रीवा में 6 साल बाद आरोपी ने जघन्य अपराध का गुनाह कबूला: दोपहर में किशोरी की हत्या की, रात में अपनी बेटी की शादी; दुष्कृत्य के प्रयास के बाद उतारा मौत के घाट
रीवा पुलिस ने मऊगंज में 6 साल पहले हुए अंधी हत्या के मामले में बड़ा खुलासा किया है. पहले जिस घटना को पुलिस आत्महत्या मान रही थी, दरअसल में वह हत्या निकली. 6 साल बाद जब आरोपी ने गुनाह कबूला तब पुलिस के होश उड़ गए.
रीवा पुलिस ने मऊगंज में 6 साल पहले हुए अंधी हत्या के मामले में बड़ा खुलासा किया है.
रीवा. एक आरोपी ने हाल ही में एक जघन्य अपराध कबूल किया, जो 6 वर्षों से अनसुलझी पहेली था. उसने एक 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कृत्य का प्रयास स्वीकार किया. जब किशोरी ने विरोध किया और उसके हरकतों को दूसरों के सामने रखने की धमकी दी, तो उसने जघन्य कृत्य का सहारा लिया और किशोरी की जीवन लीला समाप्त कर दी. अपने अपराध को छुपाने के लिए किशोरी के शरीर को जला दिया ताकि इस कुकृत्य को आत्महत्या का रूप दिया जा सके.
यह घटना 6 साल पहले मऊगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई थी. एक किशोरी का शव उसके घर के सामने जला हुआ मिला था, कुछ सालों तक तो पुलिस इस मामले को आत्महत्या मानकर चल रही थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या करने और शव को जलाने की जानकारी सामने आई. 3 बाद यानी 2020 में इस मामले को पुलिस ने हत्या माना और नए सिरे से जांच शुरू हुई. लेकिन कुछ हाथ न आ सका, जिसकी वजह से जांच और मामला दोनों ठन्डे बिस्तर में चले गए. नवागत एसपी ने मामले को दोबारा ओपन कराया और जांच शुरू की तो पूरा मामला ही चौकाने वाला निकला.
नए एसपी ने नए सिरे से शुरू की जांच
नवागत एसपी विवेक सिंह के निर्देश पर एएसपी विवेक सिंह व एसडीओपी नवीन दुबे ने अपनी टीम के साथ इस पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से जांच शुरू की. मृतका मां को पूछताछ के लिए बुलाया गया. महिला ने घटना दिनांक को बब्बू सिंह उर्फ नारेन्द्र निवासी फूलकरण सिंह थाना मऊगंज की गाड़ी घर के सामने खड़ी देखे जाने की जानकारी दी. जब इस बात की जानकारी आरोपी को हुई तो वह फरार हो गया, जिससे पुलिस का संदेह और मजबूत हो गया. खुलासा के एक दिन पूर्व आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया, और तभी इस अंधी हत्या का खुलासा हो सका.
मां के साथ संबंध था, बेटी के साथ भी शारीरिक संबंध बनाना चाहता था आरोपी
पूछताछ में मामले की परत-दर-परत खुलती गई और सारा सच सामने आया. दरअसल, आरोपी बब्बू सिंह उर्फ नारेन्द्र का मृतका के महिला के साथ पूर्व से ही संबंध था, लेकिन उसने महिला से उसकी 16 वर्षीय किशोरी के साथ भी शारीरिक संबंध स्थापित करने की बात कही. यह बात 6 साल बाद महिला ने पुलिस को बताई. जिसके बाद बब्बू सिंह मुख्य संदेही बन गया और वह फरार हुआ तो शक यकीन में बदल गया.
पहले कत्ल किया फिर अपने बेटी के हाथ पीले किए
आरोपी ने जिस दिन इस वारदात को अंजाम दिया, उसके दिन उसने अपनी बेटी की शादी की थी. शाम को बेटी की बारात आनी थी, दोपहर आरोपी महिला को उसके घर काम के लिए घर बुलाने के लिए गया, महिला को उसने अपने घर छोड़ा, तब किशोरी घर में अकेले रह गई थी. फिर वह वापस महिला के घर गया, जहां किशोरी के साथ उसने दुष्कृत्य का प्रयास किया, लेकिन नाबालिग के विरोध करने पर वह असफल रहा, इसके बाद उसने गुस्से में किशोरी को तवा से मारा. जब किशोरी बेहोश हो गई तब उसने उसका गला दबाकर हत्या कर दी और मामला आत्महत्या का लगे इसलिए उसके घर के सामने ही किशोरी का शव केरोसिन डालकर जला दिया और अपने घर जाकर अपनी बेटी का विवाह और कन्यादान किया.
पुरष्कृत होगी पुलिस टीम
रीवा एसपी विवेक सिंह ने जिले के मऊगंज में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है. टीम में एसडीओपी नवीन दुबे, उपनिरीक्षक नागेन्द्र यादव, उपनिरीक्षक प्रज्ञा पटेल, एएसआइ जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय, एएसआइ एके मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र सिंह, आरक्षक धर्मराज प्रजापति, धर्मराज सिंह, अवनीश पाण्डेय, विवेक यादव, पवन मेड़ा, जयप्रकाश तिवारी, आरक्षक रमांशकर त्रिपाठी, सैनिक सुरेन्द्र त्रिपाठी शामिल हैं.
"6 साल पूर्व किशोरी की हत्या हुई थी, जिसमें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी ने पीड़िता से छेडख़ानी की थी और विरोध करने पर उसने हत्या कर शव को जला दिया. आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में धारा 354 व 450 बढ़ाई गई है. इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जायेगा." - विवेक सिंह, एसपी रीवा