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ट्रम्प का ईरान पर बड़ा बयान: प्रदर्शनकारी सरकारी इमारतों पर कब्जा करें, मदद रास्ते में है | Iran Protest Latest Update

Rewa Riyasat News
13 Jan 2026 10:45 PM IST
ट्रम्प का ईरान पर बड़ा बयान: प्रदर्शनकारी सरकारी इमारतों पर कब्जा करें, मदद रास्ते में है | Iran Protest Latest Update
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ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अपील की और कहा कि मदद रास्ते में है। जानिए पूरी खबर विस्तार से।
  • डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अपील की
  • ट्रम्प बोले – “प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है”
  • ईरान में 12 हजार मौतों का दावा, ज्यादातर युवा बताए जा रहे हैं
  • अमेरिका ने ईरान से सभी बैठकों को फिलहाल रद्द किया

ईरान में उबाल और ट्रम्प का सीधा संदेश | Trump Message to Iranian Protesters

ईरान में जारी भीषण जन-आंदोलन के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रम्प ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे सरकारी इमारतों पर कब्जा करें और आंदोलन को और तेज करें। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि “ईरान के देशभक्त आगे बढ़ें, अपनी संस्थाओं को अपने नियंत्रण में लें। मदद रास्ते में है।”


यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार पर दमनकारी नीतियों का आरोप लगा रहे हैं। ट्रम्प का यह संदेश केवल नैतिक समर्थन नहीं है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है।

“नाम दर्ज हो रहे हैं, कीमत चुकानी होगी” | Warning from Trump

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा कि जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं या उन पर अत्याचार कर रहे हैं, उनके नाम दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि ऐसे लोगों को “इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

ट्रम्प का यह बयान सीधे तौर पर ईरान की सुरक्षा एजेंसियों और सरकार समर्थक बलों को चेतावनी माना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकतीं, तब तक ईरान के अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं होगी। इसी के तहत उन्होंने ईरान के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द करने की घोषणा कर दी।

12 हजार मौतों का दावा, आंकड़ों पर विवाद | Iran Death Toll Report

ईरान में जारी संकट को लेकर मौतों के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। ब्रिटेन स्थित वेबसाइट Iran International ने दावा किया है कि बीते 17 दिनों में करीब 12 हजार प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। इस रिपोर्ट को ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया गया है।

हालांकि, दूसरी ओर रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से मृतकों की संख्या करीब 2000 बताई है। दोनों आंकड़ों के बीच भारी अंतर है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि मरने वालों की संख्या बहुत बड़ी है और इनमें ज्यादातर लोग 30 साल से कम उम्र के युवा बताए जा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतर हत्याएं रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स द्वारा की गई हैं। दावा किया गया है कि ये कार्रवाइयां ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुईं। कई स्रोतों के अनुसार, सबसे ज्यादा हिंसा 8 और 9 जनवरी की रात को देखने को मिली।

इंटरनेट बंद कर दुनिया से सच छुपाने का आरोप | Internet Shutdown in Iran

ईरानी सरकार पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वह इंटरनेट और संचार सेवाओं को ठप कर रही है ताकि दुनिया तक असली तस्वीर न पहुंच सके। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सरकार सूचना को नियंत्रित कर अपने खिलाफ उठ रही आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रही है।

इस बीच भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “ईरान में मौजूदा सरकार का खेल लगभग खत्म हो चुका है।” उनका यह बयान दर्शाता है कि पश्चिमी देशों में ईरान को लेकर बेचैनी लगातार बढ़ रही है।

ट्रम्प का सैन्य विकल्प पर रुख | Trump on Military Action

डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की योजना को फिलहाल होल्ड पर रखा है। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी सेना को तैयार रहने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाया जा सके। न्यूज़ एजेंसी AP के अनुसार, ट्रम्प का कहना था कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं और इसी वजह से उन्होंने अभी सैन्य कदम रोक दिया है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान की ओर से सार्वजनिक बयानों और प्राइवेट मैसेजेस में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन संदेशों को समझना चाहते हैं, लेकिन यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। इन संदेशों की प्रकृति को सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन संकेत साफ हैं कि पर्दे के पीछे कूटनीति जारी है।

क्यों भड़के ईरान में हालात? | Why Iran is Boiling

ईरान में मौजूदा संकट अचानक नहीं फूटा है। लंबे समय से देश में महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक दमन को लेकर असंतोष पनप रहा था। युवाओं की बड़ी आबादी खुद को भविष्यविहीन महसूस कर रही है। सोशल मीडिया और वैश्विक संपर्कों के चलते नई पीढ़ी बदलाव चाहती है, लेकिन सरकार की सख्ती इस असंतोष को दबाने की कोशिश कर रही है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण आवाज़ों को भी गोली और जेल से जवाब दे रही है। यही वजह है कि अब आंदोलन केवल सुधारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यवस्था परिवर्तन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ट्रम्प का बयान इसी बदलते माहौल को और हवा दे रहा है।

वैश्विक राजनीति पर असर | Global Impact of Iran Crisis

ईरान में जारी संकट केवल एक देश का आंतरिक मामला नहीं रह गया है। मध्य पूर्व की राजनीति में ईरान की भूमिका बेहद अहम है। यहां अस्थिरता बढ़ने का असर तेल बाजार, वैश्विक सुरक्षा और कूटनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देश इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं।

ट्रम्प का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि अमेरिका, कम से कम नैतिक स्तर पर, प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा दिखना चाहता है। वहीं ईरान इसे अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप मान सकता है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्ते और अधिक बिगड़ सकते हैं।

आगे क्या? | What Happens Next

आने वाले दिनों में यह तय होगा कि ईरान की सरकार स्थिति को कैसे संभालती है। यदि दमन जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ सकता है। दूसरी ओर, यदि सरकार संवाद का रास्ता अपनाती है, तो हालात शांत हो सकते हैं। ट्रम्प का रुख स्पष्ट है—यदि हत्याएं नहीं रुकीं, तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है।

ईरान के आम नागरिकों के लिए यह दौर बेहद कठिन है। एक ओर बदलाव की उम्मीद, दूसरी ओर जान का खतरा। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह आंदोलन इतिहास बदलने वाली लहर बनेगा या फिर दमन के साये में दबा दिया जाएगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQs

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से क्या कहा?

ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने और आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि “मदद रास्ते में है” और अत्याचार करने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी।

ईरान में कितने लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है?

ब्रिटिश वेबसाइट Iran International ने 12 हजार मौतों का दावा किया है, जबकि रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह संख्या करीब 2000 बताई है।

क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा?

फिलहाल ट्रम्प ने सैन्य कार्रवाई होल्ड पर रखी है, लेकिन सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालात बिगड़ने पर कार्रवाई से इनकार नहीं किया गया है।

ईरान में इंटरनेट क्यों बंद किया जा रहा है?

आरोप है कि ईरानी सरकार सच्चाई को दुनिया से छुपाने और विरोध को दबाने के लिए इंटरनेट व संचार सेवाओं को सीमित कर रही है।

इस संकट का वैश्विक असर क्या होगा?

ईरान में अस्थिरता से तेल बाजार, मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि पूरी दुनिया इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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