ईरान में खूनी बवाल: सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 217 मौतों का दावा, गोली से मरे ज्यादातर लोग; खामेनेई बोले- विदेशी एजेंट देश तोड़ना चाहते हैं
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 217 लोगों की मौत का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर प्रदर्शनकारी गोली से मारे गए। सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है, खामेनेई ने विदेशी साजिश का आरोप लगाया।
- तेहरान के छह अस्पतालों में 217 मौतों का दावा, ज्यादातर को गोली लगी
- सरकार का सख्त रुख, इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग बंद
- खामेनेई का आरोप – विदेशी एजेंट देश को तोड़ना चाहते हैं
- रजा पहलवी की वापसी की घोषणा, प्रदर्शन तेज होने की आशंका
Iran Protest Crisis | ईरान में विरोध प्रदर्शन बने खूनी संघर्ष
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। टाइम मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया गया है कि राजधानी के केवल छह अस्पतालों में ही कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से ज्यादातर लोगों की मौत गोली लगने से हुई है। गुरुवार रात प्रदर्शन तेज होने पर सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर फायरिंग की, जिसके बाद से लगातार कार्रवाई जारी है।
Security Crackdown | सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती दिनों में यह साफ नहीं था कि सरकार क्या रुख अपनाएगी। खुद एंटी राइट्स पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बल भ्रम में थे और किसी को यह नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है। लेकिन शुक्रवार को सामने आई खूनी तस्वीरों और सख्त बयानों से साफ हो गया कि अब सरकार पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है।
Internet Shutdown | संचार सेवाएं लगभग ठप
स्थिति को काबू में करने के लिए सरकार ने देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग बंद कर दी हैं। इससे प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय कमजोर पड़ा है, लेकिन गुस्सा कम नहीं हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो ईरानी सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
Experts Warning | एक्सपर्ट्स को आशंका- और बढ़ेंगी मौतें
विशेषज्ञों का मानना है कि अब जब प्रदर्शन मध्यम वर्गीय इलाकों तक फैल गए हैं, तो सरकार बेरहमी से कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है। ईरान पहले से ही इजराइल के साथ संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, गिरती अर्थव्यवस्था, बिजली और पानी की किल्लत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
Internal Tensions | सरकार के भीतर मतभेद
सरकार के भीतर भी मतभेद सामने आ रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान सार्वजनिक तौर पर नरम रुख दिखा रहे हैं, जबकि उनके कई मंत्री सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं। सरकार का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल इन प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं।
Economic Anger | महंगाई ने भड़काया जन आक्रोश
देशभर में GenZ और युवा वर्ग खास तौर पर नाराज है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। साल की शुरुआत से रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। यहां महंगाई चरम पर है—खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं में 50% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Tax Hike Anger | टैक्स बढ़ोतरी से भड़का गुस्सा
इसके अलावा 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। कई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है। कुर्द इलाकों में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
Khamenei Address | खामेनेई का राष्ट्र के नाम संदेश
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान “विदेशियों के लिए काम करने वाले भाड़े के लोगों” को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनों के पीछे विदेशी एजेंट हैं जो देश में हिंसा भड़का रहे हैं। खामेनेई ने कहा कि कुछ उपद्रवी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करना चाहते हैं।
Message to Trump | ट्रम्प को सीधा संदेश
खामेनेई ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक सैकड़ों हजारों लोगों के बलिदान से बनी है और जो लोग इसे नष्ट करना चाहते हैं, उनके सामने वह कभी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने ट्रम्प से कहा कि ईरान के मामलों में दखल देने के बजाय वे अपने देश की समस्याओं पर ध्यान दें।
Reza Pahlavi Move | क्राउन प्रिंस की वापसी की घोषणा
ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने घोषणा की है कि वह देश लौटकर चल रहे प्रदर्शनों में शामिल होंगे। 65 वर्षीय रजा पहलवी करीब 50 वर्षों से अमेरिका में निर्वासन में रह रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह अपने देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं ताकि “राष्ट्रीय क्रांति की जीत के समय” जनता के बीच खड़े रह सकें।
What Lies Ahead | आगे क्या हो सकता है
Iran Protests अब केवल राजनीतिक असंतोष नहीं रह गए हैं, बल्कि यह आर्थिक बदहाली और युवा आक्रोश का विस्फोट बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार का रवैया नहीं बदला, तो यह संकट और गहराएगा। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि ईरान संवाद का रास्ता चुनता है या टकराव का।
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ईरान में अब तक कितनी मौतों का दावा किया गया है?
रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है।
सरकार ने हालात काबू में करने के लिए क्या कदम उठाए?
सरकार ने इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग बंद कर दी हैं और सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खामेनेई ने प्रदर्शनों को लेकर क्या कहा?
खामेनेई ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के पीछे विदेशी एजेंट हैं और इस्लामिक रिपब्लिक कभी पीछे नहीं हटेगी।
रजा पहलवी की भूमिका क्या है?
क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने देश लौटने और प्रदर्शनों में शामिल होने की घोषणा की है, जिससे आंदोलन और तेज होने की संभावना है।