उत्तरप्रदेश

UP में CAA के विरोध प्रदर्शन के लिए PFI ने उपलब्‍ध कराया था करोड़ों रुपए का फंड, लिस्‍ट में कई नामचीन लोग शामिल

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:12 AM GMT
UP में CAA के विरोध प्रदर्शन के लिए PFI ने उपलब्‍ध कराया था करोड़ों रुपए का फंड, लिस्‍ट में कई नामचीन लोग शामिल
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नई दिल्‍ली। CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के खिलाफ पिछले महीने हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। इसके अनुसार PFI (Popular front of india) ने दिसंबर में यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शनों के लिए 120 करोड़ रुपए का फंड उपलब्‍ध कराया था। जानकारी यह भी है कि यह पैसा कई जानी-मानी हस्तियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। 1.65 करोड़ रुपए की राशि पीएफआई कश्‍मीर PFI Kashmir के खाते में ट्रांसफर की गई। यह पूरा लेनदेन 73 बैंक खातों के जरिये किया गया था। जानकारी के अनुसार पीएफआई के नाम से कुल 27 खाते खोले गए थे। इनमें से 9 खाते एक ऐसे फाउंडेशन के हैं जो कि सीधे तौर पर PFI से जुड़ा है। इसी संगठन ने कुल 17 लोगों एवं संस्‍था के नाम पर 37 बैंक खाते खोले थे।

73 खाते खोले थे ताकि जांच एजेंसियों को चकमा दे सकें ED के सूत्रों का कहना है कि इन 73 खातों में करीब 120 करोड़ रुपया इसलिए जमा किया गया ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। यह राशि जमा करते समय खातों में थोड़ा बहुत पैसा छोड़ दिया गया था।

जिन तारीखों पर लेनदेन हुआ, उनकी हिंसक प्रदर्शनों से समानता ईडी के अनुसार पीएफआई के 15 बैंक खातों में जो ट्रांजेक्‍शन हुआ है, उनकी तारीखें उन तारीखों से मिलती हैं जब यूपी में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। सीएए के पारित होने के बाद 15 बैंक खातों में एक करोड़ रुपए से अधिक पैसा जमा किया गया। गत दिसंबर से जनवरी के बीच इन बैंक खातों से 1.34 करोड़ रुपए का आहरण भी किया गया।

PFI को लेकर सतर्क है यूपी पुलिस मालूम हो कि PFI को लेकर उत्‍तर प्रदेश की पुलिस पिछले महीने ही सतर्क हो गई थी। राज्‍य के डीजीपी ने इस संगठन को प्रतिबंधित किए जाने की भी बात कही थी। संगठन से जुड़े कई पदाधिकारियों की राज्‍य में अलग-अलग स्‍थानों से गिरफ्तारी भी की गई थी। यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शनों में पीएफआई का नाम सामने आने पर कई जांच एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। इसके बाद ईडी ने इस संगठन के खिलाफ पहले से लंबित एक मनी लॉंड्रिंग की जांच में तेजी ला दी थी। करोड़ों के फंड को लेकर आयकर विभाग भी इस मामले की पड़ताल में जुट गया। इसके चलते यह अहम खुलासा सामने आया।

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