चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मैहर माता का करे दर्शन, सिर्फ एक क्लिक में...
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सतना। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को देश के कोने-कोने से लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं ने मैहर पहुंचकर मां शारदा देवी के दर्शन किए।
सुबह से लेकर रात तक मां शारदा के जयकारों से त्रिकूट पहाड़ी गूंजती रही और भक्तों का रेला माता के दशर््ान के लिए आगे बढ़ता रहा।
मंदिर के प्रधान पुजारी ने सोमवार को माता का विशेष श्रंगार किया, जिससे माता का आलौकिक रूप देखकर भ्ाक्त आस्था में लीन हो गए।
कई भक्त तो ऐसे रहे जो लेटकर मंदिर परिसर तक पहुंचे। ऐसे में भक्तों की आस्था देखने ही बन रही है। इन भक्तों को देखकर अन्य भक्तगण मां के जयकारे लगाते रहे।
त्रिकूट पहाड़ी पर बना मां का मंदिर
मां शारदा शक्तिपीठासन के प्रधान पुजारी श्री-श्री 108 श्री देवी प्रसाद जी महाराज है। मां के दर्शनार्थ पधारे श्रद्धालुजन को इस स्थान पर विद्या, धन, संतान संबंधी इच्छाओं की पूर्ति होती है परन्तु इस स्थान का उपयोग किसी अनिष्ट संकल्प के लिये नही किया जा सकता।
ऐसी मान्यता है कि माता वैष्णवी है तथा सात्विक शारदा सरस्वती का साक्षात स्वरूप है। जो अध्यात्मिक क्षेत्र में बुद्धि, विद्या एवं ज्ञान की प्रदायनी देवी मानी जाती है। मां शारदा मंदिर पिरामिड आकार की पहाडी पर स्थित है। जहां पहुंचने के लिये 1052 पी सीढियां निर्मित हैं।
आल्हा को दिया अमरता का वरदान
मैहर मां शारदा देवी मंदिर के प्रधान पुजारी श्री श्री 108 देवी प्रसाद जी के पुत्र मंदिर के पुजारी पवन पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि
मां के भक्त महोबा के महापराक्रमी सेनापति आल्हा का अखाडा भी मां शारदा मंदिर पहाडी के समीप स्थित है। ऐसी मान्यता है कि घोर कलयुग में भी मां शारदा द्वारा आल्हा की भक्ति तथा तपस्या से प्रसन्न हो उन्हें अमरत्व प्रदान किया गया।
मां शारदा मंदिर प्रांगण में स्थित फूलमती माता का मंदिर आल्हा की कुल देवी का है जहां विश्वास किया जाता है कि प्रतिदिवस ब्रम्ह मुहूर्त में स्वयं आल्हा द्वारा मां की पूजा अर्चना की जाती है।