जब काजी होगा राजी तभी होगी शादी: मौलवियों से अपील, जहां बैंड-डीजे बजे, वहां निकाह मत करवाओ

मौलवियों से कहा गया है कि जिस शादी में डीजे और बैंड बजे वहां निकाह ही मत करवाओ, यह इस्लाम के खिलाफ है

Update: 2022-12-15 12:13 GMT

मुस्लिम शादी में बैंड डीजे बंद: भारत में शादी मतलब बैंड बाजा बारात, जिस शादी में दूल्हे के दोस्त DJ के आगे खड़े होकर नागिन डांस का करें वो शादी होती ही नहीं है. मगर भारत के मुस्लिम संगठनों ने निकाह के वक़्त बैंड और DJ न बजाने की अपील की है. ताज्जुब की बात तो ये है कि जो लोग दिन में 5 बार लाऊड स्पीकर से तेज आवाज में अजान देते हैं उन्हें शादी-पार्टी में गाने बजाना हराम लगता है. 

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुस्लिम महासभा ने कुछ ऐसा ही फरमान सुनाया है. मुस्लिम संगठनों का कहना है कि मुसलमानों को शादी में DJ कल्चर को बढ़ावा देना बंद करना होगा। साथ ही मौलवियों से भी यह अपील की गई है कि जिस शादी में DJ या बैंड बजे वहां निकाह करने से ही मना कर दो. 

मौलवियों से कहा DJ वाली शादी मत करवाओ 

यानी अब मुस्लिम लोगों का निकाह होना है या नहीं यह मिया बीवी नहीं काजी तय करेगा, गाजियाबाद के मुस्लिम महासभा ने कहा है कि देश भर में जितने भी मौलवी हैं वो ऐसे लोगों की शादी ही न करवाएं जिनकी बारात में DJ या बैंड बजे. मौलवी परिवार वालों से पहले ही यह शर्त रख दें कि निकाह में DJ बैंड का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए तभी निकाह होगा। 

मुस्लिम महासभा का कहना है कि मुस्लिम परिवारों को जिनके घर में शादी होने वाली है उन्हें DJ कल्चर को बढ़ावा नहीं देना चाहिए 

सिबिलीबाड़ी जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मसूद अख्तर ने बताया,

"इस्लाम में ऐसी प्रथाओं की इजाजत नहीं है. इससे लोगों को असुविधा भी होती है." काजियों से ये भी कहा है कि शादियां साधारण तरीके से कराई जाएं. साधारण तरीके से शादी करने के चलन को बढ़ावा दिया जाए

समझ में ये नहीं आ रहा है कि जब सुबह से लेकर रात तक दिन में 5-5 बार लाऊड स्पीकर से तेज आवाज में अज़ान दी जाती है और लोगों को असुविधा होती है तब जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मसूद अख्तर कहां चले जाते हैं. 

वैसे मुस्लिम मजहब में गाना, बजाना, गुनगुनाना, नाचना, फोटो खींचना, सब हराम है. 

अब खुले विचार के मुस्लिम इन मजहब के ठेकेदारों की बात मानते हैं या इग्नोर करते हैं उनके ऊपर है. 

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