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Umaria News : श्वेत क्रांति की योजना सिगूफा बनकर रह गई

RewaRiyasat.Com
Saroj Kumar Tiwari
06 Apr 2021

उमरिया। जिले में श्वेत क्रांति आएगी और यहां दूध की नदियां बहने लगेंगी। लेकिन यह योजना मात्र सिगूफा बनकर रह गई है। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और आज भी जिले में श्वेत क्रांति के तहत क्या हुआ किसी को कुछ नहीं पता। कुछ साल पहले कहा गया था कि जिले में श्वेत क्रांति लाने के लिए 30 दूध समितियों का गठन किया जा रहा है। प्रत्येक समिति में 21 से 30 सदस्यों को शामिल किया जाएगा, इनके आर्थिक उत्थान के लिए मप्र शासन एवं एपीसीडीएफ के संयुक्त तत्वाधान एवं कलेक्टर के विशेष प्रयासों से मिलिट्री डेयरी फार्म जबलपुर मे उपलब्ध उन्नत नस्ल की 653 दुधारू गायों, 33 ब्रिडेबल हिफर्स, 180 नान ब्रिडेबल एवं 134 काफ का वितरण महिला दुग्ध समिति के प्रगतिशील सदस्यों को उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन इस दिशा में कुछ भी नहीं किया गया।

उमरिया एवं ताला प्लांट लगाया गया

श्वेत क्रांति के लिये अधिकारियों ने जिले के दुग्ध उत्पादकों से अपील की थी कि वे महिला दुग्ध समितियां गठित कर योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जिले में श्वेत क्रांति लाने के लिए अभी तक उमरिया एवं ताला में प्लांट लगाया गया था लेकिन काम कहीं भी कुछ नहीं हुआ।

ऐसी बनाई गई थी योजना

श्वेत क्रांति के लिये  उन्नत नस्ल की दुधारू गाय 15 से 40 लीटर तक प्रतिदिन दूध दे सकेगी। दुधारू गाय हेतु 16 हजार रुपए प्रति गाय देय होगा जिसमें गाय का मूल्य 1 हजार रुपएए परिवहन लागत 3 हजार रुपए एवं पशु आहार की राशि 12 हजार रुपए सम्मिलित है। हिफर्स हेतु 8 हजार रुपए प्रति पशु मूल्य निर्धारित है जिसमें पशु का मूल्य 1 हजार रुपएए परिवहन लगात 3 हजार रुपए एवं पशु आहार 4 हजार रुपए, कार्फ हेतु 5 हजार रुपए प्रति पशु, पशु का मूल्य 1 हजार, परिवहन लागत 3 हजार, पशु आहार की राशि 1 हजार रुपए सम्मिलित है। पशु बीमा 3 वर्ष के लिए कराना अनिवार्य होगा। प्रीमियम मे से 70 प्रतिशत राशि शासन द्वारा जमा की जाएगी मात्र 30 प्रतिशत राशि हितग्राही को जमा करना होगा।

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