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Google Chrome Gemini Update: यूज़र्स की प्राइवेसी को बड़ा खतरा, Google अब आपके फोन पर रखेगा नजर

Aaryan Puneet Dwivedi
30 Sept 2025 5:28 PM IST
Google Chrome Gemini Update 2025 Privacy Risk User Data
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Google Chrome में Gemini अपडेट और प्राइवेसी खतरे

Google Chrome में Gemini और Nano Banana अपडेट के बाद स्मार्टफोन से संवेदनशील डेटा इकट्ठा होने का खतरा। जानिए प्राइवेसी बचाने के तरीके।

Google का अब तक का सबसे बड़ा अपग्रेड: Gemini Integration

हाल ही में Google ने अपने Chrome ब्राउज़र में Gemini को जोड़ा है। कंपनी इसे अब तक का सबसे बड़ा अपग्रेड बता रही है। लेकिन Surfshark की रिपोर्ट के अनुसार, यह अपडेट यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि क्रोम और Gemini मिलकर 24 तरह का डेटा इकट्ठा करते हैं जो अन्य AI ब्राउज़र की तुलना में अधिक है।

दूसरे ब्राउज़रों से तुलना

जहां Microsoft Edge और Copilot केवल आधा डेटा ट्रैक करते हैं, वहीं Perplexity, Opera और Brave बहुत कम जानकारी इकट्ठा करते हैं। इसका मतलब है कि Chrome + Gemini उपयोगकर्ता की जानकारी सबसे ज्यादा एक्सपोज़ कर सकता है।

एक्सटेंशन और थर्ड-पार्टी का खतरा

Edge और Firefox भी AI एक्सटेंशन की सुविधा देते हैं। लेकिन इन टूल्स को इंस्टॉल करने से आपकी पर्सनल जानकारी थर्ड-पार्टी कंपनियों तक पहुंच सकती है। कई बार आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड किए गए एक्सटेंशन भी डेटा चोरी में पकड़े गए हैं।

गूगल के दावे में कितनी सच्चाई

Google का कहना है कि “Gemini केवल तभी एक्टिव होता है जब आप इसका इस्तेमाल करें।” लेकिन रिसर्च बताती है कि जैसे ही आप Gemini इस्तेमाल करते हैं, डेटा कंपनी के पास चला जाता है। Nano Banana जैसे टूल्स में भी फोटो अपलोड करने पर चेहरे की बायोमेट्रिक जानकारी, GPS लोकेशन, डिवाइस डिटेल और सोशल नेटवर्क पैटर्न जैसी जानकारी इकट्ठा होती है।

एप्पल ने उठाया कदम

Apple ने iOS 26 में Safari ब्राउज़र पर एंटी-फिंगरप्रिंटिंग टेक्नोलॉजी लागू कर दी है। लेकिन iPhone पर Chrome इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स को ऐसी सुरक्षा नहीं मिलेगी। Apple ने यूज़र्स को Chrome से बचने और Safari इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

डेटा कलेक्शन से बचने के तरीके

अगर आप Chrome में Gemini इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप कुछ सेटिंग्स बदलकर आंशिक रूप से डेटा कलेक्शन को कंट्रोल कर सकते हैं:

  • Settings > AI Innovations > Gemini in Chrome में जाकर एक्टिविटी चेक करें।
  • "Gemini Apps Activity" में जाकर डेटा सेविंग को 72 घंटे से ज्यादा न होने दें।
  • फोन की सेटिंग में लोकेशन और कैमरा परमिशन मैन्युअली कंट्रोल करें।

क्या बची है आपकी प्राइवेसी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि Gemini और Nano Banana जैसे “फ्री टूल्स” असल में मुफ्त नहीं हैं। इनका बिजनेस मॉडल यही है कि आपकी जानकारी ही असली प्रोडक्ट बन जाती है। जितना ज्यादा आप इन टूल्स का इस्तेमाल करेंगे, उतना ही ज्यादा आपका डेटा कंपनी और अन्य प्लेटफॉर्म्स के पास जाएगा।

FAQs

1. Google Chrome Gemini Update se privacy kaise bachaye?

Chrome में Gemini इस्तेमाल करते समय Settings → AI Innovations → Gemini in Chrome में जाकर एक्टिविटी चेक करें। "Gemini Apps Activity" में डेटा सेविंग लिमिट 72 घंटे रखें। लोकेशन, कैमरा और माइक्रोफोन की परमिशन मैन्युअली बंद करें। अतिरिक्त एक्सटेंशन सिर्फ भरोसेमंद स्रोत से इंस्टॉल करें।

2.Chrome me Gemini Data Collection ko rokne ka tareeka kya hai?

