झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश: चतरा में सभी 7 की मौत की पुष्टि, DGCA ने बताया खराब मौसम में डायवर्जन मांगा था
झारखंड के चतरा में रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश में सभी 7 लोगों की मौत। DGCA ने बताया कि विमान ने खराब मौसम के कारण डायवर्जन मांगा था।
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हाइलाइट्स
- रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस चतरा में क्रैश
- विमान में पायलट, को-पायलट, डॉक्टर और मरीज समेत 7 लोग सवार,
- उड़ान के 23 मिनट बाद संपर्क टूटा
- क्रैश साइट जंगल के अंदर, राहत टीम रवाना
झारखंड के चतरा जिले के समरिया जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई। प्रशासन ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई है।
हादसे का शिकार हुई मेडिकल चार्टर फ्लाइट ने सोमवार शाम रांची से उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया था, जिसके बाद यह जंगल क्षेत्र में गिर गया।
फ्लाइट टाइमलाइन
• शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान
• 7:34 बजे कम्युनिकेशन टूट गया
• थोड़ी देर बाद चतरा के जंगल में क्रैश की सूचना
बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L थी मेडिकल फ्लाइट
जानकारी के मुताबिक, यह रेडबर्ड कंपनी की बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L मेडिकल चार्टर फ्लाइट थी। विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें दो पायलट, एक डॉक्टर, एक पैरामेडिकल स्टाफ, मरीज और उसके दो परिजन शामिल थे।
विमान के पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और को-पायलट कैप्टन सबराजदीप सिंह थे। मरीज की पहचान 41 वर्षीय संजय कुमार के रूप में हुई है। उनके साथ अर्चना देवी और धूरू कुमार परिजन के तौर पर मौजूद थे। डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा भी फ्लाइट में सवार थे।
सभी 7 लोगों की मौत की पुष्टि
प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे में पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन सबराजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार, परिजन अर्चना देवी और धूरू कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता तथा पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा की मौत हो गई है।
DGCA ने बताई हादसे से पहले की स्थिति
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, विमान ने शाम 7:10 बजे रांची से उड़ान भरी थी। करीब 7:30 बजे खराब मौसम के कारण पायलट ने रास्ता बदलने (डायवर्जन) की अनुमति मांगी। इसके कुछ ही देर बाद कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क और रडार कनेक्शन टूट गया। इसके बाद एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई।
मरीज की हालत गंभीर थी
रांची के देवकमल हॉस्पिटल के CEO अनंत सिन्हा ने बताया कि संजय कुमार को 16 फरवरी को लगभग 65 प्रतिशत जलने की गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन बेहतर उपचार के लिए परिवार ने उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया।
जानकारी के अनुसार, मरीज को शाम करीब 4:30 बजे अस्पताल से एयर एंबुलेंस के लिए रवाना किया गया था। इसके बाद शाम 7:11 बजे फ्लाइट ने रांची से उड़ान भरी।
एविएशन सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर मेडिकल चार्टर फ्लाइट्स की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। छोटे चार्टर्ड विमानों में तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य कारणों से दुर्घटना का जोखिम बना रहता है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से दुर्घटना की जांच की संभावना है। ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
स्थानीय लोगों ने दी सूचना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल क्षेत्र में तेज आवाज सुनने के बाद प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और बचाव टीम सक्रिय हुई।
हादसे की मुख्य जानकारी
- स्थान: समरिया जंगल, चतरा, झारखंड
- फ्लाइट रूट: रांची से दिल्ली
- कुल सवार: 7
- मौत की पुष्टि: प्रशासन ने सभी 7 लोगों के मौत की पुष्टि की है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विमान कब क्रैश हुआ?
सोमवार शाम 7:34 बजे संपर्क टूटने के बाद क्रैश की सूचना मिली।
विमान में कितने लोग सवार थे?
कुल सात लोग, जिनमें पायलट, को-पायलट, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, मरीज और दो परिजन शामिल थे।
क्या मौत की पुष्टि हुई है?
आधिकारिक पुष्टि हो गई है, सभी 7 लोगों की मौत।
क्रैश साइट कहां है?
चतरा जिले के समरिया के जंगल क्षेत्र में।
हादसे की जांच कौन करेगा?
संभावना है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) जांच करेगा।