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शीशे की तरह चमकता है भारत की इस नदी का पानी, पारदर्शिता ऐसा कि तल भी दिखता है साफ़

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:22 AM GMT
शीशे की तरह चमकता है भारत की इस नदी का पानी, पारदर्शिता ऐसा कि तल भी दिखता है साफ़
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भारत में एक नदी ऐसी भी है जिसका पानी शीशे की तरह चमकता है. इसके पानी की पारदर्शिता ऐसी है कि तल में डूबी एक छोटी सी वस्तु भी बड़ी आसानी से देख

शीशे की तरह चमकता है भारत की इस नदी का पानी, पारदर्शिता ऐसा कि तल भी दिखता है साफ़

आकांक्षा द्विवेदी। भारत में एक नदी ऐसी भी है जिसका पानी शीशे की तरह चमकता है. इसके पानी की पारदर्शिता ऐसी है कि तल में डूबी एक छोटी सी वस्तु भी बड़ी आसानी से देखी जा सकती है.
हम में से अधिकतर लोगों को आलीशान होटल या बड़ी बड़ी इमारतों से ज्यादा प्रकृति के करीब जाना ज्यादा पसंद होता है.आपको भी अगर ऐसी ही जगह पर घूमने का शौक है, तो हम आपको ऐसी जगह के बारे में जहाँ पर देश-विदेश से हज़ारो पर्यटक बोटिंग करने के लिए आते हैं.

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उमंगोत,भारत -बांग्लादेश सीमा के पास पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक छोटे लेकिन व्यस्त कस्बे दावकी के बीच से बहती है.यह कस्बा राजधानी शिलांग से मात्र ९५ किलोमीटर दूर है.इस नदी की ख़ास बात ये है कि ये कांच जैसी पारदर्शी है.

ये है ख़ास बातें

दावकी भारत और बांग्लादेश के बीच एक व्यस्त व्यापार मार्ग की तरह कार्य करता है. हर दिन सैकड़ो ट्रक इस कस्बे से होकर गुजरते हैं.दावकी भाइअर और बांग्लादेश के बीच एक व्यस्त व्यापार मार्ग की तरह कार्य करता है.उमंगोत आस-पास के क्षेत्रों के मछुआरों के लिए मछली पकड़ने की एक प्रमुख जगह है. इस पर बोटिंग करने से ऐसा लगेगा जैसे कांच पर तैर रहे हो कुछ लोगों को विश्वास नहीं होता कि इतनी साफ़ नदी हमारे देश में भी हो सकती है,जिसमे कूड़े का एक भी टुकड़ा नज़र नहीं आता इसके सफाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस पर नाव के चलने पर ऐसा लगता है कि मानो वह किसी कांच के पारदर्शी टुकड़े पर तैर रही हो.

होती है हर दिन सफाई

अब आप सोचते होंगे कि इसे किस तरह साफ़ किया जाता है कि यह इतनी साफ़ है. तो आपको बता दें कि इसकी सफाई रोजाना की जाती है. यह नदी 3गाँवों होकर बहती है.जिसके कारन इन 3गाँव के लोगो के ऊपर ये जिम्मेदारी है। गाँव में करीब 300 से ज्यादा घर हैं जो कि मिलकर सफाई करते हैं. यदि यहाँ कोई गंदगी फैलता है तो उसके ऊपर 5000रूपए का जुर्माना होता है।
समय और पर्यटकों की संख्या के हिसाब से महीने में एक,दो या चार दिन कम्युनिटी डे के होते हैं. इस दिन गाँव के हर घर से कम से कम एक व्यक्ति नदी की सफाई के लिए आता.

कैसे पहुचें

सड़क यात्रा द्वारा डॉकि शिलांग के रास्ते से अच्छी तरह जुडा हुआ है, इसलिए यह जाने के लिए आप कोई निजी वाहन बुक करा सकते है या फिर यह तक के लिए बस की सुविधा भी उपलब्ध है.
ट्रैन से गुवाहाटी रेलवे स्टेशन यहाँ का सबसे नजदीक स्टेशन है. डॉकि यहाँ से लगभग 180किलोमीटर की दूरी पर है.

इस समय होते है सबसे ज्यादा पर्यटक

इस जगह पर सबसे ज्यादा पर्यटक नवम्बर से अप्रैल तक आते है. मानसून के दिनों में यहाँ पर बोटिंग बंद कर दी जाती है. इतना ही नहीं यह पर एक ऐसा गांव है जिसे एशिया के सबसे साफ़ गांव का दर्जा भी मिला है.इस गाँव का नाम है 'मॉवलिननॉन्ग '.
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