विंध्य को सौगात: देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में 303 करोड़ की लागत से बनाई जा रहीं 40 सड़के एवं पुल
Rewa MP News: लोक निर्माण विभाग द्वारा देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में 303 करोड़ रूपये की लागत से 40 सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण कराया जा रहा है जिसको लेकर विधान सभा अध्यक्ष ने मीटिंग ली है।
विंध्य के लिए शिवराज सरकार ने सौगात दी है। मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में 303 करोड़ रूपये की लागत से 40 सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण कराया जा रहा है।
बता दें की शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य बरसात से पहले पूरा करायें। सड़कों के निर्माण में यदि किसी तरह की बांधा है तो उसे तत्काल दूर किया जायेगा।
उन्होंने कहा की सड़कों तथा पुलों के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारी निर्माण कार्यों की प्रगति की सतत निगरानी करें। आगामी समीक्षा बैठक 20 मई को आयोजित की जायेगी। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
जानकारी के अनुसार बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने जल जीवन मिशन तथा पीएचई विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में नल जल योजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकता की योजना में जल जीवन मिशन के कार्य शामिल हैं। क्षेत्र में कई बड़ी समूह नल जल योजना के कार्य कराये जा रहे हैं। नल जल योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है।
कई स्थनों पर पाइप खुले में छोड़ दिये गये हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा पंचायत पदाधिकारियों को विश्वास मे लेकर नल जल योजना का कार्य करायें। जल की आपूर्ति गांव की प्रत्येक बसाहट के हर घर में सुनिश्चित करें। केवल कुछ घरों में पानी की आपूर्ति को नल जल योजना की पूर्णत: नहीं माना जायेगा।
ग्राम शाह, रामपुर, झलवार, शिवराजपुर, गनिगवां, खटखरी, डिघवार में मौके पर जाकर नल जल योजना का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। नल जल योजनाओं तथा हैण्ड पंपों के सुधार के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम एवं ब्लाक में बनाये गये कंट्रोल रूम में फोन नंबर का प्रचार-प्रसार करायें जिससे आमजनता पेयजल संबंधी कठिनाईयों की सूचना दे सके।