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Nagasaki Day: मंत्री ने मनाया था हनीमून इसलिए बचा क्योटो, बलिबेदी पर चढ़ा नागासाकी, आज के दिन गिराया गया था परमाणु बम

Nagasaki after Atom Bomb Blast
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Hiroshima & Nagasaki Bombings: जानकारों के अनुसार एटम बम्ब गिराने के लिए जापान के शहरों में नागासाकी, अमेरिका (Nagasaki) की लिस्ट में काफी नीचे था।

Hiroshima & Nagasaki Bombings: आज का दिन जापान क्या विश्व का कोई भी देश नहीं भुला सकता। क्योंकि आज के दिन जापान (Japan) के शहर नागासाकी (Nagasaki) में अमेरिका ने परमाणु बम (Atom Bomb) गिराकर पूरे शहर को तबाह कर दिया था। बम गिरने से पूरे शहर के तथा आसपास के लाखों लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्द भरे अमिट घाव को आज भी नही भुलाया जा सकता। वहीं जानकारों का कहना है कि जापान के शाहरों में नागासाकी अमेरिका (Nagasaki) की लिस्ट में काफी नीचे था। इसके पहले क्योटो और कोकुरा (Kyoto And Kokura) शहर का नम्बर था लेकिन अमेरिका के एक मंत्री ने राष्ट्रपति से मिलकर उसे बचा लिया। और परमाणु बम गिरा नागासाकी में। आगे जानें पूरी कहानी;

अमेरिका ने गिराये थे दो परमाणु बम

दूसरे विश्व युद्ध (World War 2) के दौरान अमेरिका, जापान को पूरी तरह बर्बाद करने पर तुल गया था। तभी उसने वर्ष 1945 में जापान के शहरों को निशाना बनाकर 2 परमाणु बम गिराए। आज भी यह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि 6 अगस्त को अमेरिका द्वारा जापान के शहर हिरोशिमा (Hiroshima) पर दुनिया का पहला परमाणु बम गिराया गया था। इसके तीन दिन बाद 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम (Atom Bomb On Nagasaki) गिराया। इससे ये दोनों शहर बर्बाद हो गए थे और लाखों लोगों की मौत हुई।

ऐसे बचा था क्योटो

कहा जाता है कि अमेरिका 6 अगस्त को जापान के हिरोसिमा में बम गिराया। इसके 3 दिन बाद अमेरिकी वायुसेना (American Airforce) के बी-29 बमवर्षक विमान जापान के कोकुरा शहर पर परमाणु बम गिराने के लिए निकला। लेकिन इस दिन शायद कोकुरा शहर का समय अच्छा था। आसमान पर बादल होने से शहर की ठीक-ठीक लोकेशन नही मिली। बम गिराने के लिए कोकुरा शहर को छोड़ दिया गया।

क्योटो का नाम आया सामने

कहा जाता है कि जब कोकुरा शहर का नाम कैंसिल किया गया था तो ऐसे में अमेरिका द्वारा क्योटो शहर (Kyoto City) का नाम दिया गया। विमान क्योटो शहर की ओर चल दिये लेकिन फिर क्योटो भी बच गया।

क्योटो के बचने का सिर्फ एक कारण था। क्यों कि अमेरिका के तत्कालीन अमेरिकी युद्ध मंत्री हेनरी एम स्टिमसन नही चाहते थे कि क्योटो में परमाणु बम गिराया जाए। क्यों कि स्टिमसन शादी के बाद हनीमून पर क्योटो गये थे। वह नहीं चाहते थे कि जहां उनके जीवन का सबसे अहम समय जहा गुजरा था वह शहर बर्बाद हो। इसलिए कहा जाता है कि जब कोकुरा का नाम कैंसिल हुआ और क्योटो का नाम सामने आया तो वह तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रूमैन के पास गये और क्योटो (Kyoto) को बचाने की गुहार लगाई। र्ट्रूमैन उनकी बात मान गए और क्योटो का नाम हमले की निचली पंक्ति में रख दिया गया। अब तय हुआ कि अब यह बम नागासाकी में गिरेगा और फिर यही हुआ।

नगासाकी में गिरा परमाणु बम

शायद 9 अगस्त का दिन जहां कोकुरा शहर तथा क्योटो शहर के प्रबल था। तभी तो बमवर्षक विमानों की सूची में होने के बाद भी बच गये। लेकिन नागासाकी शहर का समय काफी खराब था। जिस शहर का नाम नही था वह सामने आ गया। जानकारी के अनुसार अमेरिका ने तय कर आदेश जारी किया कि अब बमवर्षक विमान क्योटो के बजाए नागासाकी जायेंगे। आदेश मिलते ही 9 अगस्त को सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर नागासाकी पर दूसरा और दुनिया का अब तक का अंतिम परमाणु बम गिरा दिया गया। शहर पूरी तरह बर्बाद हो गया।

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