शिवराज बोले चुनाव से ज्यादा जरूरी जान, MP में पॉलिटिक्स लॉक डाउन

शिवराज बोले चुनाव से ज्यादा जरूरी जान, MP में पॉलिटिक्स लॉक डाउन भोपाल। MP में गुरुवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 834 नए मामले सामने

Update: 2021-02-16 06:26 GMT

शिवराज बोले चुनाव से ज्यादा जरूरी जान, MP में पॉलिटिक्स लॉक डाउन

भोपाल। MP में गुरुवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 834 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 30,968 तक पहुंच गई। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 31 अगस्त तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा की 14 अगस्त तक प्रदेश में मंत्री, सांसद और विधायक के राजनीतिक कार्यक्रम या दौरे पर प्रतिबंध लगा दिया है।
24 घंटे में 13 लोगों की मौत : राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 13 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 857 हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोनावायरस के संक्रमण से भोपाल में पांच, इन्दौर में दो और छतरपुर, बुरहानपुर, विदिशा, सीहोर, दतिया, और सतना में एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।

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कहां कितनी मौतें : राज्य में अब तक कोरोनावायरस से सबसे अधिक 310 मौत इंदौर में हुई हैं। भोपाल में 169, उज्जैन में 74, सागर में 32, बुरहानपुर में 24, खंडवा में 19, जबलपुर में 27, खरगोन में 17, ग्वालियर में 12, मंदसौर में 11, देवास, और धार में 10-10, और रतलाम, मुरैना, नीमच, सीहोर एवं राजगढ़ में नौ-नौ लोगों की मौत हुई है। बाकी मौत अन्य जिलों में हुई हैं।
सबसे अधिक मामले भोपाल से : प्रदेश में गुरुवार को कोविड-19 के सबसे अधिक 233 नए मामले भोपाल जिले में आए हैं, जबकि इंदौर में 84, बड़वानी में 73, सीहोर में 27, रीवा में 25, रतलाम में 21, सतना में 18, छिंदवाड़ा में 18, बालाघाट, सागर और धार में 16-16 नए मामले आए हैं।
प्रदेश में कुल 30,968 संक्रमित लोगों में से अब तक 21,657 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए हैं और 8,454 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। 723 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राज्य में कुल 3,261 कंटेनमेंट जोन है।
सख्त हुए शिवराज : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिरायु अस्पताल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। संबंधित मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चौहान ने सख्त लहजे में कहा कि लॉकडाउन खुलने पर यदि इसका पालन नहीं किया जाता है, तो पुनः संक्रमण फैल जाता है तथा सारी मेहनत बेकार जाती है। दूसरी ओर लॉकडाउन करने से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है। अब वर्तमान घोषित लोकडाउन के पश्चात लॉकडाउन नहीं करना है तथा पूरी सावधानी एवं सतर्कता के साथ विधि एवं नियमों का पालन करते हुए कोरोना को हराना है।

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो, जनप्रतिनिधि हों अथवा अधिकारी हो, यदि उन्होंने इसका पालन नहीं किया तो फिर कार्रवाई होगी। कोरोना को समाप्त करने के लिए सभी को इन सावधानियों को बरतना अनिवार्य है।
चुनाव से ज्यादा जरूरी जान बचाना : सिंह ने मंत्रियों से कहा कि आगामी 14 अगस्त तक कोई सार्वजनिक दौरे नहीं करें, वीसी के माध्यम से बैठकें करें, वर्चुअल रैली करें, अपने आवास पर भी एक बार में 5 से अधिक व्यक्तियों से न मिलें। चौहान ने कहा कि चुनाव से अधिक आवश्यक है लोगों की जान बचाना। कोई भी जनप्रतिनिधि कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम न करे। गाइडलाइंस का पालन न करने पर जुर्माने तथा प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल नहीं काटे बच्चों के नाम : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षा विभाग को दो टूक आदेश दिए हैं। उन्होंने सख्ती से कहा है कि कोरोना संकटकाल में कोई भी निजी स्कूल बच्चों से ट्यूशन फीस के अलावा कुछ नहीं लेगा। इतना ही नहीं, फीस नहीं भर पाने वाले बच्चों को किसी भी स्थिति में स्कूल से नहीं निकाला जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है। अधिकारी निजी स्कूलों की निगरानी करें और परेशानी में फंसे अभिभावकों का ध्यान रखें।
मुरैना की प्रशंसा की : कोरोना की जिलेवार समीक्षा के दौरान पाया गया कि मुरैना में कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण पा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दिनों जिस तरह से वहां संक्रमण फैला, उसके बाद जिस तत्परता के साथ वहां इसे रोकने के प्रयास किए गए, वे सराहनीय हैं। अब वहां कोरोना पॉजिटिविटी रेट घटकर 3.03 प्रतिशत हो गया है। मुरैना ने उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्वालियर में भी अब स्थिति नियंत्रण में है। वहां बाजार खुल गए हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के अमले को बधाई दी।

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ग्वालियर में कोरोना की मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पाया कि चार प्रकरणों में बहुत देर से और गंभीर हालत में अस्पताल आने के कारण व्यक्तियों की जान नहीं बचाई जा सकी। निर्देश दिए कि हर प्रकरण की जड़ तक जाएं व जांच करें कि प्रकरण लेट क्यों आया। जनता को जागरूक किया जाना आवश्यक है, जिससे लक्षण दिखते ही व्यक्ति को तुरंत अस्पताल लाया जाए। समय पर अस्पताल आने से हर कोरोना संक्रमित की जान बचाई जा सकती है।
एंटीजन टेस्ट शुरू : मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सही है कि बीते कुछ दिनों में प्रदेश में कोरोना के प्रकरणों में वृद्धि हुई है, परंतु अभी भी तुलनात्मक रूप से देश में कोरोना संक्रमण में प्रदेश का स्थान 15वां है। प्रदेश में 8454 एक्टिव केसेस हैं, प्रदेश का रिकवरी रेट 69.9 है तथा मृत्यु दर घटकर 2.77 हो गई है। प्रदेश में 21657 कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। आज की स्थिति में प्रदेश में प्रतिदिन टेस्टिंग क्षमता 9156 प्रति दस लाख है।
सुलेमान ने बताया कि भोपाल में एंटीजन टेस्ट भी प्रारंभ कर दिए गए हैं। इससे अब बड़ी संख्या में तथा जल्दी कोरोना टेस्ट हो सकेंगे। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि भोपाल में कोरोना के इलाज एवं क्वॉरेंटाइन की नि:शुल्क शासकीय व्यवस्था के अलावा अब 'पेड व्यवस्था' भी निजी क्षेत्र में प्रारंभ हो गई है।
[रीवा से विपिन तिवारी की रिपोर्ट]

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