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VIP Number Plate Price: कितना खर्च आएगा? देखें 0001 से 9999 तक की पूरी फीस लिस्ट 2026

विषय सूची (Table of Contents)
- 1. VIP Number Plate: लग्जरी और स्टेटस का प्रतीक
- 2. आरटीओ फैंसी नंबर श्रेणियों और उनकी निर्धारित फीस 2026
- 3. ई-ऑक्शन (E-Auction) क्या है और इसमें कैसे भाग लें?
- 4. दिल्ली, यूपी, हरियाणा और अन्य राज्यों में वीआईपी नंबर की कीमतें
- 5. ऑनलाइन फैंसी नंबर बुक करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
- 6. सबसे खास नंबर '0001' की कीमत और नीलामी का इतिहास
- 7. ज्योतिष और अंकशास्त्र के अनुसार लकी नंबर कैसे चुनें?
- 8. वीआईपी नंबर प्लेट के लिए परिवहन विभाग के नए नियम
- 9. क्या पुरानी गाड़ी का वीआईपी नंबर नई गाड़ी पर ट्रांसफर हो सकता है?
- 10. विस्तृत प्रश्न-उत्तर (FAQs)
1. VIP Number Plate: लग्जरी और स्टेटस का प्रतीक
भारत में अपनी पसंदीदा गाड़ी के लिए एक खास नंबर यानी वीआईपी नंबर (VIP Number) लेना अब केवल एक जरूरत नहीं बल्कि एक स्टेटस सिंबल बन चुका है। चाहे वह '0001' हो या '0786', लोग इन नंबरों के लिए लाखों रुपये खर्च करने को तैयार रहते हैं। साल 2026 में आरटीओ (RTO) ने इन नंबरों के वितरण को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे परिवहन विभाग के पोर्टल के माध्यम से अपनी पसंद का नंबर चुन सकता है और नीलामी में भाग ले सकता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इन नंबरों की सरकारी फीस क्या है और आप इन्हें कैसे हासिल कर सकते हैं।
2. आरटीओ फैंसी नंबर श्रेणियों और उनकी निर्धारित फीस 2026
परिवहन विभाग ने फैंसी नंबरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। सुपर एलीट श्रेणी में '0001' जैसे नंबर आते हैं जिनकी बेस प्राइस 5 लाख रुपये से शुरू होती है। इसके बाद एलीट श्रेणी आती है जिसमें '0002' से '0009' तक के नंबर होते हैं, जिनकी फीस 3 लाख रुपये के आसपास होती है। अन्य लोकप्रिय नंबर जैसे '1111', '7777', या '9999' की शुरुआती बोली 1 लाख से 2 लाख रुपये के बीच होती है। सामान्य फैंसी नंबर जो थोड़े आकर्षक होते हैं, उन्हें 20,000 से 50,000 रुपये के बीच बुक किया जा सकता है।
3. ई-ऑक्शन (E-Auction) क्या है और इसमें कैसे भाग लें?
ई-ऑक्शन एक ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया है। जब एक ही नंबर के लिए एक से अधिक दावेदार होते हैं, तो परिवहन विभाग ऑनलाइन बोली (Bidding) आयोजित करता है। आपको 'Parivahan' पोर्टल पर रजिस्टर करना होता है और रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होती है। इसके बाद आप अपनी बोली लगा सकते हैं। जो व्यक्ति सबसे ऊंची बोली लगाता है, नंबर उसे आवंटित कर दिया जाता है।
4. दिल्ली, यूपी, हरियाणा और अन्य राज्यों में वीआईपी नंबर की कीमतें
वीआईपी नंबर की कीमतें राज्यों के अनुसार भिन्न होती हैं। दिल्ली में नीलामी बहुत महंगी होती है, जबकि उत्तर प्रदेश में कुछ नंबरों की फिक्स प्राइस पॉलिसी भी है। हरियाणा और पंजाब में '0001' नंबर के लिए बोलियां अक्सर 10 लाख रुपये के पार चली जाती हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में भी फैंसी नंबरों का क्रेज बढ़ा है, जहाँ लकी नंबरों के लिए विशेष नीलामी की जाती है।
5. ऑनलाइन फैंसी नंबर बुक करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
सबसे पहले 'vahan.parivahan.gov.in' पर जाएं। 'Fancy Number Booking' सेक्शन चुनें और नया यूजर अकाउंट बनाएं। अपनी पसंदीदा नंबर की उपलब्धता चेक करें। यदि नंबर उपलब्ध है, तो उसे रिजर्व करने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। यदि वह ऑक्शन श्रेणी में है, तो निर्धारित तारीख पर बोली लगाएं। जीतने पर बाकी की राशि का भुगतान करें और अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करें जिसे आप अपने डीलर को दे सकते हैं।
6. सबसे खास नंबर '0001' की कीमत और नीलामी का इतिहास
नंबर '0001' हमेशा से सबसे महंगा रहा है। कई बार वीआईपी ऑक्शन में यह नंबर 15 लाख से 30 लाख रुपये तक में बिका है। इसकी लोकप्रियता का कारण इसका 'नंबर वन' होना है। लग्जरी कारों जैसे रोल्स रॉयस, बेंटले और मर्सिडीज के मालिक अक्सर इस नंबर को प्राथमिकता देते हैं।
7. ज्योतिष और अंकशास्त्र के अनुसार लकी नंबर कैसे चुनें?
अंकशास्त्र (Numerology) के अनुसार कई लोग अपनी जन्मतिथि के जोड़ के आधार पर नंबर चुनते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी जन्मतिथि का जोड़ 9 आता है, तो आप '0009' या '4500' जैसे नंबर चुनना पसंद करेंगे। आरटीओ पोर्टल पर आप मैन्युअली नंबर सर्च करके अपनी पसंद के अंकों का संयोजन ढूंढ सकते हैं।
8. वीआईपी नंबर प्लेट के लिए परिवहन विभाग के नए नियम
2026 के नए नियमों के अनुसार, अब वीआईपी नंबर खरीदने के बाद आपको 90 दिनों के भीतर अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन उसी नंबर पर कराना अनिवार्य है। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपकी फीस जब्त कर ली जाएगी और नंबर वापस पूल में डाल दिया जाएगा। साथ ही, अब वीआईपी नंबर पर भी HSRP (High Security Registration Plate) लगाना अनिवार्य है, आप पुराने स्टाइल की फैंसी प्लेट नहीं लगा सकते।
9. क्या पुरानी गाड़ी का वीआईपी नंबर नई गाड़ी पर ट्रांसफर हो सकता है?
हाँ, भारत के कई राज्यों में 'Retention of Number' की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए आपको एक निर्धारित फीस चुकानी होती है और पुरानी गाड़ी को नया सामान्य नंबर आवंटित कर दिया जाता है, जबकि आपका पुराना वीआईपी नंबर आपकी नई गाड़ी पर ट्रांसफर हो जाता है।
10. विस्तृत प्रश्न-उत्तर (FAQs Section)
निष्कर्ष: वीआईपी नंबर प्लेट लेना अब पहले से कहीं अधिक सुलभ है। यदि आप भी अपनी गाड़ी को एक विशिष्ट पहचान देना चाहते हैं, तो आरटीओ के ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें। सही योजना और बजट के साथ आप भी अपनी पसंद का नंबर हासिल कर सकते हैं.




