रीवा में अब तक सबसे बड़ा ATM फ्रॉड, एक साथ 18 मामलों का खुलासा, ऐसे देते वारदात को अंजाम
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रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. ये गिरोह काफी समय से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने ठगों की पहचान कर जाल बिछा महिला सहित तीन आरोपियों को पकड़ा है.
जबकि गिरोह का एक सदस्य फरार है. पूछताछ में एटीएम ठगी के 18 मामलों का खुलासा हुआ है. आरोपियों के पास से 59 एटीएम कार्ड, 1 लाख 13 हजार रुपए कैश, 102 ग्राम सोने एवं 500 ग्राम चांदी के आभूषण, एक स्कूटी सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुआ है.
59 ATM कार्ड, एक लाख से नकद बरामद ठगी के मामलों को पुलिस का काफी शिकायतें मिल रही थी. पुलिस ने बाकायदा टीम का गठन किया और पकड़ने के लिए जाल बिछाया. पुलिस ने उन ATM बूथों के सीसीटीवी फुटेज चेक किए जहां पर ठगों ने वारदात को अंजाम दिया था. रीवा पुलिस अधीक्षक आबिद खान ने क्राइम ब्रांच व साइबर सेल की टीम गठित की.
जिसके बाद टीम ने दबिश देनी शुरू की. वारदात को अंजाम देने का समय और लोगों की पहचान की गई. इस कार्यवाही में एक महिला सहित तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए. जबकि गिरोह का एक अन्य आरोपी गिरफ्त से बाहर.
पकड़े गए दो आरोपी संजय पाठक व संतोष पाठक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से हैं, जबकि आरोपी महिला माया अग्निहोत्री रीवा जिले के सिरमौर की रहने वाली है. आरोपियों के पास से 59 एटीएम कार्ड, 1 लाख 13 हजार रुपए कैश, 102 ग्राम सोने एवं 500 ग्राम चांदी के आभूषण, एक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुए हैं.
ऐसे देते वारदात को अंजाम ये ठग बड़े शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, वो भीड़-भाड़ या फिर एकांत वाले एटीएम बूथों को चुनते थे. एक सदस्य ATM बूथ के अंदर होता था. इस दौरान जिस व्यक्ति को शिकार बनाना होता था, उसके पीछे दो और लोग खड़े हो जाते. जैसे पैसे निकालने वाला अपना कार्ड मशीन में डालकर पिन डालता, गिरोह का दूसरा शातिर बदमाश उससे किसी तरह ध्यान भटकाकर कहता कि आपका एडीएम कार्ड मशीन एक्सेप्ट नहीं कर रही है.
इस दौरान पहले वाला बदमाश उसका पिन देख लेता और कार्ड बदल देता. जबकि महिला सदस्य एटीएम बूथ के बाहर पहरा दे रही होती थी. कार्ड बदलने के बाद बदमाश दूसरे एटीम बूथ से पैसे निकाल लेते. डेली लिमिट खत्म होने पर ऑनलाइन शॉपिंग भी करते थे. इन ठगों ने तकरीबन 18 वारदात का अंजाम देने की बात कुबूली है. गिरोह में उन्होंने एक और साथी के बारे में बताया जो फरार है.