ZSI ने भारत में व्हाइट चीक्ड मैकोक की खोज की, 2015 में पहली बार चीन में खोजा था

ZSI ने भारत में व्हाइट चीक्ड मैकोक की खोज की व्हाइट चीक्ड मैकाक बंदरों की प्रजाति से मिलता-जुलता है।

Update: 2022-02-10 23:00 GMT

हाल ही में हुए जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (Zoological Survey of India) के वैज्ञानिकों ने देश में एक नई स्तनधारी प्रजाति की खोज की है। जिसका नाम व्हाइट चीक्ड मैकाक (White-cheeked macaque) है। यह बंदरों की प्रजाति से मिलता--जुलता है। इस मैकोक को पहली बार 2015 में चीन में खोजा गया था। वहीं इससे पहले भारत में इसके अस्तित्व का पता भी नहीं था।



अरुणाचल प्रदेश के इस जिले में हुई खोज (Discovered in this district of Arunachal Pradesh)

भारतीय वैज्ञानिकों ने मिडिल अरुणाचल प्रदेश के सुदूर अंजाॅ जिले में इसकी खोज की है। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में जहां इस प्रजाति की खोज हुई है, वह चीन के उस इलाके दक्षिण-पूर्वी तिब्बत के मोडोग से बमुश्किल 200 किलोमीटर की हवाई दूरी पर है।

किया DNA टेस्ट (DNA test done)

पूर्वी हिमालय में लाल पांडा (Red panda) और अरुणाचल मैकोक पर नजर रख रहे थे। उन्होंने मेकोक के मल और त्वचा के नमूने एकत्रित किए और जब ZSI के लैब में डीएनए की जांच की गई तो यह जांच सफेद गाल वाला मैकोक के थे।

वैज्ञानिकों को इस दुर्लभ खोज के लिए सफलता करार दिया (Scientists termed success for this rare discovery)

वैज्ञानिकों ने चीन और भारत की इस खोज को सफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि आजकल न‌ई स्तनधारी प्रजातियों (Mammal species) की खोज करना बहुत दुर्लभ है। वैज्ञानिकों के रूप से में हम छोटे जानवर, उभयचर और कीड़े-मकोड़ों की नई प्रजातियों का वर्णन करते हैं लेकिन बड़े जानवरों की खोज करना बहुत दुर्लभ होता है।

भूटान में इस प्रजाति के होने की संभावना है (This species is likely to occur in Bhutan)

वैज्ञानिकों के अनुसार आगे की खोज में पूर्वी अरुणाचल में सफेद गाल वाले मैकोक की अधिक आबादी होगी, जो कि चीन सफेद गाल वाले मैकोक के करीब है‌। वहीं भूटान (Bhutan) में इस प्रजाति के होने की काफी संभावनाएं हैं। यह खोज न केवल वन्यजीव सूची में शामिल होने वाली प्रजातियों की नींव रखेगी, बल्कि भारत के वन्य जीव संरक्षण अधिनियम (Wild life protection act) द्वारा कवर भी की जाएगी।

यह खोज अचानक हुई (This discovery happened suddenly)

वैज्ञानिकों ने कहा कि यह खोज अचानक हुई है हम सफेद गाल वाले मैकोक की तलाश में नहीं थे। हम हिमालय की प्रजातियों पर अध्ययन कर रहे थे। इसमें हिमालय की जैव विविधता (Biodiversity) की खोज करना और क्षेत्र में बड़ी खतरे वाली प्रजातियों (Threatened species) पर अध्ययन कर रहे थे।

दूसरी बार किया DNA टेस्ट (DNA test done for the second time)

वैज्ञानिकों ने कहा कि टीम ने दूसरी बार डीएनए सीक्वेंसिंग की, यह पुष्टि करने के लिए कि वास्तव में भारत में व्हाइट चीक्ड मैकोक की खोज की है। तब से कई बार इसकी पुष्टि की है। जानवर के परीक्षण और कैमरा ट्रैपिंग (Camera trapping) के माध्यम से उन्होंने एक किशोर सफेद गाल वाला मैकोक भी खोजा, जिसे पकड़ लिया गया था और एक स्थानीय ग्रामीण के घर में रखा गया था। अंजाॅ में रहने वाले आदिवासी पारंपरिक शिकारी है।

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