बरदहा घाटी अब नहीं रहेगी खतरनाक: 10 की बजाय सिर्फ 3 मोड़ होंगे, रीवा में ₹311.62 करोड़ से बनेगी 18 मीटर चौड़ी नई सड़क
रीवा की बरदहा घाटी से गुजरने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत। अब 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3 मोड़ होंगे। ₹311.62 करोड़ की लागत से 18 मीटर चौड़ी आधुनिक सड़क बनेगी, जिससे यात्रा सुरक्षित और तेज होगी।
- बरदहा घाटी में अब 10 की जगह केवल 3 मोड़
- ₹311.62 करोड़ की लागत से बनेगी नई सड़क
- सड़क की चौड़ाई होगी 18 मीटर (60 फीट)
- हादसों में कमी और यात्रा समय में बड़ी बचत
Bardaha Ghati Road Project | रीवा को मिलेगी बड़ी सौगात
रीवा जिले की बरदहा घाटी से गुजरने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वर्षों से जिस घाटी मार्ग को सबसे खतरनाक और दुर्गम माना जाता रहा है, वह अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। प्रस्तावित परियोजना के तहत यहां की सड़क को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि मौजूदा 10 खतरनाक मोड़ों की जगह केवल 3 मोड़ रह जाएंगे। इससे न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि हादसों का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल ₹311.62 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सड़क की चौड़ाई 60 फीट यानी 18 मीटर होगी, जो आधुनिक हाईवे मानकों के अनुरूप होगी। यह मार्ग सिरमौर–डभौरा को जोड़ता है और रीवा जिले की जीवनरेखा माना जाता है। अभी तक यह सड़क संकरी, घुमावदार और जोखिम से भरी हुई है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
Why This Road Matters | क्यों जरूरी था यह प्रोजेक्ट
बरदहा घाटी की सड़क लंबे समय से स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां तीखे मोड़, संकरी सड़क और खराब दृश्यता हमेशा खतरा पैदा करती रही है। बारिश के मौसम में यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है। कई बार वाहन खाई में गिरने जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों द्वारा वर्षों से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी। यह सड़क न सिर्फ दैनिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से जुड़ी यात्रा के लिए भी बेहद जरूरी है। अब इस परियोजना के जरिए सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
Administrative Meeting | कलेक्टर कार्यालय में हुई अहम बैठक
शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में इस सड़क निर्माण परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद, विधायक, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान परियोजना की तकनीकी रूपरेखा, समय-सीमा और प्रभावित क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग से अंतिम स्वीकृति मिलते ही सिरमौर–डभौरा मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि यातायात पूरी तरह बाधित न हो और लोगों को न्यूनतम असुविधा हो।
Villages Impacted | 27 गांव होंगे प्रभावित
इस बड़े निर्माण कार्य से करीब 27 गांव प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण किया जाएगा और किनारे बसे लोगों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरती जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी हो जाती है तो उन्हें बाजार, अस्पताल और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी। यह सड़क उनके जीवन की गति को बदलने वाली साबित हो सकती है।
Modern Road Design | नई सड़क में क्या-क्या होंगे बदलाव
बरदहा घाटी की नई सड़क को आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि तीखे और खतरनाक मोड़ों को हटाकर सड़क को इस तरह सीधा किया जाएगा कि 10 मोड़ों की जगह केवल 3 मोड़ ही रह जाएं। इससे वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता मिलेगी और अचानक ब्रेक लगाने या गाड़ी मोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई सड़क की चौड़ाई 18 मीटर (60 फीट) होगी, जिसमें दोनों ओर सुरक्षित कंधे, साइड ड्रेनेज सिस्टम और आवश्यक स्थानों पर रेलिंग लगाई जाएगी। पहाड़ी हिस्सों में सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी, ताकि भूस्खलन या पत्थर गिरने से यातायात बाधित न हो। इससे यह मार्ग मध्यप्रदेश के सबसे सुरक्षित घाटी मार्गों में शामिल हो जाएगा।
Travel Time Reduction | यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी
फिलहाल बरदहा घाटी का सफर बेहद धीमा और तनावपूर्ण माना जाता है। तीखे मोड़ों और संकरी सड़क के कारण वाहन चालकों को बहुत सतर्क रहना पड़ता है, जिससे यात्रा समय काफी बढ़ जाता है। नई सड़क बनने के बाद यह मार्ग कहीं अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, सड़क चौड़ी होने और मोड़ों की संख्या घटने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि एंबुलेंस, स्कूल बस, मालवाहक वाहन और सरकारी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी तेजी से गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
Safety First | हादसों पर कैसे लगेगा अंकुश
बरदहा घाटी में अब तक कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। मुख्य कारण रहे हैं – संकरी सड़क, तीखे मोड़ और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों का अभाव। नई परियोजना में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। चौड़ी सड़क, सीमित मोड़, मजबूत रेलिंग और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम से दुर्घटनाओं में भारी कमी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क इंजीनियरिंग में किया गया यह सुधार सीधे तौर पर जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की परियोजनाएं न केवल सुविधा बढ़ाती हैं, बल्कि लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
Regional Development | क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
इस सड़क के बेहतर होने से आसपास के गांवों और कस्बों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। बरदहा घाटी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, लेकिन खराब सड़क के कारण यहां आने-जाने में लोग हिचकते थे।
नई सड़क बनने के बाद यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जुड़ जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अवसर बढ़ेंगे। यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को नया आकार देने वाली पहल मानी जा रही है।
बरदहा घाटी सड़क परियोजना पर कितना खर्च होगा?
इस परियोजना पर कुल ₹311.62 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिसमें सड़क चौड़ीकरण, सुरक्षा इंतजाम और ड्रेनेज सिस्टम शामिल हैं।
नई सड़क कितनी चौड़ी होगी?
नई सड़क की चौड़ाई 18 मीटर यानी लगभग 60 फीट होगी, जो आधुनिक हाईवे मानकों के अनुरूप है।
इस परियोजना से कितने गांव प्रभावित होंगे?
करीब 27 गांव इस निर्माण कार्य से प्रभावित होंगे। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के हितों की सुरक्षा का भरोसा दिया है।
निर्माण कार्य कब शुरू होगा?
वन विभाग से अंतिम स्वीकृति मिलते ही सिरमौर–डभौरा मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।