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कानून सच में अंधा है: 20 साल तक जेल में रहा बेगुनाह शख्स जबतक उसके जुड़वा भाई ने अपना जुर्म कबूल नहीं किया

कानून सच में अंधा है: 20 साल तक जेल में रहा बेगुनाह शख्स जबतक उसके जुड़वा भाई ने अपना जुर्म कबूल नहीं किया
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Law is really blind: अमेरिका में रहने वाले Kevin Dugar पिछ्ले 20 साल से उस अपराध की सज़ा काट रहे थे जो उन्होंने नहीं बल्कि उनके जुड़वा भाई ने किया था

Law is really blind: वो कहते हैं ना कानून तो अंधा होता है लेकिन सिर्फ भारत ही ऐसा देश नहीं है जहां का कानून अंधा है अमेरिका में भी बेचारा कानून जन्म से अंधा था। एक शख्स अमेरिका की जेल में पिछले 20 साल से उस जुर्म की सज़ा काट रहा था जो उसने कभी किया ही नहीं। और कोर्ट ने उसकी आधी ज़िन्दगी बर्बाद करने के बाद उसे तब छोड़ा जब उसके जुड़वाँ भाई ने अपना जुर्म कबूल किया।

मतलब समझे 2 जुड़वाँ भाई थे एक ने कोई क्राइम किया और पुलिस दूसरे को आरोपी बना दी कोर्ट में बैठे जज साहेब ने भी सजा सुना दी। खैर 20 साल बाद उस बेक़सूर को रिहा कर दिया गया. लेकिन उसकी ज़िन्दगी का एक ज़रूरी वक़्त तो सलाखों के पीछे ख़त्म हो गया ना.

ये कन्फ्यूजन हुआ कैसे

अमेरिका के Kevin Dugar ही वो शख्स है जो अपने जुड़वा भाई की करतूत के कारण जेल में 20 साल कैद रहा. केविन पर आरोप लगा कि उसने 2003 में शिकागो के अपटाउन में गोलियां चलाई थीं जिसके कारण एक की मौत हो गई थी। इस जुर्म के चलते केविन को साल 2005 में 55 साल की कैद की सज़ा सुनाई गई थी।

केविन जज से कहता रहा उसने कैसा कोई जुर्म नहीं किया है, लेकिन कोई उसकी सुनने को तैयार नहीं था। केविन को खुद ये समझ में नहीं आया कि उसे इस मामले में क्यों फंसाया जा रहा है। लेकिन साल 2013 में केविन के जुड़वा भाई Karl Smith ने उसे एक चिट्ठी लिखकर अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने लिखा कि उस शूटिंग में कोई और नहीं बल्कि वो खुद था।

कार्ल की बात जज मान ही नहीं रहे थे

केविन के भाई कार्ल ने कोर्ट को खूब समझाने की कोशिश की लेकिन जज ये बात मानाने को तैयार ही नहीं थे। कोर्ट केविन को रिहा ही नहीं कर रहा था। इसके पीछे एक वजह ये भी थी के कार्ल स्मिथ पहले से 99 साल की सज़ा काट रहा था सबको ये लगा कि कार्ल जबरजस्ती ये आरोप अपने भाई को बचाने के लिए अपने ऊपर ले रहा है क्योंकी उसके पास खोने को कुछ नहीं है। लेकिन अब केविन को कोर्ट ने छोड़ दिया है। वो बेक़सूर शख्स 20 साल तक बिना कोई जुर्म किए जेल की सज़ा काटता रहा.

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