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मऊगंज MLA 20 दिन से लापता: विवाद के बाद से कहां हैं विधायक प्रदीप? कोई संपर्क नहीं; मूसा गैंग से जान का खतरा

Aaryan Puneet Dwivedi
26 Jan 2026 9:35 AM IST
Updated: 2026-01-28 06:45:56
मऊगंज MLA 20 दिन से लापता: विवाद के बाद से कहां हैं विधायक प्रदीप? कोई संपर्क नहीं; मूसा गैंग से जान का खतरा
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रीवा के मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल पिछले 20 दिनों से लापता हैं। 3 जनवरी की विवादित घटना के बाद उन्होंने क्षेत्र छोड़ दिया। मोबाइल बंद है, कोई संपर्क नहीं। मूसा गैंग से जान का खतरा बताया गया है।
  • मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल 20 दिनों से क्षेत्र से नदारद
  • 3 जनवरी के विवाद के बाद छोड़ा विधानसभा क्षेत्र
  • मोबाइल फोन बंद, किसी से संपर्क नहीं
  • मूसा गैंग से जान का खतरा बताकर भोपाल रवाना हुए

Mauganj MLA Missing – सियासी गलियारों में हलचल

रीवा जिले की मऊगंज विधानसभा इन दिनों एक अनोखे राजनीतिक संकट से गुजर रही है। यहां से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल पिछले 20 दिनों से क्षेत्र से नदारद हैं। न वे अपने विधानसभा क्षेत्र में लौटे हैं और न ही उनसे किसी प्रकार का संपर्क हो पा रहा है। विधायक का मोबाइल फोन लगातार बंद है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं, प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच चिंता और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

सवाल यह है कि आखिर एक सत्ताधारी दल का विधायक अचानक अपने क्षेत्र से गायब क्यों हो गया? और वह भी तब, जब इलाके में विकास कार्य, सामाजिक कार्यक्रम और राजनीतिक गतिविधियां लगातार चल रही हैं।

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3 जनवरी की घटना – विवाद से शुरू हुआ संकट

पूरा मामला 3 जनवरी को मऊगंज बायपास पर हुई एक विवादित घटना से जुड़ा है। यहां विनोद मिश्रा और लल्लू पाण्डेय के बीच चल रहे जमीन विवाद के दौरान विधायक प्रदीप पटेल मौके पर पहुंचे थे। तभी वहां मौजूद उग्र भीड़ ने विधायक को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और किसी तरह विधायक को भीड़ से निकालकर उनकी गाड़ी तक पहुंचाया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग उनकी गाड़ी के सामने खड़े होकर विरोध करते रहे। यह दृश्य इलाके में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।

पुलिस कार्रवाई – 150 लोगों पर केस

घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 100 से 150 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। इनमें से 8 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। प्रशासन ने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं था, बल्कि इसमें स्थानीय गुटबाजी और प्रभावशाली वर्गों की भूमिका भी सामने आई, जिसने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया।

भोपाल रवाना, फिर अचानक गायब

घटना के अगले दिन यानी 4 जनवरी को विधायक मऊगंज में ही रहे, लेकिन 5 जनवरी को वे भोपाल के लिए रवाना हो गए। इसके बाद से वे मऊगंज वापस नहीं लौटे हैं।

क्षेत्र छोड़ने से पहले विधायक ने खुद को ‘मूसा गैंग’ से खतरा बताया था। बताया जाता है कि भोपाल पहुंचने के बाद उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया और विधायक विश्राम गृह व सरकारी गनमैन को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर ठहर गए। इसके बाद से उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

कार्यक्रमों से दूरी – पार्टी में बेचैनी

क्षेत्र से अनुपस्थित रहने के साथ ही मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने पार्टी और सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली है। हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में उन्हें विशिष्ट अतिथि बनाया गया था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

इतना ही नहीं, भाजपा कार्यालय में आयोजित रीवा सांसद की पत्रकार वार्ता में भी विधायक मौजूद नहीं थे। हालांकि, भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद कॉलेज के पास उनका एक बैनर जरूर लगाया गया, जिसमें उन्होंने बधाई संदेश दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि औपचारिक रूप से वे पार्टी से जुड़े हुए हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरी तरह अज्ञातवास में चले गए हैं।

थाने के रोजनामचा में दर्ज हुआ था ‘मूसा गैंग’

करीब एक साल पहले मऊगंज थाने में तत्कालीन थाना प्रभारी सनत कुमार द्विवेदी ने एक आरोपी को पकड़ा था। इसके बाद कुछ लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया, जिससे आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी।

इस घटना के बाद थाना प्रभारी ने रोजनामचा में कुछ आरोपियों के नामों के साथ ‘मूसा गैंग’ का उल्लेख किया था। तभी से यह नाम स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा में आ गया।

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आखिर कौन है ‘मूसा गैंग’? मऊगंज में बढ़ती चर्चा का सच

मऊगंज इलाके में मूसा नाम का एक बदमाश चर्चा में आया था, जिसके पास से चोरी के वाहन बरामद हुए थे। एक हमले के दौरान उसने खुद ‘मूसा गैंग’ का नाम लिया था, जिसके बाद से यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस का आधिकारिक बयान: रिकॉर्ड में कोई गैंग नहीं

एसपी दिलीप कुमार सोनी का स्पष्टीकरण:

“पुलिस रिकॉर्ड में ‘मूसा गैंग’ नाम की कोई औपचारिक गैंग दर्ज नहीं है। अपराधी मूसा के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। जिले में वर्तमान में कोई ऐसी गैंग सक्रिय नहीं है।”

स्थानीय स्तर पर इस गैंग के साथ कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के नाम भी जोड़े जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासनिक तौर पर अभी तक किसी भी संगठित गैंग की पुष्टि नहीं हुई है।

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सवाल जो खड़े हो रहे हैं

एक सत्ताधारी दल के विधायक का स्वयं को असुरक्षित बताकर क्षेत्र छोड़ देना और 20 दिनों तक वापस न आना कई गंभीर सवाल खड़े करता है:

क्या विधायक को वाकई किसी गैंग से जान का खतरा है? यदि हां, तो प्रशासन ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं की? और यदि खतरा वास्तविक नहीं है, तो फिर क्षेत्र छोड़ने का कारण क्या है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति, गुटबाजी और प्रशासनिक विश्वास से जुड़ा हुआ है।

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❓ FAQs – पाठकों के सवाल

मऊगंज विधायक कब से लापता हैं?

विधायक प्रदीप पटेल 5 जनवरी के बाद से क्षेत्र में वापस नहीं लौटे हैं और अब तक करीब 20 दिन बीत चुके हैं।

विधायक ने क्षेत्र क्यों छोड़ा?

3 जनवरी की विवादित घटना के बाद विधायक ने मूसा गैंग से जान का खतरा बताया और भोपाल रवाना हो गए।

क्या ‘मूसा गैंग’ वास्तव में मौजूद है?

पुलिस के अनुसार, रिकॉर्ड में ऐसी कोई गैंग दर्ज नहीं है। मूसा नाम का एक अपराधी था, जिस पर पहले कार्रवाई हो चुकी है।

क्या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है?

फिलहाल पार्टी स्तर पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं में बेचैनी और असमंजस साफ नजर आ रहा है।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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