टेक और गैजेट्स

मंहगे होंगे MOBILE PHONE, केंद्र सरकार ने इतने फ़ीसदी बढ़ाई GST

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:14 AM GMT
मंहगे होंगे MOBILE PHONE, केंद्र सरकार ने इतने फ़ीसदी बढ़ाई GST
x
Mobile Phone अब और महंगे होंगे। आज केंद्र सरकार ने मोबाइल पर लगने वाला GST 12 से 18 फीसदी बढ़ा दिया है। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस न

Mobile Phone अब और महंगे होंगे। आज केंद्र सरकार ने मोबाइल पर लगने वाला GST 12 से 18 फीसदी बढ़ा दिया है। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि मोबाइल फोन और स्‍पेसेफिक पार्ट्स पर जीएसटी दर को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सेल्युलर हैंडसेट पर गुड और सर्विसेज टैक्स (GST) को मौजूदा 12% से बढ़ाकर 18% करने के केंद्र के फैसले के बाद मोबाइल फोन महंगे हो जाएंगे। यह निर्णय नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित 39 वीं जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान लिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बैठक की अध्यक्षता की जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। उन्होंने शनिवार दोपहर घोषणा की, "सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मोबाइल हैंडसेट पर जीएसटी बढ़ाया जा सकता है।" MOBILE PHONE will be expensive, GST congratulated by central government

जीएसटी परिषद ने मेंटेंनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सर्विस प्रोवाइडर्स (MRO Service Providers) को राहत देते हुए जीएसटी टैक्स को 18% से घटाकर पांच फीसद कर दिया। अब किसी भी तरह की माचिस की तिल्ली पर जीएसटी की दर 12 फीसद होगी। ये सभी बदलाव एक अप्रैल, 2020 से प्रभावी होंगे।

परिषद ने वर्तमान Economic Slowdown एवं Coronavirus Impact के कारण कुछ सामानों पर टैक्स रेट में बदलाव को फिलहाल टाल दिया। GST के भुगतान में देरी पर ब्याज नेट टैक्स लायबलिटी पर लिया जाएगा। इसकी गणना एक जुलाई, 2017 से की जाएगी।

एजेंसियों ने इस हफ्ते की शुरुआत में बताया था कि जीएसटी परिषद मोबाइल फोन, जूते और कपड़ा सहित पांच क्षेत्रों के लिए कर दरों को बएउ़सकती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 39वीं बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनियाभर की अर्थव्यवस्था सुस्ती की चपेट में है और Coronavirus Impact ने इसे और गंभीर बना दिया है। इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

Next Story
Share it