GOOD NEWS! किसानों को मालामाल कर देगी सोयाबीन की नई किस्म, ₹8000 प्रति क्विंटल होगा लाभ

सरकार सोयाबीन की नए-नए बीजो का परीक्षण कर लोगों को उपलब्ध करवा रहे हैं। हाल के दिनों में सोयाबीन की एक ऐसे किस्म की जानकारी सामने आ रही है जिससे किसान मालामाल हो जाएंगे।

Update: 2023-05-02 16:27 GMT

मध्यप्रदेश में सोयाबीन की भरपूर उपज होती है। पिछले कुछ वर्षों से मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में सोयाबीन के उत्पादन में प्रतिकूल असर पड़ा है। लेकिन एक बार फिर सरकार का प्रयास है कि सोयाबीन का पर्याप्त उत्पादन मध्यप्रदेश में हो। इसके लिए राज्य सरकार सोयाबीन की नए-नए बीजो का परीक्षण कर लोगों को उपलब्ध करवा रहे हैं। हाल के दिनों में सोयाबीन की एक ऐसे किस्म की जानकारी सामने आ रही है जिससे किसान मालामाल हो जाएंगे। सोयाबीन की इस वैरायटी मे उत्पादन होने के साथ ही यह ऊंचे दाम पर बिकता है।

कृषि वैज्ञानिकों का प्रयास लाया लंग

ज्ञात हो कि कृषि वैज्ञानिकों के अथक प्रयास की वजह से आज किसानों को एक नई सोयाबीन की वैरायटी मिली है। इस बार आईटी का नाम आरवीएसएम 1135 है। सोयाबीन की इस खास वैरायटी की कीमत अन्य सोयाबीन की अपेक्षा ज्यादा है। साथ ही इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ज्यादा है। इसीलिए किसानों को या कम लागत पर ज्यादा उपज देता है।

जेएस 9560 का मिला ऑप्शन

सोयाबीन का जेएस 9560 किसानों की सबसे पसंदीदा किस्म थी। कृषि वैज्ञानिक को द्वारा ही बताया जा रहा है कि अब आरवीएसएम 1135 ने जेएस 9560 पीछे छोड़ दिया है। अब किसानों की बेहतरीन पसंद के रूप में आरवीएसएम 1135 जाना जा रहा है।

क्या है आरवीएसएम 1135 खासियत

कृषि वैज्ञानिकों की माने तो आरवीएसएम 1135 कम समय में पकने वाला सोयाबीन का बेहतरीन बीज है। साथ ही इसमें अन्य कई खूबियों पाई जाती हैं। मध्य प्रदेश के जलवायु स्थिति को देखते हुए इसे विकसित किया गया है। यह नई वैरायटी उच्च गुणवत्ता के साथ अधिक पैदावार देने वाली बताई गई है। कहा गया है कि आरवीएसएम 1135 में रोग प्रतिरोधक क्षमता जबरदस्त है। कीटों का प्रभाव इस पर नहीं पड़ता।

कहां विकसित किया गया यह बीज

जानकारी के अनुसार राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक वीके तिवारी तथा आर एस रामगिरी के अथक प्रयास के बाद आरवीएसएम 1135 को विकसित किया गया था। वही आरवीएसएम 1135 के संबंध में बताया गया है कि पूर्व में आरवीएसएम 35 का किसान उपयोग कर चुके हैं। आज वैज्ञानिक इसे और विकसित कर दिए हैं। आरवीएसएम 1135 इसी का विकसित किया हुआ विशेष बीज है।

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