महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया सड़क में नहीं सदन में उतरे, रीवा से शुरू होगा वचन वादा विसर्जन कार्यक्रम
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रीवा ... कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा अतिथि विद्वानों के चल रहे आंदोलन को समर्थन करने सड़क पर उतरने वाले बयान पर भड़के मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने कहा कि महाराज सिंधिया को सड़क पर नहीं सदन में उतरने की जरूरत आ गई है क्योंकि मध्यप्रदेश में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है कमलनाथ सरकार के लगभग डेढ़ वर्ष पूरे हो रहे हैं प्रदेश के अंदर अराजकता का माहौल है कांग्रेस पार्टी के सभी बड़े दिग्गज नेताओं ने जिलेवार जा जाकर चुनाव के समय सैकड़ों वचन वादे किए थे लेकिन अभी तक में एक भी वचन वादा पूरा नहीं किया गया श्री सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार के विरोध में नहीं जनता के हित की बात की है
अतिथि विद्वानों का धरना विगत कई माह से चल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री अभी तक में उनका हाल जानने तक नहीं गए यहां तक कि चंदिया में शिक्षक की मृत्यु भी हो गई आप उनका भी दुख जानने नहीं गए डेढ़ सालों में एक भी वचन वादा पूरा नहीं हुआ किसान कर्ज माफी का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार में अभी तक में सिर्फ 10% मात्र किसानों के कर्ज माफ हुए हैं आज किसान धान विक्रय करने महीनों से सड़क पर पड़ा हुआ है बेरोजगारी कम नहीं हुई स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं हुई जल संसाधन एवं उद्योग के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुए लगातार मध्यप्रदेश में खनिज का दोहन हो रहा है लोक निर्माण एवं परिवहन के क्षेत्र में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है शिक्षा स्वास्थ्य पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा मध्य प्रदेश के अंदर तालाबों पर बीजेपी व कांग्रेस के लोग कब्जा कर रहे हैं रीवा कोर्ट भवन मामले को लेकर कांग्रेस के बड़े नेता विवेक तंखा अजय सिंह राहुल राजेंद्र कुमार सिंह ने चुनाव के समय कोर्ट भवन यथावत किए जाने घोषणा किया था लेकिन सब वादे भूल गए कांग्रेस ने अपने बचन वादा में मध्य प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की बात कही थी लेकिन मध्य प्रदेश आज भ्रष्टाचार युक्त प्रदेश हो चुका है समूचे प्रदेश के अंदर एक व्यापार चल रहा है ट्रांसफर व्यापार जिसके चलते प्रत्येक महीने थाना प्रभारी से लेकर समूचे विभागों के आला अधिकारी बदल दिए जाते हैं
जब वह माहवार बंधी अटैची नहीं पहुंचा पाते हैं तब तत्काल उनका ट्रांसफर कर दिया जाता है विगत डेढ़ सालों से मध्य प्रदेश के अंदर ट्रांसफर योजना चालू है इसके अलावा सरकार ने कोई काम नहीं किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है सबसे अधिक भ्रष्टाचार राजस्व विभाग में है राजस्व विभाग का ऐसा कोई भी न्यायालय नहीं है जहां किसी भी पक्षकार को निष्पक्ष न्याय मिल सके l