MP: घाटे का सौदा बनी किसानों के लिए लहसुन, फेंक रहे नदियों में, कहा 1 रूपये किलो मिल रहे दाम, भाड़ा भी नहीं मिल रहा

MP Latest News: एमपी के मालवा और निमाड़ के किसान लहसुन को घाटे का सौदा बता कर नदियों में फेंक रहे हैं।

Update: 2022-08-25 11:10 GMT

MP Latest News: आम तौर पर 100 से 150 रूपये किलो के दाम से बिकने वाली लहसुन के दाम (Lahsun Price) न के बराबर होने से किसान इसे घाटे का सौदा बताते हुए नदियों में फेंक रहे हैं। खबरों के तहत एमपी के मालवा-निमाड़ के किसान मंडियों में लहसुन ला रहे और इसे वहीं छोड़कर जाना बेहतर समझ रहे हैं। धार के बदनावर में आहत तीन किसानों ने नागदा गांव के पास चामला नदी में 100 कट्‌टे लहसुन फेंक दिये।

75 पैसे से 1 रूपये किलो मिल रहा दाम

धार के किसानों को कहना है कि वे इंदौर मंडी में लहसुन बेचने गए थे। वहां 20 क्विंटल लहसुन के सिर्फ 2000 रुपए ही मिले। यानी 1 रुपए किलो। 1800 रुपए तो भाड़ा और हम्माली में ही खर्च हो गए। इसके अलावा लहसुन की साफ-सफाई का अलग खर्च। ऐसे में उनकी लागत तक नही निकल पाई। उनका कहना है कि बारिश से लहसुन खराब हो रही और दाम मिलने की उम्मीद भी नजर नही आ रही। जिससे लहसुन को फेंकना ही उन्होने उचित समझा।

मंडियों में पहुंच रही बम्पर लहसुन

जानकारी के तहत इन दिनों मंडियों में बम्पर लहसुन पहुंच रही हैं। खबरों के तहत 5 से 23 अगस्त तक एमपी की मंडियों में 2 लाख 50 हजार क्विंटल लहसुन पहुंची है। इसके पूर्व भी लहसुन की जबरदस्त आवक तो बढ़ी है, लेकिन कीमत घटी है।

पूरे मालवा के मंडियों में यही हाल

जानकारी के तहत लहसुन के दामों की इतनी खराब हालत केवल इंदौर, मंदसौर की मंडी में नहीं है बल्कि सीहोर, जावरा, नीमच, रतलाम, पिपल्या की मंडियों की भी यही स्थिति है। जिससे यहां के किसानों के लिए इस वर्ष लहसुन घाटे का सौदा बन गया है।

प्रदेश भर में विरोध

किसान लहसुन का दाम कम होने से विरोध प्रर्दशन भी करते रहे हैं। रतलाम में तो दाम को लेकर जबरदस्त किसानों ने विरोध जताया था। किसानों का आरोप था कि व्यापारी मनमर्जी से दाम तय कर रहे हैं। उज्जैन में कृषि मंत्री का पुतला दहन किसानों ने किया था तो वहीं देवास में लहसुन की शव यात्रा निकाल चुके है। कुछ इसी तरह के हाल अन्य मंडियों में भी रहे हैं।

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