1 फरवरी से सिगरेट का हर कश पड़ेगा महंगा, फ़िल्टर की लंबाई तय करेगी कीमत; जानिए कितने बढ़ रहें दाम
1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई Excise Duty लागू होगी। लंबाई और फिल्टर के आधार पर कीमतें तय होंगी। जानिए ₹10 वाली सिगरेट अब कितनी महंगी होगी और किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर।
हाइलाइट्स
- 📅 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई Excise Duty लागू
- 🚬 अब ब्रांड नहीं, सिगरेट की लंबाई और फिल्टर से तय होगी कीमत
- 💰 ₹10 की सिगरेट ₹12 तक पहुंच सकती है, 20%–50% तक बढ़ोतरी संभव
- 📊 GST के बाद यह सबसे बड़ा टैक्स अपडेट माना जा रहा है
Cigarette Price Hike 2026 – क्या बदलने जा रहा है?
भारत में सिगरेट की कीमत एक बार फिर बढ़ने जा रही है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर नई Excise Duty लगाने का ऐलान कर दिया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। अब सिगरेट के दाम ब्रांड के नाम से नहीं, बल्कि उसकी लंबाई और फिल्टर के आधार पर तय किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह फैसला केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि धूम्रपान को हतोत्साहित करने और टैक्स चोरी रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। वर्ष 2017 में GST लागू होने के बाद यह सिगरेट सेक्टर में सबसे बड़ा टैक्स बदलाव माना जा रहा है।
GST के बाद सबसे बड़ा टैक्स अपडेट
वर्तमान में सिगरेट पर लगभग 40% GST लगाया जाता है। अब इसके ऊपर नई Excise Duty भी जुड़ जाएगी। इसका मतलब यह है कि सिगरेट का कुल टैक्स भार और बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कई कैटेगरी की सिगरेट 20% से 50% तक महंगी हो सकती हैं।
नई नीति में सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है—अब सिगरेट की कीमतें इस बात पर निर्भर करेंगी कि वह फिल्टर वाली है या नहीं और उसकी लंबाई कितनी है। यानी छोटी सिगरेट सस्ती और लंबी प्रीमियम सिगरेट सबसे महंगी होंगी।
नई Excise Duty Slab – कैसे तय होंगी दरें?
सरकार ने टैक्स को प्रति 1000 सिगरेट के आधार पर तय किया है। यह ढांचा अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाता है और इससे कंपनियों के लिए टैक्स बचाना मुश्किल हो जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग कैटेगरी पर अलग-अलग दरें लागू होंगी।
नई Tax Slab – अब सिगरेट की कीमत कैसे तय होगी?
सरकार ने Excise Duty को सिगरेट की लंबाई और उसमें फिल्टर होने या न होने के आधार पर तय किया है। यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती है और इससे सिगरेट उद्योग में टैक्स चोरी पर लगाम लगाई जा सकेगी। नई दरें प्रति 1000 सिगरेट के हिसाब से लागू होंगी।
🧾 नई Excise Duty Slab (प्रति 1000 सिगरेट)
- नॉन-फिल्टर (65mm तक) – ₹2,050
- नॉन-फिल्टर (65–70mm) – ₹3,600
- फिल्टर (65mm तक) – ₹2,100
- फिल्टर (65–70mm) – ₹4,000
- फिल्टर (70–75mm) – ₹5,400
- अन्य प्रीमियम सिगरेट – ₹8,500 तक
- तंबाकू विकल्प सिगरेट – ₹4,006
- सिगारिलो – 12.5% या ₹4,006 (जो अधिक हो)
- अन्य तंबाकू उत्पाद – 12.5% या ₹4,006 (जो अधिक हो)
एक सिगरेट पर कितना बढ़ेगा दाम?
नई Excise Duty के अनुसार यदि प्रति 1000 सिगरेट ₹2,000 से ₹5,000 तक टैक्स बढ़ता है, तो इसका सीधा असर हर एक सिगरेट की कीमत पर पड़ेगा। गणना के आधार पर—
- छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट – ₹2 तक महंगी
- छोटी फिल्टर सिगरेट – ₹2.10 तक महंगी
- 65–70mm सिगरेट – ₹3 से ₹4 की बढ़ोतरी
- 70–75mm प्रीमियम सिगरेट – ₹5 तक महंगी
इसका अर्थ है कि अब हर कश पहले से ज्यादा महंगा होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि कंपनियां टैक्स का पूरा भार ग्राहकों तक पहुंचाएंगी, क्योंकि सिगरेट एक ऐसा उत्पाद है जिसमें उपभोक्ता कीमत बढ़ने के बावजूद खरीद जारी रखते हैं।
₹10 वाली सिगरेट अब कितनी की होगी?
