इंदौर के पानी में जानलेवा बैक्टीरिया: भागीरथपुरा में मौत का आंकड़ा 15 पहुँचा — 201 लोग भर्ती, रिपोर्ट में दूषित पानी की पुष्टि

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 15 मौतें, 201 लोग अस्पताल में भर्ती। मेडिकल रिपोर्ट में पानी में बैक्टीरिया की पुष्टि — हाईकोर्ट और NHRC ने लिया संज्ञान।

Update: 2026-01-02 05:51 GMT
  • भागीरथपुरा में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत
  • 201 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती, 16 बच्चे शामिल
  • एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि
  • मामले पर NHRC और हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

मध्यप्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हालात गंभीर हो गए हैं। गुरुवार तक मौत का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया, जबकि 201 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मेडिकल टीमों ने स्थिति को स्वास्थ्य आपात जैसा मानते हुए निगरानी तेज कर दी है।

लैब रिपोर्ट में साफ — बीमारी की वजह दूषित पानी

सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि लोगों की तबीयत दूषित पानी पीने से बिगड़ी। मेडिकल कॉलेज में कल्चर टेस्ट भी जारी है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही बताए जाएंगे।

मौतों के ये जिम्मेदार

नाम (Name) पद (Designation) आरोप/विवरण (Allegations/Description)
दिलीप यादव निगमायुक्त गंदे पानी की शिकायतों को अनदेखा किया। पाइप लाइन की टेंडर प्रक्रिया पर नजर नहीं रखी।
रोहित सिसोनिया अपर आयुक्त अगस्त में टेंडर हुए थे, उन्हें रोक कर रखा। शिकायतों की अनदेखी की।
कमल वाघेला पार्षद चार महीने तक क्षेत्र की परेशानी पर त्वरित निर्णय नहीं लिया।
पुष्यमित्र भार्गव महापौर पार्षद की लगातार शिकायतों पर कोई कदम नहीं उठाया।
बबलू शर्मा जलकार्य प्रभारी लगातार दूषित पानी सप्लाई होने के बावजूद ध्यान नहीं दिया।
संजीव श्रीवास्तव प्रभारी गंदे पानी की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, अब लीकेज खोजने निकले।
शुभम श्रीवास्तव उपयंत्री (जोन 4) दूषित जल का निराकरण करना लेकिन नहीं किया।
योगेश जोशी सहायक यंत्री इंदौर 311 हेल्पलाइन पर आने वाली जल शिकायतों के अनुसार लीकेज की मरम्मत करना। इन्होंने भी जिम्मेदारी नहीं निभाई।

सीवेज का पानी सप्लाई लाइन में मिला — मंत्री ने माना

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माना कि पेयजल में सीवेज मिक्स होने से हालात बिगड़े। उन्होंने कहा कि लीकेज वाली जगह की जांच कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

NHRC और हाईकोर्ट सख्त — रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस भेजकर दो हफ्ते में डिटेल रिपोर्ट मांगी है। वहीं हाईकोर्ट में भी इस मामले पर ऑनलाइन सुनवाई प्रस्तावित है। कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।

घातक बैक्टीरिया की मौजूदगी — डॉक्टरों की चेतावनी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ड्रेनेज का पानी पीने योग्य पानी में मिल जाने पर Shigella, Salmonella, E.coli और Cholera जैसे बैक्टीरिया बन जाते हैं। इन्हीं में से कोई संक्रमण गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है।

पीड़ित परिवारों का गुस्सा — मुआवजा चेक लौटाया

मंत्री के दौरे के दौरान कुछ परिजनों ने 2-2 लाख का मुआवजा लेने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने कहा — दो साल से गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती — कैसे रोके जाएं हालात?

स्वास्थ्य विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है कि जल्द से जल्द लीकेज का सोर्स पकड़ा जाए, पानी की सप्लाई सुरक्षित की जाए और सभी परिवारों की स्क्रीनिंग कराई जाए। साथ ही क्षेत्र में टैंकर और पैक्ड वाटर की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।

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FAQs — इंदौर दूषित पानी मामला

अब तक कितनी मौतें हुईं?

अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अस्पताल में भर्ती हैं।

बीमारी की वजह क्या निकली?

लैब रिपोर्ट में दूषित पानी और उसमें मौजूद बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।

क्या सरकार मुआवजा दे रही है?

मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। आगे भी राहत उपाय जारी रहेंगे।

आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

पाइपलाइन की जांच, इलाके की सफाई, हेल्थ कैंप और सुरक्षित पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

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