
पीएम नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से फोन में क्या बात की? अमेरिका ने भारत से क्या कहा

What did Modi talk to Putin: यूक्रेन में जब रूस ने हमला करना शुरू किया तो अमेरिका, ब्रिटैन सहित NATO ने यूक्रेन को धोखा दे दिया, मदद के लिए अपनी सेना भेजने से मना कर दिया, इस बीच यूक्रेन के राजदूत ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को अपनी दोस्ती का हवाला देते हुए रूस के राष्ट्रपति से बात कर यह हमला बंद करने की गुजारिश की. पीएम सुबह से ही उत्तरप्रदेश चुनाव में अपनी रैलियों में व्यस्त रहे और रात को उन्होंने रूसी प्रेसिडेंट से बात की।
मोदी ने पुतिन से क्या कहा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुतिन ने मोदी को खुद कॉल किया और यूक्रेन में हो रहे रशियन हमले की पूरी जानकारी दी, पीएम मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से कहा- रूस और नाटो समूह के बीच जो भी मतभेद चल रहा है उसे ईमानदारी के साथ बातचीत कर के ही सुधारा जा सकता है, पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति से शांति कायम करते हुए हिंसा को रोकने की अपील की, और राजनयिक वार्ता के रास्ते पर लौटने के लिए कहा
मोदी ने इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंटन्स की सुरक्षा के संबंध में चिंता व्यक्त की, उन्होंने कहा भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लौटने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है,
रूसी राजदूत ने दिया था दोस्ती का हवाला
गुरुवार दोपहर को रूसी राजदूत ने पीएम मोदी से इस बारे में रूसी राष्ट्रपति से बात करने की गुजारिश की थी, उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन दोस्त हैं अगर वो पुतिन से कहेंगे तो रूस हमला रोक सकता है। इस संकट की घडी में हम बात से मदद की उम्मीद रखते हैं
मोदी ने पुतिन से तो फोन में बात कर ली है और आगे भी कांटेक्ट करते रहने की बात कही है अब देखना होगा कि पुतिन मोदी की शांति कायम करने की अपील को मानते हैं या नहीं, क्योंकि मोदी से बात करने के बाद पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी को निशाना बनाना शुरू किया है, रूस कीव को पूर्वी यूक्रेन से अलग करना चाहता है, इसके लिए उसने 160 मिसाइल अटैक करने के लिए भेजी हैं
अमेरिका ने भारत से क्या कहा
अमेरिका के प्रेसिडेंट ने तो यूक्रेन की पीठ में खंजर भोंक दिया, यही अमेरिका रूस के खिलाफ और यूक्रेन का साथ देने की बातें करता था, अब यूक्रेन की मदद करने की बारी आई तो हमेशा की तरह अपना असली चेहरा दिखा दिया, अफ़ग़ानिस्तान के साथ भी अमेरिका ने कुछ ऐसा ही किया, अमेरिका सिर्फ अपना व्यापार बढ़ाने के लिए छोटे देशों को मुसीबत में डालता है और उनकी मुसीबत का फायदा उठाकर अपने हथियार बेचता है।
इस मामले में अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडन ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि इस मुश्किल वक़्त में भारत अपना स्टैंड क्लीयर करेगा कि वो किसके साथ है, आक्रमण करने वाले रूस के साथ या फिर जंग झेल रहे यूक्रेन के साथ.




