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पाकिस्तान में ईशनिंदा के नामपर सैमसंग के खिलाफ प्रदर्शन का पूरा मामला जान आप माथा पकड़ लेंगे

पाकिस्तान में ईशनिंदा के नामपर सैमसंग के खिलाफ प्रदर्शन का पूरा मामला जान आप माथा पकड़ लेंगे
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Samsung Blasphemy in Pakistan: पाकिस्तान पुलिस ने इस मामले में सैमसंग के 27 कर्मचारियों को अरेस्ट किया है

Samsung Blasphemy In Pakistan Whole Matter: पाकिस्तान के लोग अब नूपुर शर्मा के बाद सैमसंग कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों का गला काटने के लिए बोखलाए हुए हैं. मामला ईशनिंदा से जुड़ा हुआ है और पाकिस्तान की सड़को में "गुस्ताख़ ए रसूल की एक सज़ा सिर तन से जुदा" वाला फेवरेट नारा गूंज रहा है। पाकिस्तान की पुलिस ने विरोध के बाद 27 सैमसंग कर्मियों को गिरफ्तार किया है.

पाकिस्तान में सैमसंग के खिलाफ प्रदर्शन क्यों हो रहा?

Why Pakistani Are Protesting Against Samsung: बीते दिन कराची के स्टार सिटी मॉल में सैमसंग कंपनी ने एक वाईफाई डिवाइस पर कथित तौर पर ईशनिंदा करने वाले कॉमेंट किए गए. किए गए की नहीं ये भी क्लियर नहीं है. लोगों को भड़का दिया गया कि सैमसंग ने नबी की शान में गुस्ताखी की है. पाकिस्तानी भयनकर खिसिया गए और सैमसंग कंपनी की ऑफिस के बाहर जाकर प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान खुद तोड़-फोड़ हुई, तन से जुदा वाला नारा लगा. पाकिस्तानी पुलिस ने भी जांच-पड़ताल किए बिना सीधा 27 सैमसंग कर्मचारियों को अरेस्ट कर लिया.

वाईफाई कनेक्शन लगने से पैगम्बर मुहम्मद की गुस्ताखी कैसे हो गई ये बात किसी के पल्ले नहीं पड़ रही है.विरोध करने वालों का कहना है कि स्टार मॉल में जब सैमसंग ने वाईफाई इंसटाल किया तो वाईफाई में से पैगम्बर की बेज्जती की गई.

सैमसंग ने क्या कहा

इस विवाद के बाद सैमसंग ने ट्वीट करते हुए स्पष्टीकरण दिया। कंपनी ने कहा कि "सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अपने दृढ़ रुख को दोहरा रहा है कि वो धार्मिक महत्व के सभी मामलों पर निष्पक्षता बनाए रखने की कोशिश करता है. कराची में हाल के घटनाक्रम के संदर्भ में भी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अपने रुख पर कायम है कि कंपनी सभी धार्मिक भावनाओं तथा विश्वासों का काफी सम्मान करती है और इस्लाम धर्म का काफी सम्मान करती है."

27 कर्मचारी अरेस्ट और वाईफाई बंद

पुलिस को अभी मालूम ही नहीं है कि असल में हुआ क्या था, किसने किसकी निंदा कर दी कुछ मालूम नहीं है. बस 27 कर्मचारियों को पकड़ लिया है और मॉल से वाईफाई कनेक्शन उखाड़ कर थाने ले जाया गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि वाईफाई को कनेक्ट करने के लिए उसे QR Code से जोड़ा गया था.


उसी QR में पैगम्बर का अपमान किया गया है. QR एक कोड होता है उसमे कुछ लिखा नहीं होता। हो सकता है कि पाकिस्तानियों को QR Code अच्छे नहीं लगते हों.

पाकिस्तान की केंद्रीय जांच एजेंसी जांच करेगी

QR Code में पैगम्बर मुहम्मद का अपमान कैसे हो गया ये तो बहुत बड़ा जांच का विषय है. इसी लिए पाकिस्तान की केंद्रीय जांच टीम इस मामले की जांच करेगी। और साइबर क्राइम विंग उसका साथ देगी। बता दें कि पाकिस्तान में ईशनिंदा मतलब फांसी की सज़ा, वरना वहां की अवाम खुद की आरोपी को पीट-पीटकर मार देती है. खैर इस समय भारत में भी ऐसा हो रहा है जहां लोग सरे आम नबी की गुस्ताखी के नामपर गला रेते दे रहे हैं. अब उन 27 कर्मचारियों के साथ क्या होगा ये अल्ला जाने


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