एक तरफ रीवा में भू-माफिया पर जोरदार कार्रवाई, दूसरी तरफ तालाब हजम कर गया भू-माफिया
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रीवा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में माफियाराज पर कार्रवाई प्रारंभ की गई है। इसी कड़ी में रीवा में भी जिला प्रशासन ने सभी विभागों से ऐसे लोगों को चिन्हित करने के लिए कहा है, जो अपने-अपने क्षेत्र में माफिया की तरह कार्य करते हैं। इसमें भू-माफिया पर फोकस करने के लिए कहा गया है। एक ओर कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों की बैठकों का दौर चल रहा है तो वहीं भू माफिया खुले आम पहले की तरह अपना कारोबार संचालित कर रहा है। रायपुर कर्चुलियान के कुछ स्थानीय लोगों ने कलेक्टर से इसकी शिकायत की है और वहां की तस्वीरें भी प्रस्तुत की है, जिसमें दलसागर तालाब में प्लाटिंग किए जाने का कार्य चल रहा है।
लोगों ने कलेक्टर को यह भी बताया कि उक्त तालाब को नष्ट करने की साजिश चल रही है, जिस पर ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। यहां पर चले अवैध रूप से प्लाटिंग के कारोबार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी रोक लगा रखी है। इसके बावजूद क्षेत्रीय स्तर पर पदस्थ प्रशासनिक अमले के संरक्षण की वजह से कारोबार फलफूल रहा है। तालाब बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल में पूर्व जनपद अध्यक्ष लालबहादुर सिंह, आनंद सिंह, मोरध्वज सिंह, शैलेन्द्र निगम, श्यामजी श्रीवास्तव सहित अन्य ने कलेक्टर को रायपुर कर्चुलियान के पास स्थित दलसागर तालाब के प्राचीन महत्व को बताया और जानकारी दी कि एक ऐसे भी समय था जब इस तालाब के पानी से स्थानीय लोगों का गुजारा होता था, साथ ही मुसाफिरों के लिए भी यह बड़ी राहत पहुंचाता था।
लोगों ने यह भी जानकारी दी कि कलेक्टर की ओर से ही 16 जुलाई 2019 को एक आदेश जारी कर कहा गया था कि दलसागर में चल रहे प्लाटिंग के कार्य पर नजर रखें और चोरी छिपे यदि कोई निर्माण किया जाता है तो सख्ती के साथ कार्रवाई करें। इस आदेश के बावजूद खुलेआम जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है और प्लाट बेचने का विज्ञापन भी लिखा गया है। इन मांगों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बताया गया है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामला विचाराधीन होने के साथ ही रायपुर कर्चुलियान एसडीएम के यहां भी चल रहा है। जिसमें रायपुर कर्चुलियान, नाइन, रोर एवं खीरा गांव के ग्रामीणों की ओर से दी गई शिकायत पर श्यामसुंदर अग्रवाल एवं अन्य निवासी देवलोंद ब्यौहारी के विरुद्ध जांच चल रही है।
- धरने पर बैठने की दी चेतावनी तालाब का अस्तित्व बचाने के लिए शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने कहा है कि स्थानीय अमले की मिली भगत है, जिसमें कलेक्टर की ओर से यदि कोई सख्ती नहीं दिखाई जाएगी तो वहीं पर ग्रामीणों के साथ अनिश्चिकालीन धरना-प्रदर्शन प्रारंभ किया जाएगा। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन भी इसका उल्लेख किया गया है।
- दस दिन बाद भी माफिया की सूची नहीं हो पाई तैयार कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बैठक लेकर सभी अधिकारियों से कहा था कि वह अपने क्षेत्र में काम कर रहे माफिया को चिन्हित कर उसकी रिपोर्ट तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करें। इस पर करीब दस दिन का समय पूरा होने जा रहा है और अब तक प्रशासन के पास माफिया की रिपोर्ट नहीं पहुंच पाई है। इस तरह की धीमी गति से चल रही कार्रवाई से ही अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह औपचारिक खानापूर्ति की कार्रवाई है।
- प्रदेश के हर हिस्से में कार्रवाई, रीवा में नहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश के बाद मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को माफिया पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, भिंड, दमोह सहित प्रदेश के हर हिस्से में अवैध रूप से बनाए गए मकानों को गिराने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। लेकिन रीवा में अब तक चिन्हित करने का काम ही नहीं हो पाया है तो कार्रवाई दूर की बात है। पूर्व से चल रही एक जांच में नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर के दो मकानों को गिराने की तैयारी की थी। इसके लिए नोटिस के बाद कार्रवाई की तिथि भी निर्धारित हो गई थी लेकिन इसी बीच कोर्ट ने एक पर कार्रवाई रोक दी तो निगम के कदम भी रुक गए और अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि ट्रांसपोर्ट नगर के व्यवसायिक भूखंड पर उक्त लोगों ने मकान बना रखा है।