के अनुसार यह मामला संगठित साजिश से जुड़ा है। SIT अन्य आरोपियों और मास्टरमाइंड की भूमिका की जांच कर रही है, इसलिए आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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