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OTP खत्म! अब बिना OTP होगा ऑनलाइन पेमेंट, बैंक ला रहे ‘Silent Authentication’ टेक्नोलॉजी

Rewa Riyasat News
3 April 2026 4:30 PM IST
OTP खत्म! अब बिना OTP होगा ऑनलाइन पेमेंट, बैंक ला रहे ‘Silent Authentication’ टेक्नोलॉजी
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भारत 'साइलेंट ऑथेंटिकेशन' के साथ OTP-मुक्त पेमेंट की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसमें SIM और डिवाइस के मिलान से यूज़र्स की पहचान की जाएगी, जिससे धोखाधड़ी रुकेगी और सुरक्षा बेहतर होगी।

OTP Free Payment News: देश में डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित और आसान बनाने के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब ऑनलाइन पेमेंट के लिए OTP (वन-टाइम पासवर्ड) की जरूरत खत्म हो सकती है। बैंक और टेलीकॉम कंपनियां मिलकर ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ नाम की नई तकनीक पर काम कर रही हैं।

इस तकनीक के जरिए यूजर को कुछ भी करने की जरूरत नहीं होगी और पूरा वेरिफिकेशन बैकग्राउंड में ही हो जाएगा।

Silent Authentication Technology in India Explained

इस नए सिस्टम में यह चेक किया जाएगा कि बैंक एप में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और फोन में लगा सिम कार्ड एक ही है या नहीं। अगर दोनों मैच करते हैं, तो ट्रांजैक्शन तुरंत पूरा हो जाएगा।

लेकिन अगर सिम और नंबर मैच नहीं हुए, तो ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिससे फ्रॉड की संभावना कम हो जाएगी।

📱 सिम क्लोनिंग से बैंक फ्रॉड कैसे होता है?

🔴 क्या होता है सिम क्लोनिंग?
हैकर आपके सिम का डिजिटल डेटा (IMSI और Ki नंबर) कॉपी कर लेता है और उसी नंबर की नकली सिम बना देता है।

⚠️ स्टेप 1:
सिम का डेटा चोरी कर नए सिम में डाल दिया जाता है।

📵 स्टेप 2:
नकली सिम एक्टिव होते ही असली फोन का नेटवर्क बंद हो जाता है।

💻 स्टेप 3:
हैकर बैंक अकाउंट में लॉगिन करता है और OTP नकली सिम पर पहुंच जाता है।

💸 स्टेप 4:
OTP डालकर हैकर पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेता है।

सावधानी: अचानक नेटवर्क बंद हो जाए या सिम काम न करे, तो तुरंत बैंक और टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें।

How OTP-Free Payment Will Prevent Fraud

यह तकनीक खासतौर पर सिम क्लोनिंग और eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकने में मदद करेगी। एक्सिस बैंक के डिजिटल हेड समीर शेट्टी के अनुसार, टेलीकॉम नेटवर्क बैंक को तुरंत सिग्नल देगा अगर नंबर और डिवाइस में कोई गड़बड़ी होती है।

इससे बिना यूजर को परेशान किए ही संभावित धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।

System Will Work in Background Without User Action

इस तकनीक की खास बात यह है कि यह पूरी तरह बैकग्राउंड में काम करेगी। यूजर को OTP डालने या किसी अतिरिक्त स्टेप की जरूरत नहीं होगी।

PWC इंडिया के साइबर एक्सपर्ट के अनुसार, अब सुरक्षा सिस्टम को नेटवर्क के अंदर ही मजबूत किया जा रहा है, जिससे हैकर्स के लिए इसे तोड़ना मुश्किल होगा।

🔐 SMS OTP vs साइलेंट ऑथेंटिकेशन
OTP सिस्टम
  • 📩 बैंक OTP भेजता है
  • ✍️ ग्राहक OTP दर्ज करता है
  • ✔️ ट्रांजैक्शन पूरा होता है
नया सिस्टम (Silent Authentication)
  • 📡 बैकग्राउंड में IMEI/IMSI चेक
  • 🔍 सिम और डिवाइस ऑटो मैच
  • ⚡ मैच होते ही ट्रांजैक्शन तुरंत पूरा
⚠️ फायदा: नया सिस्टम ज्यादा सुरक्षित है, OTP की जरूरत नहीं और फ्रॉड के चांस कम।

Extra Security: Face ID and App-Based Verification

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए इसमें फेस ID, फिंगरप्रिंट और एप के अंदर ही कोड जनरेट होने जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं।

इससे मल्टी-लेयर सिक्योरिटी मिलेगी और यूजर का अनुभव भी बेहतर होगा।

RBI Rules: Two-Factor Authentication Still Mandatory

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य किया है।

इसमें पासवर्ड/पिन, OTP या ऐप कोड और बायोमेट्रिक्स जैसे विकल्प शामिल हैं। हालांकि, SMS OTP को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि नए और सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

OTP via WhatsApp and Better User Experience

नए नियमों के तहत बैंक अब OTP भेजने के लिए WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ट्रांजैक्शन फेल होने की दर कम होगी और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा।

Impact on Digital Payments in India

इस नई तकनीक से ऑनलाइन पेमेंट पहले से ज्यादा तेज, आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

ग्राहकों को बार-बार OTP डालने की झंझट से छुटकारा मिलेगा और फ्रॉड के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है।

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