जांच के दौरान हो सकता है बड़ा खुलासा, कई चिकित्सकों पर गिर सकती है गाज, ये है मामला : REWA NEWS

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Update: 2021-02-16 06:13 GMT

रीवा। मामूली मारपीट के मामलों में लेनदेन कर पीडि़त जहां गंभीर चोट के एमएलसी बनवा लेते हैं, वहीं लेनदेन कर गंभीर चोट को मामूली बना दिया जाता है। ऐसा कई बार सामने आ चुका है, जिसमें मामूली चोट की एमएलसी बनाने के बाद मरीज की मौत तक हो चुकी है। मामला उस समय उजागर हुआ जब एक मरीज की दो एमएलसी चिकित्सक के द्वारा थमा दी गई।

जानकारी लगते ही पुलिस के हाथ पांव फूल उठे और जांच किया तो पूरा मामला उजागर हो गया। कूटरचित एमएलसी बनाने के आरोप में स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। मामला बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 19 दिसबर 19 को बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के हरदी गांव निवासी एक ही परिवार के लोगों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। मामला थाना पहुंचा तो पुलिस ने घायल की एमएलसी कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा। जहां पदस्थ चिकित्सक डॉ वीके गर्ग ने साधारण चोट की एमएलसी बनाकर पुलिस को दे दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। कुछ समय बाद पीडि़त दूसरी एमएलसी की फोटो कॉपी लेकर थाना पहुंचा, जिसमें गंभीर चोट लगी होने की जानकारी दी गई थी। जिसके आधार पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जा सकता था। दो एमएलसी देखते ही बैकुंठपुर थाना प्रभारी दीपक द्विवेदी भौचक्का रह गए और मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद मामले की जांच कराई गई तो बैकुंठपुर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक वीके गर्ग दोषी पाए गए। जिनके खिलाफ शासकीय सेवक द्वारा मनगढ़ंत दस्तावेज तैयार करने के आरोप में धारा 166, 167, 193, 195 218 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया और आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है।

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