चिरहुला मंदिर परिसर का कायाकल्प: सड़क चौड़ीकरण के लिए दुकानें खाली, पुराने दुकानदार नई दुकानों में शिफ्ट
रीवा के चिरहुला मंदिर परिसर में सड़क चौड़ीकरण और कॉरिडोर विकास के लिए पुरानी दुकानें हटाई गईं। दुकानदारों को नगर निगम की नई दुकानों में शिफ्ट किया गया। जानिए पूरी रिपोर्ट।
- चिरहुला मंदिर के सामने की पुरानी दुकानें कराई गईं खाली
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू
- पुराने दुकानदारों को नगर निगम की नई दुकानों में शिफ्ट किया गया
- मंदिर परिसर के कॉरिडोर विकास की दिशा में बड़ा कदम
रीवा शहर के प्रमुख धार्मिक केंद्र चिरहुला मंदिर परिसर को नए और व्यवस्थित स्वरूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंदिर के सामने वर्षों से संचालित हो रही दुकानों को खाली कराकर दुकानदारों को नगर निगम द्वारा निर्मित नई दुकानों में शिफ्ट किया गया है। इसके बाद पुरानी दुकानों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य यहां की संकरी सड़कों को चौड़ा करना है, ताकि रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
चिरहुला मंदिर क्षेत्र में सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। फूल, प्रसाद और पूजा सामग्री खरीदने के लिए लोग इन्हीं दुकानों के सामने रुकते थे, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। संकरी सड़कें न सिर्फ श्रद्धालुओं बल्कि स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही थीं। इसी समस्या को देखते हुए नगर प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण और मंदिर परिसर के समग्र विकास का निर्णय लिया।
Administrative Action – प्रशासन की मौजूदगी में हुआ विस्थापन
दुकानों को खाली कराने की कार्रवाई प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से की गई। इस दौरान नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला, नगर निगम के सहायक यंत्री राजेश मिश्रा और अतिक्रमण प्रभारी अलाल पटेल सहित अन्य अधिकारी दलबल के साथ मौके पर मौजूद रहे। टीम ने वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों को समझाइश देकर उन्हें नई दुकानों में शिफ्ट कराया।
नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला ने बताया कि मंदिर परिसर में पहले से बनी लगभग 20 दुकानों को नई दुकानों में विस्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर का विकास और कॉरिडोर निर्माण को सुचारू बनाना है। पुराने निर्माण को हटाकर यहां हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से नया निर्माण कराया जाएगा, जिससे चिरहुला परिसर को आधुनिक और व्यवस्थित रूप मिलेगा।
Why Road Widening – श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या बनी वजह
चिरहुला मंदिर केवल रीवा ही नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। त्योहारों, सोमवार और विशेष अवसरों पर यहां हजारों लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा व्यवस्था में दुकानें सड़क तक फैली होने के कारण पैदल चलने वालों और वाहनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती थी। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी यहां से गुजरने में कठिनाई होती थी।
नगर निगम और जिला प्रशासन का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन आसान होगा, यातायात सुचारू रहेगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। यह पहल आने वाले समय में चिरहुला मंदिर को एक आधुनिक धार्मिक परिसर के रूप में विकसित करने की आधारशिला मानी जा रही है।
Unpaid Shops – बिना किराया दिए चल रही थीं दुकानें
चिरहुला मंदिर परिसर में वर्षों से संचालित कई दुकानें बिना किसी विधिवत आवंटन और किराया भुगतान के चल रही थीं। फूल, प्रसाद और पूजा सामग्री बेचने वाले कुछ दुकानदारों ने लंबे समय से यहां कब्जा कर रखा था। नगर निगम की ओर से इन्हें कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्धारित किराया और शुल्क जमा नहीं किया गया। बाद में जब ऑडिट हुआ तो इस पर आपत्ति दर्ज की गई, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े।
नगर निगम आयुक्त ने कुछ समय पहले इन व्यापारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया था कि नई दुकानों में शिफ्ट होने के लिए प्रीमियम राशि और नियमानुसार शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। बताया जा रहा है कि अधिकांश दुकानदारों ने नई दुकानों के लिए प्रीमियम तो जमा कर दिया है, लेकिन पुराने बकाया किराए का भुगतान कई दुकानों द्वारा अब तक नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बकाया राशि वसूली की प्रक्रिया अलग से की जाएगी।
New Shops – व्यवस्थित बाजार की ओर कदम
नगर निगम द्वारा बनाई गई नई दुकानें पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक हैं। यहां बिजली, पानी और उचित शटर व्यवस्था के साथ व्यापारियों को बेहतर वातावरण दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, दुकानदारों को नई जगह पर शिफ्ट करने का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि एक स्थायी और सुव्यवस्थित बाजार तैयार करना है, जहां श्रद्धालु बिना भीड़ और अव्यवस्था के पूजा सामग्री खरीद सकें।
प्रशासन का मानना है कि नई दुकानों में शिफ्ट होने से दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित नहीं होगा, बल्कि बेहतर स्थान और व्यवस्था मिलने से उनकी बिक्री में वृद्धि की संभावना है। वहीं श्रद्धालुओं को भी एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
Chirhula Corridor Vision – बदलेगा मंदिर परिसर का स्वरूप
चिरहुला मंदिर परिसर को लेकर प्रशासन की योजना केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है। यहां कॉरिडोर डेवलपमेंट के तहत पूरे क्षेत्र को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। पुराने निर्माण हटाकर हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से नया ढांचा खड़ा किया जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, पैदल मार्ग, बैठने की जगह, बेहतर लाइटिंग और सुव्यवस्थित दुकानों की व्यवस्था होगी।
इस विकास से चिरहुला मंदिर एक आधुनिक धार्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा। त्योहारों और विशेष अवसरों पर आने वाली भारी भीड़ को संभालना आसान होगा। साथ ही, शहर के इस हिस्से में यातायात व्यवस्था भी सुचारू हो सकेगी।
FAQ: चिरहुला मंदिर परिसर विकास से जुड़े सवाल
दुकानदारों को हटाया क्यों गया?
मंदिर के सामने सड़क संकरी थी और दुकानों के कारण आवागमन बाधित होता था। सड़क चौड़ीकरण और कॉरिडोर विकास के लिए दुकानों को हटाना जरूरी था।
क्या दुकानदारों को वैकल्पिक व्यवस्था दी गई है?
हां, सभी पुराने दुकानदारों को नगर निगम द्वारा बनाई गई नई दुकानों में शिफ्ट किया गया है, ताकि उनका व्यवसाय प्रभावित न हो।
नई दुकानों के लिए क्या भुगतान करना होगा?
नई दुकानों के लिए प्रीमियम राशि तय की गई है, जिसे अधिकांश दुकानदार जमा कर चुके हैं। पुराने बकाया किराए की वसूली अलग से की जाएगी।
इस परियोजना से आम लोगों को क्या लाभ होगा?
सड़क चौड़ी होने से यातायात सुचारू रहेगा, श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलेगा तथा मंदिर परिसर आधुनिक रूप में विकसित होगा।