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'बाहर मत निकलना, सामान ऑनलाइन मंगवा लेना' – वायरल कॉल में खौफ में दिखे मऊगंज MLA, बोले: तीन साल ऐसे ही बिताने होंगे

रीवा। मऊगंज के भाजपा विधायक प्रदीप पटेल से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई है। इस वायरल ऑडियो-वीडियो में विधायक अपने परिवार के सदस्यों से मोबाइल पर बात करते हुए बेहद आशंकित और डरे हुए नजर आ रहे हैं। “यह खबर हमारी पिछली रिपोर्ट ‘मऊगंज MLA 20 दिनों से लापता…’ का फॉलो-अप है।” बातचीत के दौरान वे साफ कहते सुनाई देते हैं—
“घर से बाहर बिल्कुल मत निकलना। अगर कोई घंटी बजाए तो तुरंत दरवाजा मत खोलना। किसी चीज़ की जरूरत पड़े तो ऑनलाइन मंगवा लेना, लेकिन अकेले बाहर मत जाना।”
यह वही विधायक हैं, जो तीन जनवरी को हुए विवाद के बाद से क्षेत्र से गायब हैं और जिनका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद बताया जा रहा है।
विधायक न सिर्फ परिवार को सतर्क रहने की सलाह देते हैं, बल्कि यह भी कहते हैं कि उनके सेवा कार्य पहले की तरह चलते रहेंगे। वे परिवार से आग्रह करते हैं कि अधिकारियों तक लोगों की समस्याएं पहुंचाते रहें और कार्यकर्ताओं से कहें कि कोई आक्रोश में न आए, किसी तरह का विवाद न करें।
विधायक प्रदीप पटेल - बायोग्राफी
मऊगंज विधानसभा, मध्य प्रदेश
व्यक्तिगत परिचय
| नाम | प्रदीप पटेल |
| पद | विधायक (मऊगंज विधानसभा) |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| कार्यकाल | 2018 से वर्तमान |
| पेशा | राजनेता एवं कृषि |
राजनीतिक सफर
प्रदीप पटेल मध्य प्रदेश के एक प्रभावशाली भाजपा नेता हैं। उन्होंने मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार जीत हासिल की है।
- 2018 चुनाव: पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और कांग्रेस के सुखेंद्र सिंह बन्ना को 11,092 वोटों के अंतर से हराया।
- 2023 चुनाव: पुनः इसी सीट से निर्वाचित हुए। इस बार उन्होंने सुखेंद्र सिंह को 7,174 वोटों से शिकस्त दी और कुल 70,119 वोट प्राप्त किए।
हालिया विवाद
19 नवंबर 2024 को, विधायक प्रदीप पटेल देवरा गांव में महादेव मंदिर के पास अतिक्रमण हटाने के लिए समर्थकों और जेसीबी के साथ पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों और समर्थकों के बीच हिंसक झड़प, पथराव और आगजनी हुई। इस मामले में उन पर FIR दर्ज की गई और उन्हें हिरासत में भी लिया गया था।
3 जनवरी 2026 को मऊगंज में एक विवादित जमीन के मामले में हस्तक्षेप करने पहुंचे विधायक को भीड़ ने न केवल दौड़ाया, बल्कि उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि विधायक को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा और काफी समय तक थाने में शरण लेनी पड़ी। मामले में कई लोगों के ऊपर एफ़आईआर दर्ज कराई गई है। इसके बाद से विधायक क्षेत्र में नही देखे गए।
“तीन साल ऐसे ही बिताना है”
वायरल कॉल में परिवार के एक सदस्य “अर्जुन” से बात करते हुए विधायक यह भी कहते हैं—
“अब क्षेत्र में मेरा जाना न के बराबर होगा। तीन साल ऐसे ही बिताना है, उसके बाद क्या करना है, तब देखा जाएगा।”
इस पर परिवार की ओर से सवाल उठाया जाता है कि लोग पूछ रहे हैं विधायक जी कहां हैं, और जब वे खुद सुरक्षित नहीं हैं तो जनता का क्या होगा। जवाब में विधायक कहते हैं—
“मेरे पास भी लोगों के फोन आ रहे हैं, लेकिन सबको सब कुछ नहीं बताया जा सकता। अधिकारी बुलाएं तो बैठक में चले जाना।”
इस बातचीत के सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक असमंजस में पड़ गए हैं। कई लोग इसे भविष्य की राजनीति के संकेत के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर सुरक्षा संकट का प्रमाण मान रहे हैं।
मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल
बेटे अर्जुन के साथ हुई बातचीत का पूरा अंश
एक्सक्लूसिव बातचीत
विधायक ने आगे कहा:
- जनता की समस्याओं के लिए लेटर पैड का उपयोग जारी रहेगा।
- प्रशासनिक मीटिंग अब अर्जुन पटेल अटेंड करेंगे।
- सुरक्षा कारणों से विधायक अभी क्षेत्र में नहीं रहेंगे।
5 जनवरी के बाद से नहीं दिखे विधायक
प्रदीप पटेल 5 जनवरी के बाद से अपने विधानसभा क्षेत्र में नहीं दिखे हैं। 3 जनवरी की रात वे मऊगंज में एक भूमि विवाद के मामले में मौके पर पहुंचे थे, जहां कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि वे एक पक्ष का कब्जा कराने आए हैं। इसी दौरान भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी और विधायक को घेर लिया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला।
इसके बाद विधायक ने आरोप लगाया कि मऊगंज में “मूसा गैंग” सक्रिय है और उससे उनकी जान को खतरा है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री स्तर तक की, लेकिन ठोस आश्वासन न मिलने के कारण मोबाइल बंद कर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए।
अब वायरल हो रहा यह वीडियो पहली बार सीधे तौर पर दिखाता है कि विधायक सिर्फ राजनीतिक रूप से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर भी गहरे भय में हैं। यह मामला अब केवल “लापता विधायक” का नहीं रह गया है, बल्कि एक ऐसे जनप्रतिनिधि की कहानी बनता जा रहा है, जो सत्ता में होते हुए भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




