कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, 170 दिन में 8000 करोड़ का कर्ज, आकड़ा आपको चौका देगा...

कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, 170 दिन में 8000 करोड़ का कर्ज, आकड़ा आपको चौका देगा...भोपाल: देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश की आर्थिक

Update: 2021-02-16 06:32 GMT

कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, 170 दिन में 8000 करोड़ का कर्ज, आकड़ा आपको चौका देगा...

भोपाल (विपिन तिवारी ) : देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश की आर्थिक कमर पहले ही टूट चुकी थी, अब कोरोना काल में राज्य पर आर्थिक संकट और भी गहरा गया है. चौथी बार सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 170 दिन के कार्यकाल में 8000 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुके हैं. शिवराज सरकार ने एक बार फिर से 1000 करोड़ का कर्ज लिया है.मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक 8000 करोड़ रुपए का कर्ज शिवराज सरकार ले चुकी है. कोरोना संकट की वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को लगभग साढ़े 14 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेने की सशर्त अनुमति दी है.

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ज्ञात हो कोविड 19 की वजह से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. न तो निर्माण कार्य गति पकड़ पा रहे हैं और न ही औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर आ पाई हैं. इस कारण करों से होने वाली आय घट गई है. इसके मद्देनजर ही प्रदेश सरकार ने इस बार बजट का आकार लगभग 28 हजार करोड़ रुपये घटाकर 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपये से कुछ अधिक रखा है. इसमें भी अधिकांश विभागों पर राशि खर्च करने से पहले वित्त विभाग की अनुमति लेने का प्रावधान कर दिया गया है.

अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने cm के निर्देश

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार को अप्रैल से जुलाई तक करीब 28 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले माह वित्त सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वित्तीय प्रबंधन पर बात की और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के निर्देश दिए. आने वाले समय में राशि की जरूरत होगी.
इसके मद्देनजर ही मुख्यमंत्री ने अपने वेतन-भत्ता का तीस फीसद हिस्सा सितंबर तक मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है.वित्त विभाग के मुताबिक पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति कर्ज लेने की अतिरिक्त सीमा को लेकर बैठक की थी. इसमें निर्देश दिए गए थे कि जो कर्ज सशर्त मिलना है, उसके लिए शर्तें समय सीमा में पूरी की जाएं ताकि कर्ज लेकर व्यवस्थागत सुधार किए जा सकें. वहीं राज्य की पूर्व से तय सीमा के भीतर कर्ज भी ऐसी रणनीति बनाकर लिया जाए, जिससे विकास परियोजनाओं की गति बनी रहे.

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शिवराज सरकार ने कब-कब कितना लिया कर्ज

23 मार्च को 750 करोड़ 30 मार्च को 750 करोड़ 07 अप्रैल को 500 करोड़
02 जून को 500 करोड़ 09 जून को 500 करोड़ 07 जुलाई को 1000 करोड़ 14 जुलाई को 1000 करोड़ 04 अगस्त को 1000 करोड़ 12 अगस्त को 1000 करोड़ 09 सितंबर को 1000 करोड़

कोरोना काल में चरमराई मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था

कोरोना महामारी के कारण बीते चार महीने में जीएसटी से राज्य सरकार को होने वाली आय में 44 फीसदी की गिरावट आई है. बीते तीन महीने से सरकार को 28 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है और सरकारी खजाने को करीब 3077 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. जीएसटी कलेक्शन के अलावा कोरोना महामारी से पेट्रोल-डीजल, आबकारी और खनिज विभाग की कर वसूली नही हो पाई है।

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