Leopard Alert in Rewa: देखा किसी ने नहीं, पर तेंदुए की दहशत शहर के कई इलाकों में — वन विभाग सर्च में, लोगों में दहशत

रीवा शहर के कई हिस्सों में तेंदुए की दहशत फैल गई है। लोगों ने अलग-अलग इलाकों में तेंदुए को देखने का दावा किया। वन विभाग, पुलिस और ड्रोन टीम तलाश में जुटी। जानें पूरी स्थिति और क्या सावधानी रखें।

Update: 2026-01-05 05:42 GMT
  • शहर के कई इलाकों में तेंदुए की दहशत
  • लोगों ने की मौजूदगी के कई दावे
  • वन विभाग और पुलिस अलर्ट मोड में
  • ड्रोन से की जाएगी मॉनिटरिंग और सर्च

रीवा शहर में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अलग-अलग इलाकों में लोगों ने तेंदुए को देखने के दावे किए हैं। हालांकि अब तक किसी ने इसे सामने से नहीं देखा है, लेकिन पेट्रोलिंग के दौरान मिले कुछ निशान और लोगों की शिकायतों ने वन विभाग को सतर्क कर दिया है।

तेंदुए की खबर कैसे फैली | How Leopard Panic Spread

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के वक्त खुले मैदान और खेत-खलिहान के पास अज्ञात जानवर घूमते दिखाई दिए। कुछ जगहों पर मवेशियों के घायल होने की सूचना मिली। लोगों ने शक जताया कि यह तेंदुआ हो सकता है। देखते ही देखते खबर पूरे शहर में फैल गई और सोशल मीडिया पर अफवाहें भी फैलने लगीं।

वन विभाग की टीम सर्च में | Forest Team on Search

शिकायतें बढ़ने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आसपास के जंगल, खेत और बस्ती के बीच के क्षेत्र में ट्रैकिंग की। कुछ जगहों पर जानवर के पंजों के निशान मिले, लेकिन पुख्ता रूप से यह साबित नहीं हो सका कि यह तेंदुए के ही थे।

ड्रोन से निगरानी | Monitoring With Drone

स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि अब पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। इससे रात के समय भी मूवमेंट रिकॉर्ड किया जा सकेगा और अगर कहीं कोई जंगली जानवर दिखे तो तुरंत कार्रवाई हो सके।

लोगों में दहशत क्यों? | Why People Are Afraid

बीते कुछ महीनों में आसपास के इलाकों में जंगली जानवरों के शहर में प्रवेश के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में लोगों के मन में पहले से ही डर बैठा हुआ है। बच्चे और बुजुर्ग शाम के बाद घर से बाहर निकलने में घबरा रहे हैं और कई कॉलोनियों में लोग रात भर चौकसी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया के फोटो-वीडियो बने परेशानी | Fake Viral Clips

सोशल मीडिया पर कई फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें तेंदुए के दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। जांच में पता चला कि ज्यादातर क्लिप पुरानी या किसी और जगह की हैं, तो कुछ AI के जरिए बनाकर शेयर की जा रहीं हैं। वन विभाग ने अपील की है कि बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। हाल ही में शहर के शारदापुरम क्षेत्र में तेंदुआ होने के दावा के साथ एक फोटो शेयर की गई थी, जो एआई द्वारा बनाई गई फेक फोटो थी। ऐसी ही एक फोटो रीवा शहर से सटे लोही-गड़रिया गांव से वायरल की गई थी।

क्या करें और क्या न करें | Safety Guidelines For Public

विशेषज्ञों का कहना है कि तेंदुआ आमतौर पर इंसानों से दूर रहता है। इसलिए घबराने के बजाय कुछ सावधानियाँ जरूरी हैं — जैसे रात में अकेले न निकलना, छोटे बच्चों को बाहर न खेलने देना और घर के आसपास कचरा न जमा होने देना ताकि जानवरों को भोजन आकर्षित न करे।

वन विभाग की अपील | Appeal From Authorities

अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि अभी तक तेंदुए की मौजूदगी का पक्का सबूत नहीं मिला है। फिर भी जांच जारी है। लोगों से कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें और खुद से पकड़ने या नजदीक जाने की कोशिश न करें।

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FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या शहर में सचमुच तेंदुआ है?

अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, जांच जारी है। 

Q2. हमें क्या सावधानी रखनी चाहिए?

रात में बाहर न निकलें, बच्चों को अकेला न छोड़ें और तुरंत सूचना दें।

Q3. क्या वन विभाग ने जाल लगाया है?

फिलहाल निगरानी और सर्च ऑपरेशन चल रहा है, जरूरत होने पर जाल लगाया जाएगा।

Q4. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सही हैं?

ज्यादातर वीडियो पुराने या फर्जी निकले — बिना पुष्टि किसी पर यकीन न करें।

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