उमा भारती के पत्थर कांड से MP की सियासत गरमाई, दारु की बॉटल तोड़ने के बाद CM शिवराज को लिखा पत्र
शराब के खिलाफ पूर्व सीएम के पत्थर कांड ने एमपी के सियासत में गरर्माहट ला दी है।
Uma Bharti News: मध्यप्रदेश में शराब बंदी को लेकर आवाज उठाने वाली पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती लगातार अपनी ही पार्टी के सरकार को घेरने के लिए सामने आ रही है। उन्होने पूर्व में ही शराबबंदी किए जाने के लिए जहां सरकार को पत्र लिखा था। वहीं रविवार को उमा भारती ने राजधानी भोपाल में एक शराब की दुकान में पत्थर मारकर शराब की बोतलों तोडने के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है।
समर्थन में उतरी कांग्रेस
एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती के शराबबंदी अभियन के तहत इस घटनाक्रम से बीजेपी में भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है, तो अब कांग्रेस उनके समर्थन में आ गई है।
शिवराज को लिखा पत्र
उमा भारती ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को इस सबंध में सोमवार को अब पत्र लिखी है, जिसमें उन्होंने महिलाओं और बच्चियों के हक की बात कहीं है। पत्र में उन्होने एक बार फिर लिखा है कि प्रदेश में शराबबंदी पर सरकार सकारात्मक रूख अपनाए और सराकर भी समाज का साथ दें। उमा भारती आगे कहती है कि सरकार की रजामंदी से ही दुकानें खोली जाती है। उन्होने शिवराज सिंह को पत्र के माध्यम से याद दिलाया है कि उन्होने खुद सुझाव दिया था कि नशा मुक्ति और शराबबंदी को लेकर सामाजिक अभियान चलाया जाए, जिसमें सरकार भी साथ देगी।
महिलाओं और बच्चियों के सम्मान में यह कदम
उमा भारती ने आगे लिखा कि वे रविवार को भोपाल के बरखेड़ी पठानी के आजाद नगर गई, जहां बस्ती, स्कूल और मंदिर के आसपास शराब दुकानें बनी हुई है, जिसके विरोध में यहां की महिलाएं कई बार धरना, प्रदर्शन और शिकायतें कर चुकी है, पिछले 3 साल से हर बार प्रशासन आश्वासन देता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जबकि यहां की महिलाओं का कहना है कि शराबियों के चलते उनका और बच्चियों को निकलना मुश्किल हो रहा है। नशेड़ी उन्हे देखते ही अजीब हरकतें करते है। उमा भारती ने कहा कि सरकार अबिलंब ही निषिद्ध और वर्जित जगहों पर स्थित शराब दुकानों और आहातों को बंद करें।
शराब से सियासत
राजनैतिक विचारकों का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने शराब का विरोध करके जहां एक बार फिर चर्चा में आ गई वही वर्ष 2023 में विधानसभा एवं 24 में लोकसभा चुनाव में उमा भारती की जोरदार दावेदारी हो सकती है। बहरहाल अब उमा का अगला एक्शन क्या होता है और इस पर शिवराज सरकार का रिएक्शन क्या होता है यह देखने वाली बात होगी।