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अब मध्य प्रदेश का विभाजन होगा, फिर बनेगा विंध्य प्रदेश : मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:15 AM GMT
अब मध्य प्रदेश का विभाजन होगा, फिर बनेगा विंध्य प्रदेश : मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी
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भोपाल. सीएम कमलनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मैहर, चाचौड़ा और नागदा को नया जिला बनाए जाने की मंजूरी दी है। अब मध्य

भोपाल. सीएम कमलनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मैहर, चाचौड़ा और नागदा को नया जिला बनाए जाने की मंजूरी दी है। अब मध्य प्रदेश में 55 जिले हो गए हैं। मैहर को जिला बनाये जाने के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए भाजपा से नाराज चल रहे मैहर के विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को धन्यवाद कहा।

नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमारी मांग पूरी कर दी। उन्होंने कहा अब मध्य प्रदेश का विभाजन होगा और विंध्य प्रदेश बनेगा। उन्होंने कहा कि अभी लग रहा है कि विंध्य प्रदेश बनना संभव नहीं है लेकिन ऐसा होगा। उन्होंने कहा कि मैहर को जिला बनाने के लिए कई पार्टी बदली और आज हमारी मांग पूरी हो गई। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि अब विंध्य प्रदेश बनाना है और इसके लिए आंदोलन जारी रहेगा। जब तक विंध्य प्रदेश नहीं बनेगा तब तक आराम से नहीं बैठेंगे।

सियासी संकट पर क्या बोले नारायण त्रिपाठी

प्रदेश में चल रही सियासी संकट पर परोक्ष रूप से अपनी ही पार्टी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 108 और 114 में अंतर होता है। इस बात को समझना चाहिए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो चुनाव कराना बंद करना पड़ेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि मामला अभी कोर्ट में है, कोर्ट का फैसला आने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।

चुनाव से पहले की थी घोषणा

मैहर को जिला बनाने की बात विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व चुनाव अभियान समिति के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी किया था। मैहर की चुनावी सभा में उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि शिवराज सिंह चौहान मैहर को जिला बनाने का वादा करती है, लेकिन तारीख नहीं बताती। हमारी सरकार बनी तो सबसे पहला जिला मैहर ही बनाया जाएगा।

बदलते रहते हैं दल

हालांकि नारायण त्रिपाठी का दल-बदल का इतिहास बहुत ही पुराना है। वह कई दलों में रह चुके हैं। सपा से लेकर कांग्रेस तक की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। कहा तो यह भी जाता है कि सतना सांसद गणेश सिंह के साथ उनकी नहीं बनती है, इसी वजह से नारायण त्रिपाठी पार्टी से नाराज हैं। कई महीनों से नारायण त्रिपाठी कमलनाथ की सरकार में अपनी आस्था दिखा रहे हैं।

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