मार्केट एनालिसिस के मुताबिक कुल मिलाकर सिगरेट की कीमतों में 20% से 50% तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर रिटेल प्राइस पर पड़ेगा—
- ₹10 की सिगरेट → ₹12
- ₹15 की सिगरेट → ₹18–19
- ₹20 की सिगरेट → ₹23–25
किन सिगरेट पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
नई टैक्स व्यवस्था का सबसे बड़ा असर लंबी, फिल्टर और प्रीमियम सिगरेट पर पड़ेगा। खासकर—
- प्रीमियम और लंबी सिगरेट
- फ्लेवर और स्पेशल एडिशन
- हाई-एंड इंटरनेशनल ब्रांड्स
इन कैटेगरी में पहले से ही कीमत ज्यादा होती है और अब नई Excise Duty जुड़ने से यह और ऊपर जाएगी। वहीं सस्ती, छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ेगा, लेकिन वहां भी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
सरकार का मकसद – राजस्व भी, स्वास्थ्य भी
सरकार का कहना है कि यह कदम केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं है। इसका दूसरा बड़ा उद्देश्य है धूम्रपान को हतोत्साहित करना। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) लंबे समय से सलाह देता रहा है कि तंबाकू उत्पादों पर भारी टैक्स लगाया जाए ताकि लोग इसकी आदत छोड़ें।
भारत में हर साल लाखों लोग धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवाते हैं। सरकार का मानना है कि कीमत बढ़ने से खासकर युवा वर्ग सिगरेट से दूरी बनाएगा और इससे पब्लिक हेल्थ को लंबी अवधि में फायदा होगा।
सिगरेट इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया क्या है?
तंबाकू कंपनियों का मानना है कि नई Excise Duty से अवैध सिगरेट बाजार को बढ़ावा मिल सकता है। उनका दावा है कि जब कीमतें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ती हैं, तो उपभोक्ता सस्ती और बिना टैक्स वाली सिगरेट की ओर मुड़ सकते हैं। हालांकि, सरकार का तर्क है कि लंबाई और फिल्टर आधारित टैक्स सिस्टम से टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और हर कैटेगरी को पारदर्शी तरीके से कवर किया जा सकेगा।
हेल्थ एक्सपर्ट्स इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि कीमत बढ़ना धूम्रपान कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। खासकर युवाओं और पहली बार सिगरेट आजमाने वालों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
आगे क्या बदलेगा?
1 फरवरी 2026 के बाद बाजार में धीरे-धीरे सभी ब्रांड नई कीमतों के साथ नजर आएंगे। पहले स्टॉक खत्म होंगे, फिर नई पैकिंग और नए रेट लागू होंगे। संभावना है कि—
- छोटी सिगरेट की बिक्री थोड़ी बढ़ सकती है
- प्रीमियम सेगमेंट में गिरावट आ सकती है
- कुछ उपभोक्ता बीड़ी या अन्य विकल्पों की ओर शिफ्ट हो सकते हैं
- युवा वर्ग में धूम्रपान की शुरुआत कम हो सकती है
सरकार आने वाले समय में ई-सिगरेट और वैकल्पिक तंबाकू उत्पादों पर भी सख्ती बढ़ा सकती है ताकि कोई भी रास्ता टैक्स से बाहर न रहे।
हर कश अब पहले से महंगा
नई एक्साइज ड्यूटी के बाद सिगरेट सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि महंगा शौक बन जाएगी। कीमतों में 20% से 50% तक की बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगी। सरकार जहां इसे राजस्व और स्वास्थ्य सुधार से जोड़ रही है, वहीं उपभोक्ताओं के सामने अब दो ही रास्ते होंगे—या तो ज्यादा पैसे खर्च करें, या सिगरेट छोड़ने का फैसला लें।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नई सिगरेट कीमतें कब से लागू होंगी?
नई Excise Duty 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इसके बाद बाजार में धीरे-धीरे सभी ब्रांड नई कीमतों पर बिकेंगे।
क्या सभी सिगरेट समान रूप से महंगी होंगी?
नहीं। कीमत बढ़ोतरी सिगरेट की लंबाई और फिल्टर पर निर्भर करेगी। लंबी और फिल्टर सिगरेट सबसे ज्यादा महंगी होंगी।
₹10 की सिगरेट अब कितनी की मिलेगी?
अनुमान के अनुसार ₹10 की सिगरेट करीब ₹12 की हो सकती है। वहीं ₹20 वाली सिगरेट ₹23–25 तक जा सकती है।
क्या बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पाद भी महंगे होंगे?
अन्य तंबाकू उत्पादों पर भी 12.5% या न्यूनतम ₹4,006 प्रति 1000 की दर लागू की गई है। इससे बीड़ी और अन्य विकल्पों की कीमतों पर भी असर पड़ेगा।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
सरकार का उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना, राजस्व बढ़ाना और लोगों को धूम्रपान से दूर करना है। WHO की सिफारिशों के अनुसार तंबाकू पर ऊंचा टैक्स सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।