करहिया मंडी को बाईपास सड़क से जोडऩे का प्रस्ताव, अब ट्रांसपोर्ट नगर और सब्जी मंडी घनी बस्ती से बाहर होंगे : REWA NEWS
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat
शहर में बढ़ रहे यातायात के दबाव को कम करने के लिए अब शहर की घनी बस्ती से सजी मंडी और ट्रांसपोर्ट नगर को बाहर ले जाने की कवायद शुरू हो गई है। इस मामले में नगर निगम प्रशासक एवं संभाग के कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने नगर निगम के अधिकारियों को नगर की सजी मंडी को तथा यातायात को व्यवस्थित करने के निर्देश दिये हैं। कमिश्नर ने कहा कि शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर तथा सजी मंडी को घनी आवादी से बाहर ले जाने के प्रस्ताव तैयार करें। कृषि उपज मंडी करहिया में नवीन सजी मंडी का निर्माण पूरा हो गया है। यहां सजी तथा फल व्यवसाइयों की सुविधा के लिए करहिया मंडी को बाईपास सड़क से जोडऩे का प्रस्ताव तत्काल भेंजे। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि मंडी द्वारा सार्कइन होटल के पास से बाईपास मार्ग को जोडऩे के लिए 60 लाख रूपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
नेशनल हाइवे अधिकारी मार्ग जोडऩे की वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति शीघ्र प्राप्त करें। जिससे एप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। सजी मंडी के व्यवस्थित हो जाने से व्यवसायिओं तथा आम जनता दोनों को लाभ होगा। बैठक में शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू, उपायुक्त नगर निगम अरूण मिश्रा, सहायक यंत्री एस.के. चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण नरेन्द्र शर्मा, सचिव मंडी उमेश शुला तथा फल सजी व्यवसायी शामिल रहे। 8 साल बाद स्टे खारिज पूर्व में सजी मंडी को कराहिया कृषि ऊपज मंडी में शिट करने की कवायद शुरु की गई थी लेकिन रहीस अहमद,राजू,शारदा, एहसान अहमद सहित करीब 70 लोगो ने दायर की गई सात याचिका में पार्टी बन हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।
इसमें व्यापारियों ने मप्र शासन सहित नगर निगम, कलेटर रीवा सहित अन्य को पार्टी बनाया था। दर्ज याचिकाओं में व्यापारियों ने कहा कि उन्हें कराहिया मंडी में शिट होने में कई तरह की हानि होगी व कुछ ने कराहिया मंडी द्वारा दुकानों के लिए निकाले गए टेंडर का विरोध किया था। वर्ष 2012 में इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था लेकिन 8 साल बाद इस स्टे को न्यायाधीश सुजय पाल की बेंच में खारिज कर दिया गया है। अब इसे शिट करने में प्रशासन के सामने कोई अडंग़ा भी नहीं है।