राजकीय सम्मान के पंचतत्व में विलीन हुए रीवा के लाल शहीद वीरेन्द्र, लेह-लद्धाख में हुआ था निधन
रीवा। होली के एक दिन पूर्व 9 मार्च को सीमा की सुरक्षा करते हुए रीवा के लाल का बर्फ में दब जाने के कारण दुखःद देहांत हो गया था। जिनका आज
सीमा की सुरक्षा के दौरान बर्फ में दबने से हुए थे शहीद
रीवा। होली के एक दिन पूर्व 9 मार्च को सीमा की सुरक्षा करते हुए रीवा के लाल का बर्फ में दब जाने के कारण दुखःद देहांत हो गया था। जिनका आज उनके गृह ग्राम मझिगवां, त्योंथर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। son of Rewa martyr Virendra, merged in the five elements with honor, died in Leh-Ladakh.
बता दें शहीद लाल वीरेंद्र कुशवाहा 9 मार्च को लेह-लद्धाख में सीमा की सुरक्षा कर रहे थें, इस दौरान बर्फ में दब जाने के कारण उनका निधन हो गया था। जिनका पार्थिव शरीर आज रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुआ, इस दौरान रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने उनके आखिरी दर्शन किए। रीवा की माटी के इस लाल के असामयिक देहांत से पूरा क्षेत्र शोक की लहर में डूबा हुआ है।