विश्व

पाकिस्तान में बलात्कारियों के लिए कड़ा कानून, संसद ने रेपिस्ट को नपुसंक बनाने को मंजूरी दी

Viresh Singh Baghel
18 Nov 2021 3:10 PM GMT
पाकिस्तान में बलात्कारियों के लिए कड़ा कानून, संसद ने रेपिस्ट को नपुसंक बनाने को मंजूरी दी
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गैंगरेप (सांकेतिक तस्वीर)

पड़ोसी देश पाकिस्तान में रेप पर कड़ा कानून संसद में मंजूर किया गया है, नए क़ानून के तहत बलात्कारियों को नपुंसक बनाया जाएगा.

इस्लामाबाद। बढ़ती रेप (Rape) की घटनाओं के चलते पाकिस्तान की संसद ने सख्त कानून को मंजूरी दे दी है। मीडिया खबरों के तहत पाकिस्तान में बलात्कार के अपराधियों के लिए एक कानून तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत दुष्कर्म के दोषियों (Rapist) को नपुंसक (Impotent) बनाया जाएगा। इस कानून का उद्देश्य देश भर में रेप की बढ़ती घटनाओं को कंट्रोल करना और दोषी को कड़ी सजा देना है।

ऐसे बनाया जाएगा नपुंसक

कानून के तहत दोषी यौन अपराधियों को संसद द्वारा एक नया कानून पारित करने के बाद रासायनिक तरीकों से नपुंसक बनाए जाने का सामना करना पड़ सकता है।

खबरो के तहत राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पाकिस्तानी मंत्रिमंडल द्वारा पारित अध्यादेश पर मुहर लगाने के लगभग एक साल बाद यह विधेयक पारित हुआ है। इस कानून में दोषी की सहमति से उसे केमिकल्स के जरिए नपुंसक बनाने और ऐसे केस की तुरंत सुनवाई के लिये विशेष अदालतों के गठन करने का प्रावधान तैयार किया गया है।

कानून में संशोधन

पाकिस्तान मीडिया खबरो के मुताबिक आपराधिक कानून विधेयक 2021 को बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में 33 अन्य विधेयकों के साथ पारित किया गया। कानून में पाकिस्तान दंड संहिता, 1860 और दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 में संशोधन किया गया है।

हो रहा विरोध

गौरतलब है कि महिलाओं और बच्चों के प्रति बढ़ते इस घिनौने अपराध के लिए बनाए गए इस कानून का भी पाकिस्तान में विरोध हो रहा है. पाकिस्तान में जमात-ए-इस्लामी के सांसद मुश्ताक अहमद ने इस विधेयक का विरोध किया और इसे गैर-इस्लामी और शरिया के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि दुष्कर्मी को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए लेकिन शरिया में कहीं नपुंसक बनाए जाने का उल्लेख नहीं है।

कई देशों में कानूनी रूप से वैध है ये प्रक्रिया

रासायनिक रूप से नपुंसक बनाना यौन क्रिया को कम करने के लिए दवाओं का उपयोग है. मीडिया की खबरों के मुताबिक, दक्षिण कोरिया, पोलैंड, चेक गणराज्य और अमेरिका के कुछ राज्यों में यह सजा का कानूनी रूप है. आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान में यौन उत्पीड़न या बलात्कार के 4 प्रतिशत से भी कम मामलों में दोषसिद्धि होती है.

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