ईरान में हालात बेकाबू: भारत सरकार ने नागरिकों को तुरंत निकलने की सलाह दी, तेहरान में आज 300 शवों का सामूहिक दफन

ईरान में हिंसक प्रदर्शन तेज, भारत सरकार ने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी। तेहरान में आज 300 शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार, प्रदर्शनकारी को फांसी की तैयारी।

Update: 2026-01-14 18:21 GMT
  • भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह दी
  • तेहरान में आज 300 शवों का सामूहिक दफन किया जाएगा
  • 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को फांसी की तैयारी
  • ट्रम्प की चेतावनी: प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई तो अमेरिका करेगा कड़ा एक्शन

World News – ईरान में हालात तेजी से बेकाबू होते जा रहे हैं। हिंसक प्रदर्शनों, मौतों और सरकार की सख्त कार्रवाई के बीच भारत सरकार ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए तत्काल एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय—चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यापारी हों या पर्यटक—उन्हें जितनी जल्दी हो सके देश छोड़ देना चाहिए

विदेश मंत्रालय की यह सलाह 5 जनवरी को जारी पिछली एडवाइजरी की अगली कड़ी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम ईरान की लगातार बदलती और बिगड़ती परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है। भारतीय नागरिकों को निर्देश दिया गया है कि वे विरोध-प्रदर्शनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया पर नजर रखें और भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें।

India’s Diplomatic Move | भारत की कूटनीतिक पहल

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार देर शाम ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की। इस बातचीत में ईरान में बिगड़ते हालात, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आगे की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

सरकार का साफ संदेश है—ईरान में मौजूद भारतीयों की जान सबसे ऊपर है। हालात जिस रफ्तार से बदल रहे हैं, उसमें किसी भी तरह का जोखिम उठाना ठीक नहीं माना जा रहा।

Tehran in Mourning | तेहरान में आज सामूहिक अंतिम संस्कार

अंग्रेजी अखबार द गार्डियन के मुताबिक, बुधवार को तेहरान में 300 शवों का एक साथ दफन किया जाएगा। यह कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा के बीच तेहरान यूनिवर्सिटी के कैंपस में हो सकता है। इन शवों में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

अमेरिका स्थित संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक ईरान में 2,550 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं—जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकारी पक्ष से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं, ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि देशभर में मरने वालों की संख्या 12 हजार तक पहुंच चुकी है।

Execution Looms | 26 साल के प्रदर्शनकारी को फांसी

ईरान में 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। द गार्डियन के मुताबिक, उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और महज तीन दिन बाद, 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुना दी गई।

उन पर “मोहरेबेह”—यानी ईश्वर और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने—का आरोप लगाया गया है, जो ईरानी कानून में सबसे गंभीर अपराधों में से एक है। न तो उन्हें पूरा ट्रायल मिला, न वकील और न ही अपील का अधिकार। परिवार को सिर्फ 10 मिनट की आखिरी मुलाकात का मौका दिया जाएगा।

Trump’s Warning | ट्रम्प की सख्त चेतावनी

Donald Trump Iran Warning – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों को सरेआम फांसी देना शुरू करती है, तो अमेरिका “बहुत सख्त कार्रवाई” करेगा। CBS को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान में फांसी का सिलसिला शुरू हुआ, तो “दुनिया कुछ ऐसा देखेगी, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा या आर्थिक एवं कूटनीतिक दबाव बढ़ाएगा।

Arab Nations’ Stand | अरब देशों की अपील

इजराइल और कई अरब देशों ने अमेरिका से अपील की है कि वह फिलहाल ईरान पर किसी भी तरह का सैन्य हमला न करे। एनबीसी न्यूज के मुताबिक, इन देशों का मानना है कि केवल विदेशी सैन्य कार्रवाई से ईरान की सरकार गिरने के बजाय हालात और जटिल हो सकते हैं।

सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देश कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका डर है कि यदि ईरान पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।

Economic Pressure on Iran | ईरान पर आर्थिक दबाव

ट्रम्प ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू बताया गया है। इससे चीन, यूएई और भारत जैसे देशों पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है, जो ईरान से व्यापार करते हैं।

ईरान की करेंसी रियाल लगभग शून्य मूल्य पर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत अब सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है। पहले से ही कड़े प्रतिबंधों से जूझ रही ईरानी अर्थव्यवस्था पर यह नया दबाव हालात और खराब कर सकता है।

Crown Prince Reza Pahlavi | निर्वासित क्राउन प्रिंस की भूमिका

अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने हाल ही में ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से गुप्त मुलाकात की है। रजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं और लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं।

रजा पहलवी पहले ही कह चुके हैं कि वे ईरान में बिना हिंसा सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया का नेतृत्व करने को तैयार हैं। उनका मानना है कि ईरान को एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश बनना चाहिए, जहां सत्ता जनता के मत से तय हो।

Middle East on Edge | मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

ईरान में जारी हिंसा अब केवल आंतरिक मामला नहीं रह गया है। यह संकट पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका, इजराइल और अरब देशों की अलग-अलग रणनीतियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिन बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़े, तो यह क्षेत्र एक बड़े भू-राजनीतिक टकराव की ओर बढ़ सकता है। इसी कारण भारत समेत कई देश अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की रणनीति अपना रहे हैं।

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Q&A | ईरान संकट से जुड़े अहम सवाल-जवाब

भारत ने अपने नागरिकों को क्या सलाह दी है?

भारत सरकार ने ईरान में मौजूद सभी भारतीयों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।

ईरान में कितने लोगों की मौत का दावा है?

मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार 2,500 से ज्यादा मौतें हुई हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट 12 हजार तक का दावा करती हैं।

26 वर्षीय प्रदर्शनकारी को क्यों फांसी दी जा रही है?

उस पर ‘मोहरेबेह’ यानी सरकार और ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है, जिसकी सजा मौत है।

अमेरिका क्या कदम उठा सकता है?

अमेरिका ने कड़े आर्थिक और संभवतः सैन्य कदमों की चेतावनी दी है, हालांकि अंतिम फैसला अभी स्पष्ट नहीं है।

इस संकट का वैश्विक असर क्या हो सकता है?

मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ सकती है, तेल बाजार और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकते हैं।

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