रीवा में 7वीं के छात्र ने की आत्महत्या: स्कूल से लौटकर कमरे में लगाई फांसी, घर में पसरा मातम | Rewa News

रीवा के वार्ड क्रमांक 5 में 7वीं कक्षा के छात्र कान्हा पुरवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र रोज की तरह स्कूल से लौटा था। कारण स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी।

Update: 2026-01-15 12:05 GMT
  • रीवा के वार्ड नंबर 5 में 7वीं कक्षा के छात्र ने आत्महत्या की
  • स्कूल से लौटने के बाद कमरे में मां के दुपट्टे से बनाया फंदा
  • दादी ने कमरे में जाकर देखा, परिवार में मचा कोहराम
  • पुलिस जांच में जुटी, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला

Rewa News – मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के वार्ड क्रमांक 5 में रहने वाले सुलभ पुरवार के 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे कान्हा पुरवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मासूम की मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे शोक में डुबो दिया है। कोई भी यह समझ नहीं पा रहा कि आखिर इतनी छोटी उम्र में बच्चे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।

परिजनों के अनुसार, कान्हा रोज की तरह केंद्रीय विद्यालय से घर लौटा था। उसने घर पहुंचते ही कपड़े बदले और छत पर चला गया। कुछ देर बाद वह नीचे आया और अपने कमरे में चला गया। आमतौर पर वह कपड़े बदलने के बाद सीधे खाना खाने आता था, लेकिन उस दिन वह काफी देर तक बाहर नहीं आया।

जब काफी समय तक कान्हा कमरे से बाहर नहीं निकला, तो उसकी दादी उसे बुलाने कमरे में गईं। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कान्हा कमरे में मां के दुपट्टे से बने फंदे पर लटका हुआ था। दादी की चीख सुनकर पूरा परिवार दौड़ पड़ा और तुरंत उसे नीचे उतारा गया।

रीवा: कक्षा 11 के छात्रा की आत्महत्या, शिक्षक पर आरोप

रीवा में इससे पहले भी छात्र आत्महत्या का मामला सामने आ चुका है, जहां कक्षा 11 के मेधावी छात्रा ने जान दे दी थी और परिजनों ने शिक्षक पर मानसिक दबाव के आरोप लगाए थे। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। पूरी खबर पढ़ें

परिवार के लोग तुरंत कान्हा को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां-बाप बदहवास हैं और बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उनके बेटे ने ऐसा क्यों किया।

Police Investigation | पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या बच्चा किसी मानसिक दबाव, स्कूल से जुड़ी परेशानी या पारिवारिक कारणों से परेशान था। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

Why Such Incidents Are Increasing | क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं

बीते कुछ वर्षों में छात्र आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। छोटी उम्र के बच्चे भी पढ़ाई, सामाजिक दबाव और अपेक्षाओं के बोझ तले टूटते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों में भावनात्मक संवाद की कमी, मोबाइल और सोशल मीडिया का असर, तथा असफलता का डर उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ देता है।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। चुप रहना, अकेले रहना, अचानक गुस्सा आना या पढ़ाई से दूरी बनाना – ये सभी संकेत हो सकते हैं कि बच्चा किसी मानसिक संघर्ष से गुजर रहा है।

Area in Mourning | पूरे इलाके में शोक

कान्हा की मौत के बाद वार्ड क्रमांक 5 में शोक का माहौल है। मोहल्ले के लोग स्तब्ध हैं। हर कोई यही कह रहा है कि कान्हा एक शांत और सामान्य बच्चा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि वह ऐसा कदम उठा सकता है।

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FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

छात्र की पहचान क्या है?

मृत छात्र का नाम कान्हा पुरवार है, उम्र लगभग 10 वर्ष, वह 7वीं कक्षा में पढ़ता था।

घटना कहां हुई?

यह घटना रीवा शहर के वार्ड क्रमांक 5 में हुई, जहां छात्र अपने घर के कमरे में फंदे पर लटका मिला।

क्या कोई सुसाइड नोट मिला है?

नहीं, प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

पुलिस क्या जांच कर रही है?

पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चा किसी मानसिक दबाव या परेशानी से जूझ रहा था या नहीं।

ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है?

बच्चों से खुलकर संवाद, उनकी भावनाओं को समझना, पढ़ाई का अत्यधिक दबाव न बनाना और समय रहते काउंसलिंग कराना ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकता है।

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