कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा की 'लाल किताब' में क्या है? राजस्थान सरकार भयभीत है!

लाल किताब में क्या लिखा है: राजस्थान के कांग्रेस विधायक ने राज्य में महिला सुरक्षा पर अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाई तो सदन में बुरी तरह पीट दिए गए

Update: 2023-07-25 06:28 GMT

Lal Kitab of Congress MLA Rajendra Gudha: राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार 'लाल किताब' से भयभीत है. यह लाल किताब कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा (Congress MLA Rajendra Gudha Lal Kitab) की है. जिसे कांग्रेस के विधायकों ने राजेंद्र गुढ़ा के साथ मारपीट कर छिना ली है. राजेंद्र गुढ़ा को अपनी पार्टी से बहिष्कृत कर दिया गया है. उनका सिर्फ इतना ही कसूर था कि उन्होंने राजस्थान में महिला सुरक्षा के मुद्दे में अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान दे दिया था. राजेंद्र गुढ़ा ने कहा था कि सरकार को मणिपुर से पहले अपने राज्य में हो रहे अपराधों पर ध्यान देना चाहिए। 

राजेंद्र गुढ़ा के इस बयान के बाद राजस्थान सरकार नाराज हो गई और उनका मंत्री पद वापस ले लेकर पार्टी से अनाधिकारिक तौरपर बहिष्कृत कर दिया गया.  अगली बाद विधानसभा में राजेंद्र गुढ़ा एक 'लाल किताब' लेकर पहुंचे जिसके बाद तो राजस्थान विधानसभा में बवाल ही मच गया. 

राजेंद्र गुढ़ा की लाल किताब में क्या है 

Rajendra Gudha Ki Lal Kitab Me Kya Hai: राजेंद्र गुढ़ा का दावा है कि जिस लाल किताब को कांग्रेस विधायकों ने उनसे छीन ली है उसमे राजस्थान सरकार के कारनामों का पूरा कच्चा-चिट्ठा है. इसमें करोड़ों रुपए के लेन-देन का जिक्र है. 

राजेंद्र गुढ़ा ने दावा किया है कि इस लाल किताब को उन्होंने एक कांग्रेस नेता के घर से उठा लिया था जब उस नेता के घर में ED का छापा पड़ा था. वो नेता अशोक गहलोत का करीबी है. राजेंद्र गुढ़ा ने दावा किया है कि राजस्थान सरकार के लोगों के कई बार उनसे उस किताब को जलाने का दवाब बनाया था. अगर उस किताब में ऐसा कुछ नहीं है तो उसे नष्ट करने के लिए क्यों कहा जा रहा है. 

कौन हैं राजेंद्र गुढ़ा 

राजेंद्र गुढ़ा राजस्थान विधानसभा सदस्य यानी विधायक हैं. पिछले सत्र में ही बसपा को छोड़कर वे कांग्रेस में शामिल हुए थे. उन्हें कैबिनेट में जाना था लेकिन सिर्फ राजयमंत्री पद दिया गया था. गुढ़ा की राजनीति अच्छी चल रही थी. लेकिन मणिपुर मुद्दे पर जब राजस्थान कांग्रेस ने केंद्र को घेरना शुरू किया तो गुढ़ा ने विधानसभा में अशोक गहलोत को टारगेट करते हुए अपने राज्य की स्थिति पर नज़र डालने के लिए कह दिया। जिसके बाद उनका मंत्री पद वापस ले लिया गया. जब गुढ़ा ने लाल किताब को पेश किया तो कांग्रेस विधायकों ने उनसे मारपीट की और उस किताब को छिना लिया। 



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