विश्व

तालिबानी हुकूमत में सेफ नहीं भारतीय; काबुल से राजदूत, स्टाफ समेत 130 लोगों को लेकर जामनगर पहुंचा IAF का ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट

Aaryan Puneet Dwivedi
17 Aug 2021 12:45 PM IST
Updated: 2021-08-17 07:13:51
तालिबानी हुकूमत में सेफ नहीं भारतीय; काबुल से राजदूत, स्टाफ समेत 130 लोगों को लेकर जामनगर पहुंचा IAF का ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट
x

काबुल एयरपोर्ट, अफगानिस्तान

अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो चुका है. तालिबानियों के राज में भारतीय सुरक्षित नहीं है इस वजह से भारत सरकार ने काबुल से राजदूत और स्टाफ को वापस लाने के लिए इंडियन एयरफोर्स का ग्लोबमास्टर C17 एयरक्राफ्ट भेजा था. जिसमें 130 लोग सवार होकर भारत के जामनगर पहुँच चुके हैं.

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात से भारत सरकार चिंतित है. सरकार को भय है कि अफगान में तालिबानियों के राज में भारतीय सुरक्षित नहीं है. इस वजह से सरकार ने काबुल से राजदूत, स्टाफ और नागरिकों को तुरंत वापस लाने के लिए एयरफोर्स का ग्लोबमास्टर C17 एयरक्राफ्ट भेजा है. जिसमें सवार होकर 130 लोग इंडिया के जामनगर पहुंच चुके हैं.

भारतीय राजदूत रुदेंद्र टंडन भी इसी विमान से लौटे हैं. एयरक्राफ्ट मंगलवार की दोपहर जामनगर पहुंचा है. वहां से ये गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचेगा.


भारतीय राजदूत के साथ वापस लौटें स्टाफ और नागरिक

न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक़ इन सभी को भारत लाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई थी. सोमवार की शाम सभी की काबुल एयरपोर्ट में सुरक्षित स्थानों में पहुंचा दिया गया था. मंगलवार की सुबह सभी को वापस लाने के लिए IAF का Globemaster Aircraft काबुल भेजा गया. इसी विमान में भारतीय राजदूत रुदेंद्र टंडन, स्टाफ और अन्य नागरिकों को वापस भारत लाया गया है.

जल्द ही बाकी लोगों को लाया जाएगा

ANI के सूत्रों के मुताबिक अफगानिस्तान में फंसे बाकी भारतीय सुरक्षित इलाके में हैं और एक-दो दिन में उन्हें भी एयरलिफ्ट कर लिया जाएगा. विदेश मंत्रालय ने भी सोमवार को कहा था कि अफगानिस्तान की घटना पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे.

फ़ौरन लौटे हर भारतीय: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम जानते हैं कि अफगानिस्तान में कुछ भारतीय नागरिक हैं जो वापस लौटना चाहते हैं और हम उनके संपर्क में हैं. हम हर भारतीय से अपील करते हैं कि वे फौरन भारत लौंटे. हम अफगान सिख, हिंदू समुदायों के प्रतिनिधियों से भी लगातार संपर्क में हैं, जो लोग अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं उन्हें भारत लाने की पूरी सुविधा दी जाएगी.'

हेल्पलाइन नंबर जारी

विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर +919717785379 और ईमेल [email protected] भी जारी किए हैं.

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात से भारत सरकार चिंतित

दरअसल, तालिबानी प्रवक्ता ने पहले किसी भी देश के नागरिकों और राजदूत को नुकसान न पहुंचाने का एक वीडियो जारी किया था. लेकिन अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन में कब्जा करने के बाद जिस तरह से तालिबानी नागरिकों की हत्या कर रहें हैं और गोलीबारी कर रहें हैं, इससे भारत सरकार चिंतित है. भारत सरकार को तालिबानियों के खोखले वादे पर भरोसा नहीं है. इसलिए अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने अपने नागरिकों के साथ राजदूत और स्टाफ को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी.

अभी अमेरिकी सेना के कब्जे में है काबुल एयरपोर्ट

हांलाकि तालिबान अभी तक काबुल के एयरपोर्ट में कब्जा नहीं कर पाया है. सोमवार को काबुल एयरपोर्ट में कब्जा करने के चलते अमेरिकी सेना और तालिबानियों के बीच मुठभेड़ हुई है. साथ ही अमेरिकी सेना ने दो ऐसे तालिबानियों को एयरपोर्ट परिसर में मौत के घाट उतार दिया, जो हथियारों से लैस थें और हमला करने की फिराक में एयरपोर्ट पर दाखिल होने की कोशिश में थें. फिलहाल एयरपोर्ट अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में है.


Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

Next Story