India-US Trade Deal: अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18% किया, PM Modi ने Trump को कहा धन्यवाद

India-US trade relations में बड़ा बदलाव आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत पर reciprocal tariff को घटाकर 18% कर दिया है। PM Narendra Modi ने फैसले का स्वागत किया। इस trade deal से Made in India exports, energy strategy और global business landscape पर बड़ा असर पड़ेगा।

Update: 2026-02-03 03:42 GMT
  • अमेरिका ने भारत पर reciprocal tariff 25% से घटाकर 18% किया
  • PM Modi और President Trump के बीच फोन पर हुई अहम बातचीत
  • Made in India exports को मिलेगा global market में बड़ा फायदा
  • $500 Billion trade target और oil sourcing strategy पर सहमति

भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। लंबे समय से जिस India-US Trade Deal का इंतजार किया जा रहा था, उसकी औपचारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कर दी है। इस फैसले के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाले reciprocal tariff को 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारत अब दुनिया के lowest tariff countries की सूची में शामिल हो गया है।

Trump-Modi Phone Call के बाद Trade Deal की घोषणा

सोमवार सुबह PM Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस conversation के कुछ घंटों बाद ही रात करीब 10:30 बजे Trump ने अपने social media platform Truth Social पर इस बड़े trade decision की जानकारी दी। Trump ने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी के लिए “game changer” करार दिया।

PM मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त, अपने देश के एक मजबूत और सम्मानित नेता हैं। हम दोनों ऐसे लोग हैं जो काम करके दिखाते हैं। यह बात ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कही जा सकती।

डोनाल्ड ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति

BREAKING

Trump के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच trade balance को बेहतर बनाने के लिए tariff reduction के साथ-साथ energy और manufacturing सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब global economy uncertainty और geopolitical tensions से गुजर रही है।

PM Modi का Reaction: 1.4 Billion Indians की ओर से धन्यवाद

Trade deal के एलान के बाद PM Modi ने social media platform X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि Made in India products पर tariff घटाया जाना भारत की manufacturing और export economy के लिए बड़ा कदम है। PM ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।

वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प का नेतृत्व बेहद अहम है। शांति के लिए उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता हूं।

नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री, भारत

PM Modi Statement on Donald Trump Leadership India USA Peace Relations News

PM Modi ने यह भी स्पष्ट किया कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र एक-साथ काम करते हैं, तो इसका असर सिर्फ bilateral trade तक सीमित नहीं रहता, बल्कि global stability और prosperity को भी मजबूती मिलती है।

Oil Strategy में बदलाव: Russia से दूरी, US और Venezuela विकल्प

Trump ने दावा किया कि बातचीत के दौरान भारत ने Russia से crude oil imports को धीरे-धीरे कम करने पर सहमति जताई है। इसके बदले भारत अमेरिका से अधिक energy products खरीदेगा। जरूरत पड़ने पर Venezuela oil supply को भी एक विकल्प के तौर पर देखा जाएगा।

इस फैसले के साथ ही अमेरिका ने वह अतिरिक्त 25% penalty tariff हटाने का भी संकेत दिया है, जो पहले रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया था। White House अधिकारियों के मुताबिक अब भारत पर सिर्फ 18% tariff ही लागू होगा।

Exclusive Update

भारत-अमेरिका टैरिफ युद्ध: पूरी टाइमलाइन (2025-2026)

ट्रम्प प्रशासन और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और हालिया कटौती का पूरा विवरण।


2 अप्रैल 2025: बेसलाइन टैरिफ

अमेरिका ने भारत पर 10% का शुरुआती बेसलाइन टैरिफ लगाया।

5 अप्रैल 2025: ट्रम्प का ऐलान

राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 26% करने की घोषणा की।

9 अप्रैल 2025: अस्थायी राहत

वार्ता के लिए अमेरिका ने 90 दिनों के लिए टैरिफ हटाने का निर्णय लिया।

10 जुलाई 2025: भारत का पलटवार

भारत ने WTO में ₹32,000 करोड़ की जवाबी ड्यूटी का प्रस्ताव रखा।

1 अगस्त 2025: 25% रेसिप्रोकल टैरिफ

अमेरिका द्वारा घोषित 25% रेसिप्रोकल टैरिफ भारत पर प्रभावी हुआ।

27 अगस्त 2025: कुल 50% टैरिफ लागू

रूसी तेल खरीद के कारण 25% अतिरिक्त टैरिफ जोड़कर कुल ड्यूटी 50% हुई।

2 फरवरी 2026: टैरिफ में बड़ी कटौती

अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है।

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$500 Billion Trade Target और Buy American Policy

Trump ने यह भी कहा कि Buy American policy के तहत भारत आने वाले वर्षों में अमेरिका से करीब $500 billion (लगभग 46 लाख करोड़ रुपये) का सामान खरीदेगा। इसमें defense equipment, energy products, advanced technology और aircraft शामिल हो सकते हैं।

Experts का मानना है कि इस agreement से India-US bilateral trade volume में तेज़ी आएगी और Indian exporters को US market में competitive pricing का सीधा फायदा मिलेगा।

India अब Low-Tariff Countries Club में शामिल

India में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने भी trade deal की पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ technical documents पर जल्द signatures होंगे, लेकिन agreement लगभग final है। उन्होंने कहा कि पहले भारत पर comparatively high tariff लगता था, लेकिन अब India उन देशों की category में आ गया है, जहां US tariffs सबसे कम हैं।

Business analysts के अनुसार, यह बदलाव Made in India exports जैसे textile, electronics, pharmaceuticals और engineering goods के लिए बड़ा boost साबित हो सकता है।

ब्रिक्स देशों और अन्य पर कितना टैरिफ? पूरी लिस्ट देखें

वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ की विस्तृत जानकारी यहाँ दी गई है:

50% 🇷🇺 रूस
50% 🇧🇷 ब्राजील
34% 🇨🇳 चीन
30% 🇿🇦 साउथ अफ्रीका
18% 🇮🇳 भारत

मुख्य आंकड़े:

साउथ कोरिया: 25% | थाईलैंड: 23% | मलेशिया: 22% | पाकिस्तान: 19% | यूरोपीय संघ: 15%

Global Impact: Markets, Investors और Supply Chains

इस trade deal का असर सिर्फ India-US relations तक सीमित नहीं रहेगा। Global markets में यह signal गया है कि भारत अब stable and preferred trade partner के रूप में उभर रहा है। इससे foreign investors का confidence बढ़ सकता है और supply chains में India की role और मजबूत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि tariff reduction से Indian companies को US में expansion के नए मौके मिलेंगे, जबकि American firms को India जैसे बड़े consumer market तक बेहतर access मिलेगा।

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FAQs

US ने India पर tariff क्यों घटाया?

यह फैसला India-US trade balance सुधारने और long-term economic partnership को मजबूत करने के लिए लिया गया।

इस trade deal से India को क्या फायदा होगा?

Made in India exports सस्ते होंगे, US market में competitiveness बढ़ेगी और foreign investment को boost मिलेगा।

Oil imports में क्या बदलाव होगा?

India Russia से oil imports कम कर सकता है और US या Venezuela जैसे विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।

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