Trump Statement: भारत ने रूस से तेल आयात घटाया — मोदी जानते थे मैं नाखुश था, उन्हें मुझे खुश करना था: डोनाल्ड ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि भारत ने रूस से तेल आयात इसलिए कम किया क्योंकि वे उन्हें खुश करना चाहते थे। ट्रम्प ने कहा— जरूरत पड़ी तो टैरिफ बढ़ा सकते हैं। जानिए तेल आयात, डिस्काउंट, टैरिफ और ट्रेड टेंशन की पूरी कहानी।

Update: 2026-01-05 07:06 GMT
  • ट्रम्प का दावा — भारत ने रूसी तेल आयात इसलिए घटाया क्योंकि मुझे खुश करना था
  • जरूरत पड़ी तो टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी
  • रूस का डिस्काउंट घटा — अब दूसरे देशों से तेल खरीदना किफायती
  • दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की ऊर्जा नीति पर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि भारत ने रूस से कच्चा तेल आयात कम करने का फैसला इसलिए लिया, ताकि वे खुश रहें और व्यापारिक संबंधों में तनाव न बढ़े।

ट्रम्प का दावा — मुझे खुश करना था | Trump’s Remark On India

ट्रम्प ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ रिश्ते बेहतर रखना चाहते थे। इसी वजह से भारत ने रूसी तेल खरीद में कमी की। ट्रम्प के शब्दों में — “वे जानते थे की मैं नाखुश था! वे मुझे खुश करना चाहते थे… अगर मैं खुश नहीं होता तो टैरिफ बढ़ा देता।”

यूक्रेन युद्ध और तेल आयात | Ukraine War & Oil Shift

यूक्रेन युद्ध के बाद भारत दुनिया में रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। उस समय अमेरिका ने आरोप लगाया कि सस्ते रूसी तेल की खरीद से युद्ध को फंड मिल रहा है। इसी दौरान कई अतिरिक्त टैरिफ लगाए गए, जिनका असर भारतीय निर्यात पर भी पड़ा।

तेल खरीद में आई कमी | Decline In Russian Oil Imports

ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर से भारत का रूसी तेल आयात कम होने लगा। यह गिरावट लगातार जारी है और आने वाले महीनों में यह और नीचे जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला बाजार, कीमत और भू-राजनीतिक दबाव — तीनों कारणों से जुड़ा है।

रूस ने डिस्काउंट क्यों घटाया? | Why Russia Reduced Discount

युद्ध के समय रूस ने 20–25 डॉलर प्रति बैरल तक डिस्काउंट दिया था। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम हो चुकी हैं और छूट घटकर केवल 1.5–2 डॉलर रह गई है। साथ ही रूस से तेल मंगाने में शिपिंग और बीमा का खर्च भी ज्यादा पड़ता है। इसलिए भारत अब सऊदी, UAE और अमेरिका जैसे स्थिर सप्लायर्स की तरफ लौट रहा है।

टैरिफ विवाद और ट्रेड डील | Tariff Pressure & Trade Talks

अमेरिका ने भारत पर कुल लगभग 50% टैरिफ लगाए हैं। इनमें से बड़ा हिस्सा रूसी तेल पॉलिसी से जुड़ा है। भारत चाहता है कि इन टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और अतिरिक्त पेनाल्टी हटाई जाए। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है और परिणाम के इंतजार में उद्योग जगत की नजरें टिकी हैं।

FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या भारत ने सच में रूसी तेल आयात कम किया?

हाँ, हाल के महीनों में आयात में गिरावट आई है — कारण कीमत, दबाव और सप्लाई जोखिम।

Q2. ट्रम्प का बयान कितना प्रभाव डालता है?

बयान राजनीतिक है, लेकिन इससे टैरिफ और ट्रेड बातचीत पर असर पड़ सकता है।

Q3. क्या रूस से सस्ता तेल अब फायदेमंद नहीं रहा?

डिस्काउंट घटने और शिपिंग-बीमा महंगा होने से फायदा पहले जैसा नहीं रहा।

Q4. आगे क्या हो सकता है?

ऊर्जा खरीद में विविधता जारी रहेगी और टैरिफ पर समझौते की उम्मीद है।

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