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MP में शिक्षकों को बड़ी राहत: 35 साल की सेवा पर मिलेगा चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान, कैबिनेट ने ₹322.34 करोड़ मंजूर किए

- 35 साल की सेवा पूरी करने पर मिलेगा चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान
- सहायक शिक्षक, शिक्षक और प्राथमिक–माध्यमिक शिक्षक होंगे लाभार्थी
- 1 जुलाई 2023 से योजना प्रभावशील
- सरकार ने ₹322.34 करोड़ की राशि मंजूर की
MP Teachers News – मध्यप्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना को लागू करने की स्वीकृति दे दी गई। इस फैसले से उन शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है या 1 जुलाई 2023 के बाद पूरी करेंगे।
इस योजना के तहत शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक शामिल होंगे। सरकार ने इसके लिए कुल 322 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि मंजूर की है, जिससे राज्य के शिक्षा विभाग में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को आर्थिक सम्मान मिलेगा।
Cabinet Meeting Highlights | मंत्रि-परिषद बैठक की अहम बातें
यह महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी मंत्री टैबलेट के साथ बैठक में शामिल हुए, जो राज्य सरकार की डिजिटल कार्यप्रणाली की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।
बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रि-परिषद ने माना कि वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों को समय-समय पर आर्थिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि उनका मनोबल बना रहे और वे पूरी ऊर्जा के साथ बच्चों के भविष्य को संवार सकें।
What is Fourth Time-Scale Pay? | क्या है चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान
चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का अर्थ है—सेवा की एक निश्चित अवधि पूरी करने के बाद बिना पदोन्नति के भी वेतनमान में वृद्धि। यह उन कर्मचारियों के लिए होता है, जिनके पद पर प्रमोशन की संभावनाएं सीमित होती हैं, लेकिन वे वर्षों तक लगातार काम करते रहते हैं।
मध्यप्रदेश में पहले ही प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान की व्यवस्था लागू है। अब 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा, जिससे उनका वेतनमान अगले स्तर पर पहुंच जाएगा।
Who Will Get Benefit? | किन शिक्षकों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ शैक्षणिक संवर्ग के अंतर्गत आने वाले— सहायक शिक्षक, शिक्षक, और नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक को मिलेगा।
जो शिक्षक 1 जुलाई 2023 तक या उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, वे इस योजना के पात्र होंगे। इससे उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से एक ही पद पर कार्यरत हैं और अब तक उच्च वेतनमान से वंचित थे।
Financial Impact on Government | सरकार पर कितना भार पड़ेगा
MP Teachers Pay Hike योजना के लागू होने से राज्य सरकार पर कुल ₹322 करोड़ 34 लाख का वित्तीय भार पड़ेगा। यह राशि सीधे शिक्षकों के वेतनमान में वृद्धि के रूप में खर्च की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह खर्च केवल आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में किया गया एक दीर्घकालिक निवेश है।
अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से हजारों ऐसे शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने तीन दशक से अधिक समय तक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को संभाला है। सरकार का उद्देश्य है कि सेवा के अंतिम चरण में पहुंचे शिक्षकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिले।
How Salary Will Change | वेतन में क्या बदलाव आएगा
चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान मिलने के बाद शिक्षकों का वेतनमान अगले स्तर पर पहुंच जाएगा। इसका अर्थ यह है कि बिना पदोन्नति के ही उन्हें उच्च वेतनमान का लाभ मिलेगा। इससे मासिक वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और पेंशन से जुड़ी गणनाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उन शिक्षकों के लिए खास तौर पर राहत लेकर आएगा, जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं। उच्च वेतनमान का सीधा लाभ उन्हें रिटायरमेंट बेनिफिट्स में भी मिलेगा।
Impact on Education System | शिक्षा व्यवस्था पर असर
सरकार का मानना है कि इस फैसले से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा। लंबे समय से एक ही पद पर कार्य कर रहे शिक्षकों में यह भावना बनी रहती थी कि उनकी मेहनत का आर्थिक मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। अब यह योजना उस असंतोष को कम करेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब शिक्षक सुरक्षित और संतुष्ट महसूस करते हैं, तो उसका सीधा असर कक्षा के माहौल और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता पर पड़ता है। इस लिहाज से यह निर्णय केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक कदम है।
Teachers’ Reaction | शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया
प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठनों का कहना है कि वर्षों से यह मांग लंबित थी। कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन के जरिए सरकार से अनुरोध किया गया था कि 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को भी क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाए।
शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रि-परिषद का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इससे प्रदेश के हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
Q&A | योजना से जुड़े अहम सवाल-जवाब
चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना क्या है?
यह योजना सेवा की एक निश्चित अवधि पूरी करने पर बिना पदोन्नति के उच्च वेतनमान देने की व्यवस्था है।
किन शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा?
सहायक शिक्षक, शिक्षक और नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।
यह योजना कब से लागू मानी जाएगी?
यह योजना 1 जुलाई 2023 से प्रभावशील मानी जाएगी।
सरकार ने इसके लिए कितनी राशि मंजूर की है?
राज्य सरकार ने कुल ₹322 करोड़ 34 लाख की राशि स्वीकृत की है।
क्या इससे पेंशन पर भी असर पड़ेगा?
हां, उच्च वेतनमान मिलने से पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभों में भी बढ़ोतरी होगी।
इस फैसले का शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता और कक्षा का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है।
Rewa Riyasat News
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