सतना में टीचर ने बच्ची को थप्पड़ मारा: गिरने से हाथ टूटा, पिता ने दर्ज कराई FIR; CCTV दिखाने से स्कूल ने किया इनकार

सतना के निजी स्कूल में UKG छात्रा को टीचर के थप्पड़ से चोट लगी। बच्ची का हाथ फ्रैक्चर हुआ। पिता ने शिकायत की, पुलिस ने केस दर्ज किया। स्कूल ने CCTV फुटेज देने से इनकार किया।

Update: 2026-01-07 12:52 GMT
  • सतना के निजी स्कूल में UKG छात्रा के साथ मारपीट का आरोप
  • टीचर के थप्पड़ से बच्ची गिरी, हाथ में फ्रैक्चर
  • पिता ने दर्ज कराई शिकायत, CCTV फुटेज दिखाने से इनकार
  • पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक निजी स्कूल की टीचर द्वारा होमवर्क न करने पर यूकेजी छात्रा को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। आरोप है कि थप्पड़ लगते ही बच्ची गिर गई और उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। परिवार ने स्कूल और टीचर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

घटना के अगले दिन पता चला फ्रैक्चर

मामला अमौधा स्थित निजी स्कूल सीएमए विद्यालय का है। 6 साल की बच्ची रोज़ की तरह स्कूल गई थी। आरोप है कि इंग्लिश टीचर सपना खरे ने होमवर्क अधूरा होने पर उसे थप्पड़ मार दिया। घर लौटने के बाद बच्ची ने हाथ में दर्द की शिकायत की, लेकिन अगली सुबह सूजन बढ़ने पर जब उसे जिला अस्पताल ले जाया गया तो एक्स-रे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने हाथ पर प्लास्टर चढ़ाया।

पिता ने दर्ज कराई FIR, कहा — बच्ची डर गई

पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि छोटी बहन का जन्मदिन था, इसलिए होमवर्क अधूरा रह गया था। लेकिन स्कूल में अनुशासन के नाम पर मारपीट की गई। परेशान होकर वे बच्ची को लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी।

स्कूल ने CCTV फुटेज देने से किया इनकार

शिकायत के बाद पिता स्कूल पहुंचे और क्लासरूम का CCTV फुटेज देखने की मांग की। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कहा — कैमरा कई दिनों से खराब है। परिजन का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार गलत है और यह कानून के खिलाफ है।

पुलिस ने टीचर पर केस दर्ज किया

थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह परिहार के अनुसार, शिकायत के आधार पर टीचर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और स्कूल स्टाफ से भी पूछताछ होगी।

बच्चों की पिटाई कानूनी तौर पर गलत

  • राइट टू एजुकेशन एक्ट, 2009 - सेक्शन 17(1) बच्चों की पिटाई और मेंटल हैरेसमेंट को बैन करता है। सेक्शन 17(2) के उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान।
  • NCPCR (नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) गाइडलाइंस बच्चे के खिलाफ उठाया गया कोई भी ऐसा कदम जिससे उसे दर्द या तकलीफ हो, फिजिकल पनिशमेंट माना जाएगा।
  • बच्चे को मुर्गा बनाना, कुर्सी पर खड़ा करना जैसी सजाएं भी शामिल।
  • हर स्कूल को बच्चों की शिकायत सुनने का मैकेनिज्म और प्रोटोकॉल्स डेवलप करना होगा।
  • स्कूल में जगह-जगह ड्रॉप बॉक्स लगाए जाएं ताकि बच्चे अपनी शिकायतें, बिना पहचान उजागर किए डाल सकें।
  • हर स्कूल 'कॉर्पोरल पनिशमेंट मॉनिटरिंग सेल' बनाए जिसमें 2 टीचर्स, 2 पेरेंट्स, 1 डॉक्टर, 1 वकील, 1 काउंसलर, 1 इंडिपेंडेंट चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट और 2 सीनियर स्टूडेंट्स शामिल हों।
  • जुविनाइल जस्टिस एक्ट - सेक्शन 75 के तहत बच्चों को जिसकी केयर में छोड़ा गया है, अगर वो बच्चे को हैरेस या अब्यूज करता है, तो उसे 5 साल की कड़ी सजा और 5 लाख रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है। कुछ मामलों में 10 साल की सजा का भी प्रावधान है।

FAQs — Satna School Case

बच्ची को कैसी चोट आई?

बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर आया और प्लास्टर चढ़ाना पड़ा।

क्या स्कूल ने CCTV दिया?

नहीं — स्कूल ने कैमरा खराब होने की बात कही।

पुलिस ने क्या किया?

टीचर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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