Gemini Data Collection को रोकने के लिए Chrome AI Innovations सेटिंग में जाकर डेटा स्टोरिंग लिमिट सेट करें। थर्ड-पार्टी एक्सटेंशन को डिसेबल करें और Auto Sync फीचर को बंद करें।

3. Nano Banana Google Photos me data safe kaise rakhein?

Nano Banana में फोटो अपलोड करते समय संवेदनशील डेटा जैसे लोकेशन और बायोमेट्रिक जानकारी शेयर न करें। Chrome में Gemini Apps Activity की एक्टिविटी को नियमित चेक करें।

4. Chrome AI Integration me kaunsa data collect hota hai?

इसमें नाम, लोकेशन, डिवाइस आईडी, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, सर्च हिस्ट्री, प्रोडक्ट इंटरैक्शन और खरीदारी रिकॉर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल होती है।

5. Chrome SmartPhone Privacy settings kaise badle?

फोन की सेटिंग में जाकर Chrome ऐप की लोकेशन, कैमरा, माइक्रोफोन परमिशन मैन्युअली कंट्रोल करें। Settings → AI Innovations → Gemini in Chrome में एक्टिविटी और डेटा स्टोरेज लिमिट बदलें।

6. Gemini Chrome Activity check kaise karein?

Chrome में Settings → AI Innovations → Gemini in Chrome → Gemini Apps Activity में जाकर आप देख सकते हैं कि किस टूल ने कितना डेटा इकट्ठा किया। डेटा लिमिट सेट करें।

7. Chrome Device ID aur Location Tracking kaise rokein?

Chrome ऐप की फोन सेटिंग में जाएं और लोकेशन सर्विस को बंद करें। डिवाइस आईडी से जुड़े ट्रैकिंग विकल्प बंद करें और VPN का इस्तेमाल करें।

8. Chrome Browsing History safe kaise rakhein?

Incognito Mode का इस्तेमाल करें और Regularly ब्राउज़िंग डेटा Clear करें। Chrome AI Settings में डेटा स्टोरेज लिमिट और Auto Sync बंद करें।

9. Chrome AI Tools Privacy settings kaise badle?

Settings → AI Innovations → Gemini in Chrome में जाकर Data Storage, Activity Limit, और Permissions को Manage करें। थर्ड-पार्टी टूल्स को Disable करें।

10. Chrome Third Party Extension risk kya hai aur kaise bachen?

थर्ड-पार्टी एक्सटेंशन आपके डेटा को ट्रैक कर सकते हैं। केवल भरोसेमंद और Verified एक्सटेंशन इंस्टॉल करें। एक्सटेंशन परमिशन चेक करें।

11. Chrome Privacy settings smartphone me kaise badle?

Settings → Apps → Chrome → Permissions में जाएं। लोकेशन, कैमरा, माइक्रोफोन की अनुमति बंद करें। Chrome AI Innovations सेटिंग में जाकर डेटा स्टोरेज लिमिट सेट करें।

12. Chrome Nano Banana AI data kaise collect karta hai?

Nano Banana Google Photos में फोटो अपलोड करते समय आपकी बायोमेट्रिक जानकारी, GPS लोकेशन, डिवाइस डिटेल और सोशल नेटवर्क पैटर्न ट्रैक करता है।

13.Chrome AI Browser user data risk kya hai?

Chrome AI Browser जैसे Gemini इस्तेमाल करने से आपका डेटा सीधे Google सर्वर पर भेजा जाता है। इसमें ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, डिवाइस आईडी और खरीदारी रिकॉर्ड शामिल होता है।

14. Chrome Data Leak prevention tips kya hain?

Auto Sync और थर्ड-पार्टी एक्सटेंशन बंद करें। Gemini Apps Activity लिमिट 72 घंटे रखें। लोकेशन, कैमरा और माइक्रोफोन परमिशन मैन्युअली बंद करें। Incognito Mode का इस्तेमाल करें।

15. Gemini Chrome Privacy Alert kya hai?

Gemini Chrome Privacy Alert तब आता है जब कोई AI टूल आपके डेटा को ट्रैक कर रहा हो। इसे Settings → AI Innovations → Gemini Activity में चेक किया जा सकता है।

16. Chrome Update Alert 2025 kya hai?

Chrome Update Alert 2025 में नए AI फीचर्स और Gemini Integration की जानकारी दी जाती है। यह चेतावनी देती है कि नए अपडेट के बाद प्राइवेसी रिस्क बढ़ सकता है।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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