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ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की धमकी से भड़का डेनमार्क, सैनिकों को बिना आदेश गोली चलाने की इजाजत

ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की धमकी से भड़का डेनमार्क, सैनिकों को बिना आदेश गोली चलाने की इजाजत
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डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क ने बड़ा बयान दिया है। सैनिकों को बिना आदेश जवाबी कार्रवाई की छूट, NATO की चिंता, ग्रीनलैंड का रणनीतिक महत्व और अमेरिका की पूरी योजना जानिए।
  • डेनमार्क ने चेतावनी दी: विदेशी हमला हुआ तो बिना आदेश सैनिक करेंगे जवाबी फायरिंग
  • ग्रीनलैंड पर ट्रम्प की सैन्य और आर्थिक कब्जे की धमकी से NATO में तनाव
  • अमेरिका ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा की “फ्रंट लाइन” मानता है
  • 85% ग्रीनलैंड नागरिकों ने अमेरिकी कब्जे का किया विरोध

Denmark Greenland Warning | डेनमार्क का सीधा संदेश: हमला हुआ तो तुरंत गोली चलेगी

ग्रीनलैंड विवाद को लेकर दुनिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे या उसे खरीदने जैसे बयानों के बाद डेनमार्क ने बेहद सख्त और साफ चेतावनी जारी की है। डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यदि कोई भी विदेशी ताकत उसके क्षेत्र या ग्रीनलैंड पर हमला करती है, तो सैनिकों को आदेश का इंतजार नहीं करना होगा और वे तुरंत जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

डेनमार्क का यह नियम कोई नया नहीं है। 1952 से लागू सैन्य नियम के तहत, अगर देश की संप्रभुता पर खतरा होता है तो सैनिक अपने विवेक से तुरंत हथियार उठा सकते हैं। यह नियम पहली बार 1940 में जर्मनी के हमले के दौरान लागू हुआ था, जब संचार व्यवस्था ठप होने से सैनिकों को निर्देश नहीं मिल पाए थे।

Trump Greenland Threat | ट्रम्प की धमकी से क्यों भड़का विवाद?

डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। उन्होंने साफ कहा कि केवल संधि या लीज से काम नहीं चलेगा, बल्कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर पूरा कंट्रोल चाहिए। ट्रम्प का तर्क है कि रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी के कारण यह द्वीप अमेरिका की सुरक्षा के लिए अनिवार्य बन चुका है।

व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने ग्रीनलैंड के नागरिकों को 10 हजार डॉलर से 1 लाख डॉलर तक देने की योजना पर भी विचार किया है, ताकि वे डेनमार्क से अलग होकर अमेरिका में शामिल होने को तैयार हो जाएं। यह प्रस्ताव एक बिजनेस डील के रूप में देखा जा रहा है।

NATO Crisis Greenland | NATO के लिए क्यों खतरनाक है यह विवाद?

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई NATO के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसी NATO सहयोगी पर हमला पूरे संगठन की विश्वसनीयता को खत्म कर देगा और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी सुरक्षा व्यवस्था ढह जाएगी।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सेन ने भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने सैन्य रास्ता अपनाया तो NATO का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। यूरोप के कई देशों—ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन—ने भी डेनमार्क का समर्थन किया है।

Greenland Strategic Importance | ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए इतना अहम क्यों?

ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाती है। यह उत्तर अमेरिका और यूरोप के बीच स्थित है, जिससे अटलांटिक महासागर पर नजर रखना आसान हो जाता है। यहां मौजूद अमेरिकी पिटुफिक स्पेस बेस मिसाइल चेतावनी और स्पेस मॉनिटरिंग के लिए इस्तेमाल होता है।

इसके अलावा ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ मिनरल्स, तेल और गैस के बड़े भंडार माने जाते हैं। आर्कटिक की बर्फ पिघलने से नई समुद्री व्यापारिक राहें खुल रही हैं, जिससे ग्रीनलैंड का महत्व और बढ़ गया है।

Greenland People Opinion | ग्रीनलैंड के लोग क्या चाहते हैं?

एक सर्वे के मुताबिक 85% ग्रीनलैंड नागरिक अमेरिकी कब्जे के खिलाफ हैं। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री पहले ही साफ कह चुके हैं कि “हमारा देश बिकाऊ नहीं है”। स्थानीय लोग अपनी संस्कृति, पहचान और स्वायत्तता को लेकर बेहद सजग हैं।

Military Presence Greenland | ग्रीनलैंड में कौन-कौन सी सेनाएं तैनात हैं?

ग्रीनलैंड की अपनी कोई सेना नहीं है। यहां अमेरिका के लगभग 150–200 सैनिक और डेनमार्क के करीब 150 सैन्य व नागरिक कर्मी तैनात हैं। डेनमार्क की विशेष डॉग स्लेज पेट्रोल यूनिट भी लंबे आर्कटिक इलाकों में गश्त करती है।

FAQs

ग्रीनलैंड पर डेनमार्क का अधिकार क्यों है?

ग्रीनलैंड पिछले 300 वर्षों से डेनमार्क से जुड़ा है और उसकी रक्षा व विदेश नीति डेनमार्क संभालता है।

क्या अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है?

अमेरिका ने सभी विकल्प खुले रखे हैं, लेकिन यूरोपीय देशों और NATO के दबाव के कारण सैन्य कार्रवाई बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।

ग्रीनलैंड NATO के लिए क्यों अहम है?

ग्रीनलैंड आर्कटिक क्षेत्र में स्थित है, जहां से रूस और चीन की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।

क्या ग्रीनलैंड अमेरिका में शामिल होना चाहता है?

नहीं, अधिकांश ग्रीनलैंड नागरिक अमेरिका में शामिल होने के खिलाफ हैं और अपनी स्वायत्तता बनाए रखना चाहते हैं।

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